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पश्चिम बंगाल: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पारा शिक्षक 70 दिनों से कर रहे हैं प्रदर्शन
राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह एक बड़ा राजनीतिक मामला बन गया है। राज्य में विपक्षी वाम मोर्चा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर पारा शिक्षकों की मांग को अनसुना करने का आरोप लगाया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Feb 2021
पश्चिम बंगाल: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पारा शिक्षक 70 दिनों कर रहे हैं प्रदर्शन
Image courtesy: Social Media

पश्चिम बंगाल में पारा शिक्षकों के एक समूह ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का एक नया तरीका अपनाया और वे मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के निकट स्थित नहर में खड़े हो गए। इस विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद यानि बुधवार से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में अनुबंध पर भर्ती शिक्षकों का एक समूह अपने हाथों में पोस्टर लेकर कालीघाट इलाके में बनर्जी के आवास के सामने स्थित नहर में खड़ा हो गया। यह बेहद कड़ी सुरक्षा वाला इलाका है।

ये शिक्षक पिछले 70 दिन से ज्यादा समय से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शहर में धरना दे रहे हैं।

बनर्जी ने हाल में बजट में पारा शिक्षकों के वेतन में सालाना तीन फीसदी वेतन वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि यह काफी नहीं है।

राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह एक बड़ा राजनीतिक मामला बन गया है। राज्य में विपक्षी भाजपा और वाम मोर्चा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर पारा शिक्षकों की मांग को अनसुना करने का आरोप लगाया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अलीपुर सुधार गृह के पास नहर के दूसरे किनारे पर सात पुलिस पिकेट स्थापित किए गए हैं।

बनर्जी के आवास के पास नहर में गश्त करने के लिए कोलकाता पुलिस आपदा प्रबंधन की दो नौकाएं भी तैनात की गई हैं।

अधिकारी ने कहा कि कालीघाट में बनर्जी के आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के आसपास नियमित रूप से तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मंगलवार को सुरक्षा में चूक हुई। वह घटना नहीं होनी चाहिए थी। हमने मुख्यमंत्री के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। हम कोई चूक नहीं कर सकते।”

कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

सात लोगों को गिरफ्तार किया गया लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया।

निम्न-प्राथमिक कक्षाओं और उच्च-प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने वाले पैरा शिक्षकों को क्रमशः 10,000 रुपये और 13,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं।
आपको बता दें कि पिछले कई सालों से ये शिक्षक वेतन वृद्धि को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है वेतन इतना कम है कि इससे घर चलना तो दूर एक व्यक्ति का निजी खर्च भी नहीं चल सकता है।  

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि “लोअर-प्राइमरी और अपर-प्राइमरी शिक्षकों को क्रमशः 25,000 रुपये और 33,000 रुपये प्रतिमाह मिलती हैं, लेकिन हमें वह राशि नहीं मिलती है। यही कारण है कि हम वेतन में बढ़ोतरी की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम वेतन में एक तार्किकता की मांग कर रहे हैं।”

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

West Bengal
teachers protest
Salary Delay
mamta banerjee

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