NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अब, हरिद्वार, उत्तराखंड में भी अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया
त्रिपुरा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाओं की एक श्रृंखला के बाद उत्तराखंड भी मामला दर्ज किया गया था।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Mar 2018
B R Ambedkar

पुलिस ने बताया कि दलित आइकन बी. आर.अम्बेडकर  की एक प्रतिमा को शुक्रवार को उत्तराखंड के हरिद्वार ज़िले के एक गांव में शरारती तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दी |त्रिपुरा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाओं की एक श्रृंखला के बाद यहाँ भी मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले, त्रिपुरा में, बीजेपी-आईपीएफटी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हाल ही में संपन्न हुई विधानसभा चुनाव में जीत के बाद, समाजवादी क्रांतिकारी व्लादिमिर लेनिन की प्रतिमा को तोड़ दिया था । राज्य बीजेपी-आईपीएफटी कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसक हमलों का साक्षी रहा है।

त्रिपुरा घटना के बाद, द्रविड़ आइकन पेरियार की एक प्रतिमा, जिन्हें  ईवी रामास्वामी के नाम से भी जाना जाता है, उसे भाजपा नेता एच.राजा के एक उत्तेजक फेसबुक पोस्ट के बाद उसे  भी क्षतिग्रस्त किया गया था ।,एक और मामले में, 6 मार्च को उत्तर प्रदेश के मेरठ ,मवाना में अज्ञात लोगों ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया था।

हरिद्वार के एक जिला अधिकारी ने कहा कि बदमाशों ने कन्हवाली(Kanhawaali) गांव में प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया,जब वहाँ अंधेरा था। निरीक्षक भगवान मेहर और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट(SDM) कौस्तुभ मिश्रा (Kaustubh Mishra)प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए मौके पर गए, जो ज़्यादातर दलित थे I

अधिकारियों ने कहा कि अम्बेडकर की मूर्ति पूर्व में भी क्षतिग्रस्त कि गई थी, उन्होंने कहा कि जिस जगह पर यह स्थापित किया गया है उस पर दो ग्रामीणों के बीच विवाद चल रहा है।

पुलिस ने कहा कि ये बर्बरता इस विवाद का परिणाम हो सकता है। अधिकारी ने कहा, "हम
शरारती तत्वों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।"

(Inputs from IANS)

(आईएएनएस से इनपुट)

 

लेनिन
भीमराव आंबेडकर
पेरियार
उत्तर प्रदेश
मूर्तियाँ

Related Stories

उप्र बंधक संकट: सभी बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, आरोपी और उसकी पत्नी की मौत

नागरिकता कानून: यूपी के मऊ अब तक 19 लोग गिरफ्तार, आरएएफ और पीएसी तैनात

आप्रवासियों का फीफा फुटबॉल विश्वकप

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

सोनभद्र में चलता है जंगल का कानून

यूपीः मेरठ के मुस्लिमों ने योगी की पुलिस पर भेदभाव का लगाया आरोप, पलायन की धमकी दी

चीनी क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार का पैकेज, केवल निजी मिलों को एक मीठा तोहफ़ा

चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण’ जेल में बंद, भीम आर्मी द्वार लोगों को संगठित करने का प्रयास जारी

डॉक्टर कफील ने कहा ऑक्सीज़न की कमी ने बच्चों की मौतों में किया था इज़ाफा

भीम आर्मी नेता के भाई की हत्या के बाद सहारनपुर में तनाव


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License