NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
अखिल भारतीय किसान सभा का उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन
आज अखिल भारतीय किसान सभा की राज्य कौंसिल के आह्वान पर राज्य भर से आये सैकड़ों किसानों ने राज्य एवं केंद्र सरकार की वादाख़िलाफ़ी के ख़िलाफ़ राजधानी देहरादून में राज्य सचिवालय पर ज़ोरदार प्रदर्शन कर राज्य के मुख्यमंत्री को 15 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन ड्यूटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रेषित किया तथा जल्द से जल्द किसानों के मुद्दे पर वार्ता की मांग की। 
न्यूज़क्लिक
28 Feb 2019
AIKS

आज अखिल भारतीय किसान सभा की राज्य कौंसिल के आह्वान पर राज्य भर से आये सैकड़ों किसानों ने राज्य एवं केंद्र सरकार की वादाख़िलाफ़ी के ख़िलाफ़  राजधानी देहरादून में राज्य सचिवालय पर ज़ोरदार प्रदर्शन कर राज्य के मुख्यमंत्री को 15 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन ड्यूटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रेषित किया तथा जल्द से जल्द किसानों के मुद्दे पर वार्ता की मांग की। राज्यभर से आये सैकड़ों किसानों ने परेड ग्राउंड में एकत्रित होकर सभा की जिसे अखिल भारतीय किसान सभा के महामंत्री व पूर्व सांसद कॉमरेड हनान मौल्ला ने सम्बोधित किया तथा राज्य कौंसिल को सफ़ल रैली के लिए बधाई दी। कॉमरेड हनान ने मोदी सरकार पर वादाख़िलाफ़ी का आरोप लगाते  हुए कहा कि जिस किसान व नौजवान के नाम पर मोदी सरकार सत्तासिन हुई उसी के साथ मोदी ने धोखा किया तथा आम जनता की सेवा करने के बजाय देश के बड़े-बड़े घरानों की सेवा में जुट गए साथ ही इस सरकार के दौरान पहले के मुक़ाबले किसानों की गंभीर समस्या बढ़ी यही कारण है कि आज प्रतिदिन लगभग 54 किसान अपनी दयनीय हालत के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।  कॉमरेड हनान ने कहा कि मोदी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन के नाम पर देश के सैनिक परिवारों के साथ धोखा किया यही कारण है कि पिछले 1400 दिनों से देश की राजधानी में भूतपूर्व सैनिक धरने पर हैं । पुलवामा के सीआरपीएफ़ के जवानों एवं अन्य सैनिकों की शहादत को याद करते हुए उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार शहीदों की आड़ में राजनीति कर रही है तथा देश का अगला आमचुनाव जीतने के फ़िराक़ में है देश की जनता मोदी एवं उनकी पार्टी भाजपा के कारनामों से भलीभांति परिचित हो चुकी है उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बाहर करे।

222.jpeg

अखिल भारतीय किसान सभा की उत्तराखण्ड राज्य कौंसिल इस प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश के किसानों की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए निम्न मांग करती है -


1. प्रदेश में मूल वृद्धि पर रोक लगाने हेतु सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मज़बूत कर सब को एक समान सस्ते राशन वितरण की व्यवस्था की जाए। 

2. किसानों को फ़सल की लागत का ड़ेढ गुना दाम मिले इस हिसाब से सभी फ़सलों का दाम तय हो, सरकार इस दाम पर ख़रीद करे या कम दाम मिलने पर भरपाई करे। आलू, चालाई, माल्टा, राजमा, कोकून, अदरक, लेहसुन आदि फसलों का समर्थन मूल्य घोषित किया जाये

3. सभी किसानों को एक बार सारे क़र्ज़ से मुक्त किया जाय, चाहे वो राष्ट्रीयकृत बैंक हो या ग्रामीण सहकारी बैंक या फिर साहूकार।

4. भूमिहीन, ग़रीब व मजौले किसानों को 60 वर्ष बाद 5000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाये।

5. जंगली जानवरों व आवारा पशुओं की समस्या का निदान किया जाय तथा नुकसान की दशा में पर्याप्त मुआवज़े की व्यवस्था की जाये।

6. गन्ने का समर्थन मूल्य 400 रुपये प्रति कुन्तल घोषित किया जाय तथा किसानों को समय से गन्ने का भुगतान सुनिशचित किया जाये।

7. लंबे समय से सरकारी भूमि, वन भूमि, ग्राम समाज, सीलिंग, भू-दान व चाय बागानों में क़ाबिज़ भूमिहीनों को मालिकाना हक़ दिया जाय। वर्ग-4 की भूमि में क़ाबिज़ जिन किसानों द्वारा निर्धारित शुल्क जमा किया जा चुका है उन्हें दस्तावेज़ उपलब्ध कराये जाएँ तथा जो ग़रीब लोग ग़रीबी के कारण अभी तक पैसा जमा नहीं कर पाए है उन्हें और समय दिया जाये। 

8. मनरेगा को खेती व पशुपालन से जोड़ा जाये तथा प्रत्येक परिवार को 250 दिन काम व 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देना सुनिशचित किया जाये। 

9. प्रदेश में चतुर्थश्रेणी के पदों की बहाली के जाये, ठेकेदारी प्रथा पर कॉलेज, स्कूलों, अस्पतालों, में नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए, उपनल व मनरेगा सहित समस्त विभागों में रिक्त पदों पर नियमित सरकारी नियुक्तियाँ की जाये। 

10. एन.आई.टी. श्रीनगर के संचालन की व्यवस्था सुनिशचित की जाये तथा सम्पूर्ण व्यवस्थाओं होने तक एन.आई.टी. के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाये। 

11. टौगिया व वन गूजरों को वनाधिकारी क़ानून के अंतर्गत मालिकाना हक़ दिया जाये। 

12. राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2018 में भूमि अधिग्रहण कानून में किये गए संसोधन को वापस लिया जाये । जिसमें बड़े- बड़े पूंजीपतियों को किसानों की भूमि मनमर्ज़ी से ख़रीदने की छूट दी गयी है।

13. आशा, आंगनवाड़ी, भोजनमाता, पी.टी.सी., ग्राम प्रहरी, आदि स्कीम वर्करों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाये, तथा प्रत्येक कामगार को न्यूनतम 18 हज़ार रुपये प्रतिमाह वेतन देना सुनिशचित किया जाये।

14. राज्य सरकार परिवहन निगम की पर्याप्त बसों की ख़रीद करे तथा प्रदेशभर में प्राइवेट वाहनों की लूट से आम जनमानस को निजात दिलायी जाये।

15. जनपद रुद्रप्रयाग में महिला एवं बालविकास में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच की जाये, आंगनबाड़ी केंद्र, नरदेव आगर(खैजवा तोक) ग्राम पंचायत त्युंखर में वर्ष 2010 से हुई अनेक गंभीर अनियमिताओं जिन्हें महिला एवं बाल विकास व जिला प्रशासन द्वारा दबाया जा रहा है, आंगनबाड़ी केंद्र खाकरा में कार्यरत आंगनबाड़ी सहायिका मंजू बहुगुणा के साथ किये गए भेद-भाव व आंगनवाड़ी केंद्र चापड़ में कई गई गंभीर अनियमिताओं की जांच की जाये तथा इस मांग को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम पंवार, दर्शनी पंवार व मंजू बहुगुणा के उत्पीड़न में शामिल ज़िला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों को दंडित किया जाए।

Uttrakhand
kisan
farmer issue
AIKS
all india kisan sabhaa
deamand of aiks in uttrakhnad

Related Stories

बच्चों को कौन बता रहा है दलित और सवर्ण में अंतर?

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

उत्तराखंड: क्षमता से अधिक पर्यटक, हिमालयी पारिस्थितकीय के लिए ख़तरा!

दिल्ली से देहरादून जल्दी पहुंचने के लिए सैकड़ों वर्ष पुराने साल समेत हज़ारों वृक्षों के काटने का विरोध

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

‘तमिलनाडु सरकार मंदिर की ज़मीन पर रहने वाले लोगों पर हमले बंद करे’

विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा


बाकी खबरें

  • Cuba
    ऋचा चिंतन
    वैश्विक एकजुटता के ज़रिये क्यूबा दिखा रहा है बिग फ़ार्मा आधिपत्य का विकल्प
    11 Jan 2022
    दुनिया को बिग फ़ार्मा के एकाधिकारवादी चलन का एक विकल्प सुझाते हुए क्यूबा मुनाफ़े से कहीं ज़्यादा अहमियत लोगों को देता है। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, राज्य से वित्त पोषित अनुसंधान को बढ़ावा देता…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,68,063 नए मामले, 277 मरीज़ों की मौत 
    11 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 2.29 फ़ीसदी यानी 8 लाख 21 हज़ार 446 हो गयी है।
  • kashi
    विजय विनीत
    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: कैसे आस्था के मंदिर को बना दिया ‘पर्यटन केंद्र’
    11 Jan 2022
    काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप सड़क के किनारे श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का न्यास सुविधा केंद्र है। यहां एक हेल्प डेस्क है, जिसके बाहर कांच के गेट पर 300 रुपये में सुगम दर्शन का पोस्टर चस्पा किया गया है।…
  • security lapse
    शिव इंदर सिंह
    “मोदी की सुरक्षा में चूक या राजनीतिक ड्रामा?” क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग! 
    11 Jan 2022
    जिला लुधियाना के नौजवान किसान जगजीत सिंह का कहना है, “पहली बात तो किसान मोदी के काफिले से करीब एक किलोमीटर दूरी पर थे। दूसरी बात उनके पास कोई हथियार नहीं थे। वह कम से कम मोदी को काले झंडे दिखा सकते…
  • Rahul and Modi
    ओंकार पूजारी
    2022 तय कर सकता है कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का भविष्य
    11 Jan 2022
    कमज़ोर कांग्रेस इतनी कमज़ोर नहीं है कि औपचारिक मोर्चे या भाजपा विरोधी ताक़तों की अनौपचारिक समझ के मामले में किसी भी अखिल भारतीय भाजपा विरोधी परियोजना से बाहर हो जाए।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License