NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
समाज
भारत
राजनीति
अम्बेडकर जयंती विशेष : हिंदुत्व के ख़तरे!
डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्वाधीनता आंदोलन और उसके बाद हमेशा स्वतन्त्रता, समता और बंधुत्व आधारित लोकतांत्रिक भारत के लिए संघर्ष किया। उनकी जयंती के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश इस महान् विचारक के मौलिक चिंतन के कुछ बेहद प्रासंगिक पहलुओं पर रोशनी डाल रहे हैं!
न्यूज़क्लिक टीम
14 Apr 2019

डॉ. भीमराव अम्बेडकर भारत के आधुनिक इतिहास की बेमिसाल शख्सियत और सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लेखक-विचारक हैं!, स्वाधीनता आंदोलन और उसके बाद, उन्होंने हमेशा स्वतन्त्रता, समता और बंधुत्व आधारित लोकतांत्रिक भारत के लिए संघर्ष किया। उनका मानना था कि हिंदू-वर्णव्यवस्था जनतंत्र और राष्ट्र निर्माण के रास्ते में बड़ी बाधा है। यही कारण है कि उन्होंने 'जातियों के विनाश' का आह्वान किया। डॉ. अम्बेडकर की जयंती (14 अप्रैल) पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश इस महान् विचारक के मौलिक चिंतन के कुछ बेहद प्रासंगिक पहलुओं पर रोशनी डाल रहे हैं!

Dr. Ambedkar
B R Ambedkar
ambedkar jaynti
save constitution
Save Democracy
Save Nation
2019 general election
2019 Lok Sabha Polls
Hindutva
Caste Atrocities
atrocities on dalits

Related Stories

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

इफ़्तार को मुद्दा बनाने वाले बीएचयू को क्यों बनाना चाहते हैं सांप्रदायिकता की फैक्ट्री?

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !

विचार: एक समरूप शिक्षा प्रणाली हिंदुत्व के साथ अच्छी तरह मेल खाती है

नहीं पढ़ने का अधिकार

इतिहास से वही डरते हैं जिनका कोई इतिहास नहीं

आख़िर यूजीसी पर शिक्षा के भगवाकरण का आरोप क्यों लग रहा है?

झारखंड : अबकी बार कुलपति ‘आतंकवादी’ करार!, नागरिक समाज में रोष 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अब छात्रसंघ खत्म


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License