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अमेरिका और सऊदी अरब के खिलाफ यमन में हज़ारों लोग सडकों पर उतरे
तीन साल पहले सऊदी अरेबिया के नेतृत्त्व के एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन ने यमन और हौथी विद्रोहियों के खिलाफ़ बमबारी शुरू कीI हौथी विद्रोहियों ने साल 2015 में एक अलोकप्रिय सरकार का तख़्ता पलट किया थाI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Mar 2018
Yemen

यमन में छिड़ा युद्ध अपने चौथे साल में दाखिल हो चुका हैI यमन के हज़ारों-हज़ार नागरिकों ने इस अंतर्राष्ट्रीय आक्रमण, जिसमें यमन के हज़ारों नागरिकों अपनी जान गवाँ चुके हैं, के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन कियाI 26 मार्च, इस युद्ध की शुरुआत की बरसी, को लोग सना के सबीन चौक में इस युद्ध को खत्म करने की माँग को लेकर इकट्ठा हुएI

तीन साल पहले सऊदी अरेबिया के नेतृत्त्व के एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन ने यमन और हौथी विद्रोहियों के खिलाफ़ बमबारी शुरू कीI हौथी विद्रोहियों ने साल 2015 में एक अलोकप्रिय सरकार का तख़्ता पलट किया थाI

यमन में युद्ध बहुत ही बुरे दौर में दाखिल हो चुकी हैI इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन की गोलाबारी से स्वास्थ और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का ढाँचा नेस्तनाबूद हो चुका हैI सऊदी द्वारा देश के सैन्य घेराव की वजह से स्थिति और भी बद्दतर हो चली है और दुनिया में सबसे बड़े स्तर पर यहाँ कॉलरा फैला है जिससे अब तक कई जानें जा चुकी हैंI

ख़बरों के मुताबिक, देश में सप्लाई किया जा रहा आधे से ज़्यादा पेय जल पीना ख़तरनाक हैI

हौथी द्वारा सऊदी अरेबिया पर किये गये हालिया राकेट हमले के संदर्भ में बात करते हुए, बड़े विद्रोही नेता सालेह अल-सम्मद ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि यह ‘सम्प्रभुता पुन:स्थापित’ करने के लिए हैI  

उन्होंने कहा, ‘तुम [सऊदी के नेतृत्त्व में बमबारी] रेड बंद करो, फिर हम अपने राकेट बंद करेंगे’ I

इस युद्ध को ‘forgotten’ (भूला हुआ) युद्ध भी कहा जाता है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक चर्चा में इसका बहुत कम ज़िक्र होता हैI लेकिन हाल ही में युद्ध बहुत ही भयानक दौर में दाखिल हो चुका है इसलिए कई पश्चिमी देश इस युद्ध से किनारा करते दिख रहे हैंI हाल ही में, जर्मनी ने इस युद्ध में संलिप्त देशों को हथियार निर्यात करना बंद कर दिया और नॉर्वे ने यूनाइटेड अरब एमिरेट्स की इस युद्ध में भागीदारी की वजह से उसके साथ हथियारों की बिक्री रद्द कर दी हैI  

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भर्त्सना के बावजूद यूनाइटेड स्टेट्स और यूनाइटेड किंगडम सऊदी को और हथियार मुहैया करवा रहे हैI यही देश इस युद्ध में अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन को तार्किक और अन्य सामग्री दे रहे हैंI

अल-सम्मद ने रैली में बताया कि, ‘अमरीकी ही इस आक्रामकता को बढ़ा रहे हैं और कई मोर्चों पर सीधे तौर पर भाग ले रहे हैं’I.

अल-सम्मद ने कहा, ‘सीनेट के रूख से साफ़ पता चलता है कि शुरू से ही यह आक्रामकता अमेरिकी और से ही था’I

तीस साल से CIA से जुड़े और Brookings Institution के एक सीनियर फेलो Bruce Riedel ने स्पष्ट किया गया कि, ‘अगर यूनाइटेड स्टेट्स और यूनाइटेड किंगडम आज रात [सऊदी अरबिया] के राजा सलमान को कहें कि ‘युद्ध ख़त्म होना चाहिए’ तो युद्ध कल खत्म हो जायेगाI बिना अमरीकी और ब्रिटिश सहायता के रॉयल सऊदी एयर फ़ोर्स काम नहीं कर सकती’I 

यमन
अमेरिका
सऊदी अरब
विरोध प्रदर्शन

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