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आंदोलन
भारत
राजनीति
भोपाल : बिजली विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़क पर उतरे बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों पर पुलिस ने रविवार को लाठी चार्ज किया।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2019
electric department bhopal
प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़क पर उतरे बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों पर पुलिस ने रविवार को लाठी चार्ज किया।

राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में बिजली विभाग में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी सुबह चिनार पार्क में जमा हुए। कर्मचारी जब अपनी मांगों को लेकर चिनार पार्क से रैली निकाल रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठियां बरसा दी। पुलिस की कार्रवाई से कर्मचारियों में रोष है और उन्होंने आगे आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय साहू ने ‘भाषा’ को बताया कि धरने पर बैठे बिजली विभाग के इन कर्मचारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्की लाठीचार्ज करनी पड़ी। उन्होंने कहा,‘‘कोई खास लाठीचार्ज नहीं हुआ।’’

साहू ने बताया कि इन प्रदर्शनकारियों को शहर के चिनार पार्क से लेकर अंबेडकर पार्क तक की अनुमति थी। इन्होंने चिनार पार्क से रैली शुरू की। अंबेडकर पार्क में कीचड़ भरा हुआ था,इसलिए अंबेडकर पार्क के बाहर दो गेट पर इन्हें रोक लिया था। वहां ये बैठे रहे। भाषण बाजी भी हुई। दो-ढाई घंटे से सड़क जाम किया गया था।’’

उन्होंने कहा कि उसके बाद ज्ञापन दिलाया गया। ज्ञापन देने के बाद भी उनको वहां से हटने के लिए समझाइश दी गई। तब भी ये लोग नहीं हटे। तब उन्हें बलपूर्वक हटाया।

साहू ने बताया, ‘‘किसी को कोई चोट नहीं लगी।’’

हालांकि, प्रदर्शन कर रहे इन कर्मचारियों का दावा है कि पुलिस प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर हमारे साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसमें कुछ लोगों को चोटें भी लगी हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा-पत्र में वचन दिया था कि उन्हें नियमित किया जाएगा। वे यहां मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनका वादा याद दिलाने के लिए आए हैं। हमारी बस एक ही मांग है कि हमें नियमित किया जाए।

इस पूरे मुद्दे पर सीपीआईएम के प्रदेश सचिव  जसविंदर सिंह का कहना है कि आउटसोर्सिंग का पूरा मुद्दा ही भष्ट्राचार से लिप्त है, कांग्रेस ने मेनीफेस्टो में वादा किया था कि वो आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित करेगी लेकिन उनके वादे भी बीजेपी सरकार की तरह ही हवा- हवाई निकले। मध्य प्रदेश में आम जनता बिजली की बढ़ती दरों से त्रस्त है लेकिन सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश में लगी है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

;MADHYA PRADESH
KAMALNATH SARKAR
workers protest
outsource karamchari madhya pradesh
CPM

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