NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार विधान सभा उपचुनाव क्या वाकई कोई नया संकेत देने वाला होगा?
ये चुनाव सिर्फ दो विधान सभा सीटों का उपचुनाव मात्र नहीं है, बल्कि यह पटना और दिल्ली में बैठी सरकारों द्वारा जनता पर थोपी गयी बेलगाम महंगाई, विकराल बेरोज़गारी, जानलेवा चौपट स्वास्थ्य व्यवस्था के संकटपूर्ण हालातों के खिलाफ खबरदार करने के लिए हो रहें हैं।
अनिल अंशुमन
27 Oct 2021
lalu

यूं तो पूरे बिहार प्रदेश में इन दिनों पंचायात चुनाव की गहमागहमी छाई हुई है, लेकिन प्रदेश के सियासी दायरों और अख़बारों से लेकर सोशल मीडिया में 30 अक्टूबर को होनेवाले दो विधान सभा सीटों का उपचुनाव की सरगर्मी कुछ ज्यादा ही है। जो कई वर्षों बाद लालू प्रसाद जी के चुनावी मैदान में उतरने से कुछ ज़्यादा ही रोचक और तीखी हो गयी है।

दरभंगा के कुशेश्वर स्थान और मुंगेर के तारापुर विधान सभा सीटों पर वहां के पूर्व जदयू विधायकों के निधन से वहां उपचुनाव होने हैं जिसमें मुख्य मुकाबला एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दल जदयू और प्रदेश के मुख्या विपक्षी दल राजद में होता दिख रहा है। वहीं इस चुनाव में महागठबंधन का तालमेल टूट जाने के कारण कांग्रेस ने भी तीनों सीटों से अपने प्रत्यशी खड़े किये हैं। इसके अलावा लोजपा (पारस विरोधी गुट) ने भी अपने उम्मीदवार खड़े किये हैं। राज्य के सभी वामपंथी दल राजद को न सिर्फ अपना सक्रीय समर्थन दिया है बल्कि अपनी पार्टी विधायकों-नेताओं की टोली लेकर राजद प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार के लिए गांव गांव कैम्प कर रहें हैं। 

महागठबंधन के टूट जाने से कांग्रेस और राजद में एक दूसरे के खिलाफ काफी तीखी प्रतिक्रियाएं जारी है। कांग्रेस का आरोप है कि राजद ने भाजपा के साथ गुपचुप गठबंधन कर उसके खिलाफ जानबूझ कर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। प्रतिउत्तर में राजद नेता लालू प्रसाद जी ने कांग्रेस प्रवक्ता को ‘भकचोन्हर’ बताते हुए कह दिया कि – क्या ज़मानत ज़ब्त कराने के लिए हम उन्हें टिकट देते। राजद नेताओं का यह भी आरोप पूर्ण बयान है कि विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को 70 सीटें देकर महागठबंधन को क्या फायदा हुआ? कई सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी अपनी ज़मानत भी नहीं बचा सके। जवाब में कांग्रेस के बिहार प्रभारी ने भी ऐलान कर दिया कि आनेवाले चुनावों में कांग्रेस अब बिहार की सभी सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी।

महागठबंधन में टूट का मामला गोदी मीडिया के लिए तो मानो मनचाही मुराद जैसी पूरी हो गयी है। जिनकी ख़बरों में क्षेत्र के मतदाताओं के सवाल सिरे से नदारद हैं और मुख्यमंत्री समेत सभी एनडीए नेताओं के चुनावी प्रचार से परोसे जा रहे हर झूठ, जुमलों और नए चुनावी घोषणाओं को ही विकास का सबसे बड़ा सच बनाकर धड़ल्ले परोसा जा रहा है। 

दूसरी ओर, विपक्ष द्वारा नितीश कुमार सरकार के साथ साथ मोदी सरकार के खिलाफ उठाये जा रहे- बेलगाम महंगाई, बेरोज़गारी, कोरोना काल सरकारी स्वास्थ्य सेवा की जानलेवा विफलता, क्षेत्र में हर साल होने वाली बाढ़ विभीषिका का समुचित निदान जैसे सवालों को बड़ी चालाकी से गायब कर राजद बनाम कांग्रेस के नोक झोंक को मसालेदार बनाया जा रहा है। जबकि कड़वी वास्तविकता यह है कि कि नितीश कुमार जी के 15 वर्षों के शासन में  एक अदद चलने लायक सड़क तक नहीं होने का अभिशाप झेल रहे दरभंगा के कुशेश्वर स्थान में अभी भी बाढ़ के जल जमाव का नज़ारा हर और दिख जाएगा।  

इसमें कोई शक नहीं है कि कई वर्षों के अंतराल पर और जेल से छूटने के बाद लालू प्रसाद जी का चुनावी प्रचार में आना मतदाताओं के लिए कितना बड़ा आकर्षण बना है। इसका अंदाजा  27 अक्टूबर को हुई उनकी चुनावी रैलियों में उमड़े जन सैलाब को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। दोनों ही जगह की रैलियों उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया कि – हमने भाजपा से कभी भी समझौता नहीं किया है। बल्कि हमने ही सबसे पहले आडवानी जी के सांप्रदायिक रथ को रोका था। एनडीए कुशासन की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने भाजपा के खिलाफ नितीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन उन्होंने जनादेश से विश्वासघात करके भाजपा की ही गोद में जाकर बैठ गए।  बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के सवाल पर केंद्र की मोदी सरकार की विफलता को निशाना बनाते हुए कहा कि मोदी सरकार देश का सबकुछ बेच रही है। रेल मंत्री रहते हुए हमने कभी भी रेल का किराया नहीं बढ़ाया था, लेकिन मोदी रोज किराया बढ़ा रहें हैं। समय ऐसा आ रहा है कि रेलवे प्लेटफार्म पर लोग तभी घुस पायेंगे जब अडानी जी को उसका भारी टैक्स चुकाएंगे। रेलवे को हमने जर्सी गाय बनाया था, अब उसे भी बेच दिया।  

दो दिन पहले तारापुर विधान सभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री नितीश कुमार की चुनावी सभा के दौरान जब युवा मतदाताओं के एक समूह ने पोस्टर लहराते हुए सभा के दौरान जब नारे लगाये कि 19 लाख रोज़गार कहां है नितीश कुमार? तो मंच से उसका कोई  सकारात्मक जवाब देने के बजाय मुख्यमंत्री ने उन पर व्यंग कर दिया।

लालू प्रसाद जी अपने बोलने के अलग अंदाज़ के लिए हमेशा ही जाने जाते हैं, इस बार भी गोदी मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया और ‘व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी’ को खूब मसाला मिल रहा है। चुनाव प्रचार अभियान में जाने से पूर्व उनके द्वारा नितीश कुमार सरकार का ‘विसर्जन कर देंगे’ का बयान मानो मुख्य चुनावी चर्चा बन गया हो। इसके खिलाफ नितीश कुमार जी की प्रतिक्रिया अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर छापी गयी कि “लालू जी चाहें तो गोली मरवा सकते हैं, बाकी कुछ कर नहीं सकते हैं”।

लालू प्रसाद जी भी कहां चुप रहने वाले थे! अपनी चुनावी सभा में उन्होंने भी कह डाला कि “हम काहें गोली मरवायेंगे, तुम अपने मर जाओगे"!

वैसे मीडिया के एक हिस्से और आम चुनावी चर्चाओं में एक बड़ी चर्चा यह भी बनी हुई है कि क्या सचमुच में कुशेश्वर स्थान और तारापुर का विधान सभा उपचुनाव कोई नया संकेत देने वाला होगा। जो भाकपा माले द्वारा राजद प्रत्यशियों के पक्ष में चलाये जा रहे चुनाव प्रचार अभियानों में जोरशोर से उठाया जा रहा है कि ये चुनाव सिर्फ दो विधान सभा सीटों का उपचुनाव मात्र नहीं है बल्कि यह पटना और दिल्ली (केंद्र) में बैठी सरकारों द्वारा जनता पर थोपी गयी बेलगाम महंगाई, विकराल बेरोज़गारी, जानलेवा चौपट स्वास्थ्य व्यवस्था के संकटपूर्ण हालातों के खिलाफ खबरदार करने के लिए हो रहें हैं। बिहार प्रदेश के इन जैसे इलाकों के पलायन जोन बने रहने और आज तक प्रवासी मजदूरों के लिए कोई राष्ट्रीय कानून नहीं बनाने के लिए भी यह सरकार जनता के कठघरे में है।

वहीं सोशल मीडिया में यह भी खूब वायरल हो रहा है कि – झूठ बोले वोटर काटे!

Bihar
Bihar bye Elections
Lalu Prashad Yadav
Nitish Kumar
RJD
Congress
jdu

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया


बाकी खबरें

  • working women
    सोनिया यादव
    ग़रीब कामगार महिलाएं जलवायु परिवर्तन के चलते और हो रही हैं ग़रीब
    03 Feb 2022
    सीमित संसाधनों में रहने वाली गरीब महिलाओं का जीवन जलवायु परिवर्तन से हर तरीके से प्रभावित हुआ है। उनके स्वास्थ्य पर बुरा होने के साथ ही उनकी सामाजिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है, इससे भविष्य में…
  • RTI
    अनुषा आर॰
    गुजरात में भय-त्रास और अवैधता से त्रस्त सूचना का अधिकार
    03 Feb 2022
    हाल ही में प्रदेश में एक आरटीआई आवेदक पर अवैध रूप से जुर्माना लगाया गया था। यह मामला आरटीआई अधिनियम से जुड़ी प्रक्रियात्मक बाधाओं को परिलक्षित करता है। यह भी दिखाता है कि इस कानून को नागरिकों के…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ये दुःख ख़त्म काहे नहीं होता बे?
    03 Feb 2022
    तीन-तीन साल बीत जाने पर भी पेपर देने की तारीख़ नहीं आती। तारीख़ आ जाए तो रिज़ल्ट नहीं आता, रिज़ल्ट आ जाए तो नियुक्ति नहीं होती। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी कोर्ट में चला जाता है। ऐसे लगता है जैसे…
  • Akhilesh Yadav
    भाषा
    लोकतंत्र को बचाने के लिए समाजवादियों के साथ आएं अंबेडकरवादी : अखिलेश
    03 Feb 2022
    सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि, "मैं फिर अपील करता हूं कि हम सब बहुरंगी लोग हैं। लाल रंग हमारे साथ है। हरा, सफेद, नीला… हम चाहते हैं कि अंबेडकरवादी भी साथ आएं और इस लड़ाई को मजबूत करें।"
  • Rahul Gandhi
    भाषा
    मोदी सरकार ने अपनी नीतियों से देश को बड़े ख़तरे में डाला: राहुल गांधी
    03 Feb 2022
    कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि एक किंग हैं, शहंशाह हैं, शासकों के शासक हैं। राहुल गांधी ने दो उद्योगपतियों का उल्लेख करते हुए सदन में कहा कि कोरोना के समय कई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License