NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
BJP के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने ही जेटली पर साधा निशाना, बोले- अर्थव्यवस्था को गड़बड़ कर दिया
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यसवंत सिन्हा ने अपनी ही पार्टी की आर्थिक नीति पर सवाल खड़े करते हुए अरूण जेटली पर जमकर निशाना साधा है।
सबरंग इंडिया
28 Sep 2017
 आर्थिक मंदी

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यसवंत सिन्हा ने अपनी ही पार्टी की आर्थिक नीति पर सवाल खड़े करते हुए अरूण जेटली पर जमकर निशाना साधा है। चंद्रशेखर सरकार और वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे सिन्हा ने कहा कि अरूण जेटली ने अर्थव्यवस्था को गड़बड़ कर दिया है।

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस में उन्होंने लिखे लेख में ये बात कही है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर मैं अब भी इसके खिलाफ नहीं बोलता हूं तो मैं अपना राष्ट्रीय कर्तव्य पूरा करने में असफल रहूंगा। बता दें कि मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के फैसलों के बाद बिगड़ी अर्थव्यवस्था पर उन्होंने चिंता व्यक्त की है।

सिन्हा ने कहा कि मुझे यह भी मालूम है कि अर्थव्यवस्था पतन की तरफ है और जो मैं कहने जा रहा हूं बीजेपी के ज्यादातर लोग जानते हैं लेकिन वे डर के चलते बोल नहीं पा रहे हैं। उन्होंने वित्त मंत्री अरूण जेटली के बारे में लिखा कि वे भाग्यशाली वित्त मंत्री हैं और वित्तीय उदारीकरण के बाद के काल में वे सबसे ज्यादा भाग्यशाली वित्त मंत्री हैं।

उन्होंने लिखा कि इस वक्त निजी निवेश काफी कम हो गया है, जो दो दशकों में नहीं हुआ। औद्योगिक उत्पादन धराशायी हो गया, कृषि संकट में है, निर्माण उद्योग जो ज्यादा लोगों को रोजगार देता है उसमें भी सुस्ती छायी हुई है। सेवा क्षेत्र की रफ्तार भी काफी धीमी है। निर्यात भी काफी घट गया है। अर्थव्यवस्था के लगभग सभी क्षेत्र गहरे संकट के दौर से गुजर रहे हैं, नोटबंदी निरंतर आर्थिक आपदा साबित हुई है। सही तरीके से सोचे बिना और घटिया तरीके से लागू करने के चलते जीएसटी ने व्यापार में उथल-पुथल मचा दी है, नए लोगों के लिए नौकरियों के नए अवसर भी नहीं बन रहे हैं।

सिन्हा ने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि उन्होंने गरीबी को करीब से देखा है। उनके वित्त मंत्री ऐसा काम करते हैं कि सभी भारतीय गरीबी को करीब से देखे।
 

 

Courtesy: सबरंग इंडिया,
Original published date:
27 Sep 2017
यशवंत सिन्हा
बीजेपी
नोटबंदी
आर्थिक मंदी
जीएसटी

Related Stories

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

नोटबंदी: वायू सेना ने सौंपा 29.41 करोड़ का बिल

जीएसटी ने छोटे व्यवसाय को बर्बाद कर दिया

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

आरएसएस के लिए यह "सत्य का दर्पण” नहीं हो सकता है

उत्तरपूर्व में हिंदुत्वा का दोगुला खेल


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License