NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलिविया में तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए जीनिन अनेज गिरफ़्तार
अनेज नवंबर 2019 से अक्टूबर 2020 तक तख्तापलट सरकार की नेता थीं जो देश में कई मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए ज़िम्मेदार था।
पीपल्स डिस्पैच
15 Mar 2021
जीनिन अनेज

बोलिविया में तख्तापलट करने वाली सरकार की नेता जीनिन अनेज को रविवार 14 मार्च को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। उन्हें 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। इन्हें और इनके साथ तख्तापलट करने वाली सरकार में काम करने वाले अन्य लोगों और सुरक्षा बलों के मुखिया को गिरफ्तार करने का आदेश बोलिविया की राजधानी ला पाज़ में एक अभियोजक ने दिया था। उन पर आतंकवाद, राजद्रोह और षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है।

ये आरोप 10 नवंबर 2019 को सशस्त्र बलों द्वारा समर्थित दक्षिणपंथी द्वारा किए गए तख्तापलट की साजिश रचने और उसे अंजाम देने से संबंधित हैं जिसने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति इवो मोरालेस को उखाड़ फेंका था और उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ खतरों और हिंसात्मक कार्रवाई के बीच उन्हें देश से भागने पर मजबूर कर दिया था।

जीनिन अनेज ने अवैध रूप से सत्ता पर कब्जा कर लिया और करीब एक साल तक बोलिविया पर उस समय तक शासन किया जब तक कि 18 अक्टूबर 2020 को हुए चुनावों में मोरालेस के मूवमेंट अगेंस्ट सोशियलिज्म (एमएएस) को जबरदस्त जीत नहीं मिल गई। अनेज के कार्यकाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था और विधि के शासन को पूरी तरह नष्ट करने के अलावा इस शासन ने तख्तापलट के विरोधियों को चुप करने और सत्ता को मजबूत करने के लिए व्यवस्थित तरीके से मानवाधिकार उल्लंघन को अधिकृत किया। इसमें सेनकाटा और सकाबा के दो नरसंहार, विरोध प्रदर्शनों का हिंसक दमन, राजनीतिक विपक्षी गतिविधियों का अत्याचार, मानवाधिकारों के उल्लंघन में शामिल सशस्त्र बलों के सदस्यों की माफी समेत अन्य मामले शामिल हैं।

इस तख्तापलट शासन ने भी अपनी नवउदार नीतियों के साथ बोलिविया की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया जो अंतरराष्ट्रीय निगमों और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का पक्षधर था। अनेज का शासन कई भ्रष्टाचार योजनाओं में भी फंसा था। इनमें COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीद के दौरान धन का धोखाधड़ी शामिल था।

इस बीच कई लोगों ने कहा है कि तख्तापलट सरकार के कई प्रमुख नेता जो आरोप का भी सामना कर रहे हैं वे भाग गए हैं। नवंबर की शुरुआत में एमएएस सरकार के कार्यभार संभालने से पहले आर्टुरो मुरिलो और रक्षा मंत्री फर्नांडो लोपेज़ जो तख्तापलट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को हिंसक रुप से कुचलने का आदेश देने के आरोपी हैं वे मियामी भाग गए।

Arturo Murillo
Bolivian Elections 2019
Bolivian Elections 2020
Bolivians against the coup
Evo Morales
human rights violations in Bolivia
Jeanine Añez
Movement Towards Socialism
US backed coup in Bolivia

Related Stories

बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया

बोलिवियाः लुइस एर्से ने राष्ट्रपति और डेविड चोकेहुआंसा ने उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया

बोलीवियाः एमएएस ने ला पाज़ में कैम्पेन हेडक्वार्टर के पास विस्फ़ोट की निंदा की

इवो मोरालेस 9 नवंबर को बोलिविया लौटेंगे

चिलीः लोगों ने भारी बहुमत से नए संविधान के मसौदे को मंज़ूरी दी

आधिकारिक घोषणा के अनुसार मूवमेंट टुवर्ड्स सोशलिज्म ने बोलीविया में ऐतिहासिक जीत दर्ज की

लुइस एर्से के नेतृत्व वाले समाजवादी बोलिविया के राष्ट्रपति चुनावों में भारी जीत की ओर

अक्टूबर में होने वाले चुनाव से बोलीविया की डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जियानीन एनेज़ हटी

'हम जिसका चाहेंगे, उसका तख़्तापलट करेंगे': एलन मस्क और बोलिविया में लोकतंत्र का ख़ात्मा

बोलोविया : आम चुनाव 18 अक्टूबर तक टले


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा
    08 Feb 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कोविड -19 के टीके का उत्पादन के बारे में बात करेंगे, टीके के निर्यात को ले के दुनिया के अलग- अलग देशों और उनके कंपनियों की नीतियों को भी समझेंगे और इन टीकों से जो बड़ा…
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : रुद्रप्रयाग में दस साल पहले प्रस्तावित सैनिक स्कूल अभी तक नहीं बना, ज़मीन देने वाले किसान नाराज़!
    08 Feb 2022
    रुद्रप्रयाग विधानसभा के जखोली विकासखंड के थाती-बड़मा गांव में 2013 में सैनिक स्कूल प्रस्तावित किया गया था मगर आज तक यहाँ सरकार स्कूल नहीं बनवा पाई है। पढ़िये न्यूज़क्लिक संवाददाता मुकुंद झा की यह…
  • Media
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ‘केंद्रीय मीडिया प्रत्यायन दिशा-निर्देश-2022’ : स्वतंत्र मीडिया पर लगाम की एक और कोशिश?
    08 Feb 2022
    यह सरकारी दिशा-निर्देश ऊपर से जितने अच्छे या ज़रूरी दिखते हैं, क्या वास्तव में भी ऐसा है? ‘‘सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता’’ या ‘जन व्यवस्था’ जितने आवश्यक शब्द हैं, इन्हें लागू करने की नीति या…
  • union budget
    सी. सरतचंद
    अंतर्राष्ट्रीय वित्त और 2022-23 के केंद्रीय बजट का संकुचनकारी समष्टि अर्थशास्त्र
    08 Feb 2022
    केंद्र सरकार आखिरकार केंद्रीय बजट में ठहरे/गिरते सरकारी राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय में स्पष्ट वृद्धि के बीच में अंतर क्यों कर रही है?
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : क्षेत्रीय दलों ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव पर जताई नाराज़गी, प्रस्ताव को बताया जनता को शक्तिहीन करने का ज़रिया
    08 Feb 2022
    महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि बीजेपी गांधी के भारत को गोडसे के भारत में बदलना चाहती है। इस लक्ष्य के लिए जम्मू-कश्मीर को प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License