NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
छात्रों के बाद शिक्षकों ने मोदी से हिसाब मांगा
मंगलवार को हजारों हज़ार शिक्षकों ने संसद मार्च किया। इसमें शिक्षकों के साथ देश के सभी राज्यों से छात्र और गैर शिक्षक स्टाफ भी शामिल हुआ।
मुकुंद झा
19 Feb 2019
Teacher Against Modi

“मोदी जी ...

नौकरियाँ खा गए अच्छे दिन आ गए

शिक्षा को बेच दिया अच्छे दिन आ  गए  

पेंशन भी खा गए अच्छे दिन आ  गए  

अंबानी अदानी कि ये सरकार नहीं चलेगी अबकी बार

सबको शिक्षा दे न सके वो सरकार निकम्मी है…”

जैसे तंज भरे नारे लगते हुए आज मंगलवार, 19 फरवरी को हजारों हज़ार शिक्षकों ने संसद मार्च किया। इसमें शिक्षकों के साथ देश के सभी राज्यों से छात्र और गैर शिक्षक स्टाफ भी शामिल हुआ। इन लोगों ने दिल्ली की सड़कों पर अपने हक-हकूक को पाने तथा शिक्षा के क्षेत्र में और देश की आम व्यवस्था में बढ़ती विकृति के खिलाफ मोदी सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। कल सोमवार को भी इन्हीं सब मुद्दों खासकर शिक्षा की बदहाली को लेकर छात्रों ने रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक मार्च किय था।

इसे भी पढ़े ;- छात्रों ने मोदी सरकार के खिलाफ पेश की चार्जशीट52633859_426015074807986_3825173679990374400_n_0.jpg

 पूर्व DUTA अध्यक्ष और DTF नेता नंदिता नारायण ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि देश सरकारी शिक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व हमले के दौर से गुजर रही है। केंद्र लगातर फंड कट और सीट कट कर रहा है। ऐसी तमाम समस्या का सामना आज शिक्षा संस्थान कर रहे हैं। इसके साथ ही लगातर अकादमिक और वैज्ञानिक विचारों पर हमला किया जा रहा है। इसके साथ ही इनके लोकतांत्रिक और समावेशी चरित्र पर भी हमला किया जा रहा है।

52688562_1007059446150496_8522163899309490176_n.jpg

DUTA और FEDCUTA के अध्यक्ष राजीव रे ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि आज ये हजारों की भीड़ मोदी सरकार उस जैसी तमाम शिक्षा विरोधी सरकार को चेतावनी है कि शिक्षा विरोधी सरकार अब नहीं चलाने वाली है। 

इन सभी गंभीर चुनौती का प्रतिरोध करने के लिए,  AIFUCTO और FEDCUTA जैसे शिक्षक संगठनों, अखिल भारतीय सेवानिवृत्त शिक्षक संगठनों, स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, अखिल भारतीय माध्यमिक टीचर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एलिमेंटरी टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन, ऑल-इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटीज एंड कॉलेजेज नॉन-टीचिंग इम्प्लॉइज, ऑल इंडिया फोरम फॉर राइट टू एजुकेशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ,AISF, AISA और अन्य छात्र संगठनों ने ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमेटी के तत्वावधान में आंदोलन के लिए एक संयुक्त फोरम का गठन किया है। आज JFME ने राज्य-स्तरीय सम्मेलनों-रैली आयोजित करने के बाद राजधानी के बीचो–बीच एक विशाल रैली का आयोजन किया। ये विशाल रैली दिल्ली के मंडी हाउस से संसद मार्ग तक गई और वहाँ जाकर एक बड़ी सभा में बदल गई। इस रैली में कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए।

52608725_365031127417621_1604308604477767680_n.jpg

सीपीआई के सचिव डी रजा, सीपीएम पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे के साथ ही काँग्रेस के नेता भी शामिल हुए।

वृंदा करात ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि इस सरकार ने ऐसा रोस्टर तैयार किया है जिससे एससी-एसटी कालेजों में प्रोफेसर नहीं बन सकेंगे। ये सरकार पूरे देश के शिक्षा का व्यापारीकरण, निजीकरण और सांप्रदायिक करण कर रही है। आज तमाम टेक्स्ट बुक को दुबारा लिखा जा रहा है और हमारे बच्चों के दिमाग में ज़हर भरा जा रहा है। इसके खिलाफ शिक्षक और छात्र जो संघर्ष कर रहे हैं उसको सीपीएम बधाई देती है। शिक्षक, छात्रों और गैर शिक्षक स्टाफ का यह गठबन्धन है। ये शिक्षा को बचाने का महागठबंधन है, जो इस सरकार को उखाड़ फेंकेगा।

 

इसे भी पढ़े ;-दिल्ली चलो : शिक्षा बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ के नारे के साथ 18 को छात्रों का दिल्ली कूच

आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडे ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि आज एक देश के रूप हमारे लिए बहुत ही शर्म की बात है जिन्हें हमारे देश का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी है, आज वो शिक्षक सड़कों पर हैं। ये सरकार उनके साथ खिलवाड़ कर रही है। इनके इस संघर्ष में हम इनके साथ हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रमोद ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा ये सरकार और भाजपा आतंकवाद जैसी घटना भी अपने स्वयं के राजनीतिक विस्तार के लिए प्रयोग कर रही है और पूरे देश में सांप्रदायिकता का ज़हर घोल रही है। जिसमें उत्तेजक हिंदुत्व के नारों से ये बहुसंख्यक हिंदुओं के शोषण की पृष्ठभूमि तैयार करते हैं। 

52586468_620131185080474_3938779954426150912_n.jpg

दिल्ली विश्वविद्यालय और कालेज कर्मचारी यूनियन का कहना है कि उन्हें 7वें वेतन आयोग के मुताबिक भत्ते नहीं मिलते हैं। पिछले कई सालो में जहाँ छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है और हमारा काम बढ़ा है लेकिन हमारे कर्मचारियों की संख्या लगातर घट रही है। आज एक कर्मचारी ढाई कर्मचारी के बराबर कार्य कर रहा है।

बंगाल से आए शिक्षक रवि राय ने बताया कि बंगाल में दीदी और देश में मोदी के आने के बाद से शिक्षा पूरी तरह से तबाह हो गई है। ये दोनों ही शिक्षा विरोधी हैं। पिछले कई सालों से स्थायी शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। TMC सरकार ने एक  नई खोज की है। इंटर्न शिक्षक जो 2 हज़ार रुपये महीने में स्कूल में पढ़ाएंगे।

52590377_293988774629062_112556416924909568_n.jpg

उन्होंने आगे कहा आज जहाँ देश में 7वां वेतन आयोग लागू हो गया है लेकिन हमें आज भी 5वें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन मिलाता है।

इस तरह से तेलंगाना से आये शिक्षकों ने कहा कि आज राज्य में दो तरह कि शिक्षा व्यवस्था चल रही है, एक मंत्री और अफसरों के बच्चों के लिए, दूसरी आम जनता के लिए। सरकार बजट में तो 6% खर्च करने कि घोषणा करती लेकिन वास्तव में वो 1 से 2% ही खर्च करती है।

52387492_763408584043354_422642833673945088_n.jpg

इसके आलावा देश के सभी क्षेत्र से आये शिक्षकों ने एक स्वर में पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग की।

आज के मार्च की मुख्य मांगें

  • 13 Point रोस्टर प्रणाली को रद्द करने तथा 200 Point रोस्टर के लिए तुरन्त अध्यादेश लाओ।
  • जी०डी०पी० का न्यूनतम 6% उच्च शिक्षा पर खर्च के लिए सुनिश्चित हो।
  • शिक्षा के साम्प्रदायीकरण पर रोक लगाओ।
  • सभी शिक्षण संस्थनो में खाली पदों को भरा जाए।
  • सभी गेस्ट और एडहॉक शिक्षकों को पक्का किया जाए।
  • सभी को पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
  • सभी शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में साफ स्वच्छ शौचालय एवं सैनिट्री नैपकिन वेंडिंग मशीन की व्यवस्था करो।

 

 

 

 

#YouthAgainstModi
#StudentsChaloDelhi
#StudentsAgainstModi
Teacher Against Modi
DTF
DUTA protest
Fedcuta
student movement
teachers protest

Related Stories

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन

पुडुचेरी विवि में 2 साल पहले के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 11 छात्रों को सज़ा

बिहार : शिक्षा मंत्री के कोरे आश्वासनों से उकताए चयनित शिक्षक अभ्यर्थी फिर उतरे राजधानी की सड़कों पर  

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने वाले सैकड़ों शिक्षक सड़क पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?


बाकी खबरें

  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Nitish Kumar
    शशि शेखर
    मणिपुर के बहाने: आख़िर नीतीश कुमार की पॉलिटिक्स क्या है...
    07 Mar 2022
    यूपी के संभावित परिणाम और मणिपुर में गठबंधन तोड़ कर चुनावी मैदान में हुई लड़ाई को एक साथ मिला दे तो बहुत हद तक इस बात के संकेत मिलते है कि नीतीश कुमार एक बार फिर अपने निर्णय से लोगों को चौंका सकते हैं।
  • Sonbhadra District
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं
    07 Mar 2022
    हाल ही में हुई इन मौतों और बेबसी की यह गाथा भी सरकार की अंतरात्मा को नहीं झकझोर पा रही है।
  • Russia Ukraine war
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: जेलेंस्की ने कहा रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, पुतिन बोले रूस की मांगें पूरी होने तक मिलट्री ऑपरेशन जारी रहेगा
    07 Mar 2022
    एक तरफ रूस पर कड़े होते प्रतिबंधों के बीच नेटफ्लिक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस ने रूस-बेलारूस में अपनी सेवाएं निलंबित कीं। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन के हवाई…
  • International Women's Day
    नाइश हसन
    जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...
    07 Mar 2022
    जब भी जंग लड़ी जाती है हमेशा दो जंगें एक साथ लड़ी जाती है, एक किसी मुल्क की सरहद पर और दूसरी औरत की छाती पर। दोनो ही जंगें अपने गहरे निशान छोड़ जाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License