NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली सरकारी स्कूल: छात्र अपने मनचाहे विषय में दाखिला ले सकेंगे!
मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि छात्रों को उनके पसंद के विषय में दाखिले को प्रथमिकता दे|
मुकुंद झा
11 Jul 2018
delhi govt schools
Image Courtesy: ScoopWoop

दिल्ली के सोनिया विहार का एक छात्र जिसने इस वर्ष ही दिल्ली के सरकारी स्कूल से 10वीं पास की है, वो 11वीं में प्रवेश को लेकर काफी परेशान था क्योंकि उसे जिस विषय में प्रवेश चाहिए, उसमें उसे दाखिला नहीं मिल रहा था। लेकिन 9 जुलाई को आये फैसले के बाद उसे उम्मीद है कि उसे मनचाहे विषय में दाखिला मिल जाएगा।

9 जुलाई की सुनवाई के दौरान के कोर्ट ने  मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि वो उन सभी छात्रों का दाखिला करे जिन्हें विभिन्न स्कूलों ने अलग-अलग कारणों से दाखिला देने से मना कर दिया है| साथ ही कहा की छात्रों को उनकी पसंद के विषय में दाखिले को प्रथमिकता दी जाए| जिस पर दिल्ली सरकार ने चार सप्ताह में इन सभी बच्चों के दाखिला करने की बात कही है।

दिल्ली  के  छात्रों को दाखिले के दौरान दिक्कतें उठानी पड़ती हैं और कई बाधाएँ लगा कर छात्रों को किस तरह से प्रवेश लेने से रोका जाता है| छात्रों को उन विषय में दाखिला नहीं मिलता जिसमें वो कि चाहते हैं| इन सब समस्याओं को लेकर ही आल इण्डिया पैरंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ट वकील अशोक अग्रवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी| इस की पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली सरकार से जबाब माँगा था, 9 जुलाई को सरकार को  जबाब दाखिल करना था।

आल इण्डिया पैरंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ट वकील अशोक अग्रवाल ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा की “न्यायालय का ये निर्देश की छात्रों को उनके पसंद के विषय में दाखिला मिले ये बहुत ही सरहनीय है, क्योंकि अभी जिस छात्र को अंग्रेजी पढ़नी है उसे अभी संस्कृत दे दी जाती है| ये फैसला स्कूल प्रशासन की मनमानी को रोकेगा”|

इस मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी। तब सरकार को स्टेट्स रिपोर्ट दायर करनी है|

दिल्ली सरकारी स्कूल
सरकारी स्कूल
दिल्ली सरकार

Related Stories

दिल्ली सरकारी स्कूल: सैकड़ों छात्र लचर व्यवस्था के कारण दाखिला नहीं ले पा रहे

दिल्ली में पानी संकट चरम पर, सरकार को समय पर कदम उठाने चाहिए

दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की माँग पर जनता की राय

दिल्ली में कक्षा 12वीं तक ईडब्ल्यूएस छात्र शिक्षा ले सकतें है?

श्रमिक अधिकार और इनके प्रति सरकारों का बर्ताव

महाराष्ट्र सरकार के स्कूलों को निजी हाथों में देने के फैसले के खिलाफ उठ रही है आवाज़े

कैग रिपोर्ट: दिल्ली सरकार ने लक्षित लोगो की मदद की जगह फिजूलखर्ची की

सरकारों के लिए न्यूनतम मज़दूरी बस कागज़ी बातें हैं

कैग रिपोर्ट पर दिल्ली सरकार ने सफाई दी और साथ ही उप राज्यपाल पर भी निशान साधा

बवाना आगः अवैध फैक्ट्री ने ली मज़दूरों की जान


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    सीवर में मौतों (हत्याओं) का अंतहीन सिलसिला
    01 Apr 2022
    क्यों कोई नहीं ठहराया जाता इन हत्याओं का जिम्मेदार? दोषियों के खिलाफ दर्ज होना चाहिए आपराधिक मामला, लेकिन...
  • अजय कुमार
    अगर हिंदू अल्पसंख्यक हैं, मतलब मुस्लिमों को मिला अल्पसंख्यक दर्जा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं
    01 Apr 2022
    भाजपा कहती थी कि मुस्लिमों को अल्पसंख्यक कहना तुष्टिकरण की राजनीति है लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार के सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे ने इस आरोप को खुद ख़ारिज कर दिया।  
  • एजाज़ अशरफ़
    केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं
    01 Apr 2022
    जब आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी कहती हैं कि लोकतंत्र ख़तरे में है, तब भी इसमें पाखंड की बू आती है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: क्या कुछ चर्चा महंगाई और बेरोज़गारी पर भी हो जाए
    01 Apr 2022
    सच तो ये है कि परीक्षा पर चर्चा अध्यापकों का काम होना चाहिए। ख़ैर हमारे प्रधानमंत्री जी ने सबकी भूमिका खुद ही ले रखी है। रक्षा मंत्री की भी, विदेश मंत्री की और राज्यों के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    श्रीलंका में भी संकट गहराया, स्टालिन ने श्रीलंकाई तमिलों की मानवीय सहायता के लिए केंद्र की अनुमति मांगी
    01 Apr 2022
    पाकिस्तान के अलावा भारत के एक और पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में भारी उथल-पुथल। आर्थिक संकट के ख़िलाफ़ जनता सड़कों पर उतरी। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का इस्तीफ़ा मांगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License