राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्र और कर्मचारी सड़क पर संघर्ष करने को मजबूर हैंI उनका कहना है यह शिक्षा नीति के बजाय कारोबार नीति है, जिसका मक़सद न सिर्फ़ शिक्षा को बाज़ार की ओर धकेलना है, बल्कि भारत में सस्ती शिक्षा मुहैया कराने वाले संस्थानों को भी बर्बाद करना हैI जेएनयू में फ़ीस वृद्धि इसका ताज़ा उदाहरण हैI
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्र और कर्मचारी सड़क पर संघर्ष करने को मजबूर हैंI उनका कहना है यह शिक्षा नीति के बजाय कारोबार नीति है, जिसका मक़सद न सिर्फ़ शिक्षा को बाज़ार की ओर धकेलना है, बल्कि भारत में सस्ती शिक्षा मुहैया कराने वाले संस्थानों को भी बर्बाद करना हैI जेएनयू में फ़ीस वृद्धि इसका ताज़ा उदाहरण हैI
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