NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसानों ने एक बार फिर किया दिल्ली का रुख़, 26 को 'कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस'
दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान 26 जून की बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहे हैं। इस दिन इन मोर्चों के सात महीने पूरे हो रहे हैं और किसान इसे 'कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस' के रूप में मनाएंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Jun 2021
kisan march

नयी दिल्ली: दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन को सात महीने पूरे होने पर 26 जून को होने वाले 'कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस' के लिए बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों से पहुंचने लगे हैं। यूपी और राजस्थान समेत सभी राज्यों से किसानों के बड़े जत्थे एक बार फिर दिल्ली के बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले साल लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन के 26 जून को सात महीने पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के किसानों सहित बड़ी संख्या में कृषकों के दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल होने की उम्मीद है।

एसकेएम ने बयान में कहा गया है कि सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान 26 जून की तैयारी कर रहे हैं और वे इसे 'कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस' के रूप में मनाएंगे।

पिछले साल सितंबर में लागू किए गए केंद्रीय कानूनों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे 40 किसान संघों के सामूहिक संगठन ने कहा, 'पूरे देश में 26 जून को 'कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस' के रूप में मनाने की तैयारी चल रही है।'

किसान नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डालकर कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनकी मांग है कि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए एक नया कानून बनाया जाए।

बयान में कहा गया, 'ग्रामीण किसान मजदूर समिति (जीकेएस) के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा काफिला राजस्थान के गंगानगर से शाहजहांपुर सीमा के लिए रवाना हुआ है। इसी तरह, बीकेयू (टिकैत) के नेतृत्व में बागपत और सहारनपुर के किसानों के गाजीपुर बॉर्डर पर आने की उम्मीद है।'

बयान में कहा गया है कि 26 जून को देश भर में किसान, यूनियनों के नेतृत्व में कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

बृहस्पतिवार को विभिन्न विरोध स्थलों पर किसानों ने 15 वीं शताब्दी के भारतीय कवि और संत कबीर दास की जयंती मनाई।

एसकेएम ने बयान में कहा, 'सांप्रदायिक सद्भाव इस आंदोलन की पहचान है और गुरुवार को संत कबीर की जयंती बड़े सम्मान के साथ मनाई गई।'

बयान में कहा गया है कि किसान 'सामाजिक बहिष्कार और विभिन्न स्थानों पर भाजपा व सहयोगी दलों के नेताओं को काले झंडे दिखाते हुए विरोध' जारी रखे हुए हैं।

किसान 2022 के विधानसभा चुनाव में सोच समझ कर फ़ैसला करेंगे : नरेश टिकैत

मेरठ: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मेरठ से दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के लिये किसान ट्रैक्टर रैली की शुरुआत करते हुए शुक्रवार को कहा कि किसान कृषि कानूनों को लेकर अपनी मांग माने जाने तक “घर वापसी” नहीं करेंगे और अब 2022 के चुनाव में भी सोच-समझ कर फैसला लेंगे।

मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा से किसान ट्रैक्टर यात्रा के दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर रवाना होने से पहले किसानों को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा, “किसान अपनी मांगे माने जाने तक घर वापसी को तैयार नही हैं। कृषि कानूनों की वापसी के लिए किसानों ने करो या मरो का संकल्प लिया है और किसान कृषि कानूनों को वापस कराकर रहेंगे।

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में उन्होंने कहा, “किसान अब 2022 के चुनाव में भी सोच-समझ कर फैसला करेंगे। आंदोलन जारी रहेगा और गाजीपुर बॉर्डर पर 26 (जून) को होने वाली किसान महापंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।”

इस दौरान किसानों की ट्रैक्टर यात्रा देखने लायक थी। जिसके चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई और मोदीपुरम,कंकरखेड़ा, बागपत बाईपास से परतापुर तक लंबा जाम लग गया।

किसानों के हौसले को देखकर साफ़ कहा जा सकता है कि इतने लंबे आंदोलन के बाद भी उनकी ऊर्जा कायम है और वे और भी लंबी लड़ाई को तैयार हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

farmers march
agricultural crises
Sanyukt Kisan Morcha

Related Stories

बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए

खेती गंभीर रूप से बीमार है, उसे रेडिकल ट्रीटमेंट चाहिएः डॉ. दर्शनपाल

‘हमें पानी दो, वरना हम यहां से नहीं हटेंगे’: राजस्थान के आंदोलनरत किसान

संसद में किसानों की मांग उठाने के लिए सांसदों को 'पीपल्स व्हिप' जारी किया गया : एसकेएम

आंदोलन के 200 दिन पूरे; किसानों ने कहा मोदी नहीं, जनता ही जनार्दन है

किसान आंदोलन: रेप की घटना एक बार फिर किसानों के संघर्ष को बदनाम करने का हथियार बन रही है!

क्या सरकार किसान आंदोलन को बलपूवर्क खत्म करने की ओर बढ़ रही है?

किसान मई में संसद तक पैदल मार्च करेंगे: संयुक्त किसान मोर्चा

बिहार में पहली किसान महापंचायत की तैयारी  ज़ोर-शोर से शुरू

किसान आंदोलन के 90 दिन: सरकार का अड़ियल रुख और किसानों के बुलंद हौसले


बाकी खबरें

  • fertilizer
    तारिक अनवर
    उप्र चुनाव: उर्वरकों की कमी, एमएसपी पर 'खोखला' वादा घटा सकता है भाजपा का जनाधार
    04 Feb 2022
    राज्य के कई जिलों के किसानों ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा संचालित केंद्रों पर डीएपी और उर्वरकों की "बनावटी" की कमी की वजह से इन्हें कालाबाजार से उच्च दरों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 5 लाख के पार
    04 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,49,394 नए मामले सामने आए और 1,072 मरीज़ों की मौत हुई है। देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • SKM
    रौनक छाबड़ा
    यूपी चुनाव से पहले एसकेएम की मतदाताओं से अपील: 'चुनाव में बीजेपी को सबक़ सिखायें'
    04 Feb 2022
    एसकेएम ने गुरुवार को अपने 'मिशन यूपी' अभियान को फिर से शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा कि 57 किसान संगठनों ने मतदाताओं से आगामी यूपी चुनावों में भाजपा को वोट नहीं देने का आग्रह किया है।
  • unemployment
    अजय कुमार
    क्या बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ने से बेरोज़गारी दूर हो जाएगी?
    03 Feb 2022
    बजट में पूंजीगत खर्चा बढ़ जाने से क्या बेरोज़गारी का अंत हो जाएगा या ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही बात कह रही है?
  • farmers SKM
    रवि कौशल
    कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा
    03 Feb 2022
    मोर्चा ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार भी किसानों की आय को दुगुना किये जाने का उल्लेख नहीं किया है क्योंकि कई वर्षों के बाद भी वे इस परिणाम को हासिल कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License