NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हरियाणा: यूनियन का कहना है- नाकाफी है खट्टर की ‘सौगात’, जारी रहेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल
8 दिसंबर से जारी हड़ताल की कार्रवाई के चलते राज्य भर के सभी 22 जिलों में लगभग 26,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा है।
रौनक छाबड़ा
31 Dec 2021
protest
8 दिसंबर से राज्य भर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शनों को आयोजित किया जा रहा है। चित्र साभार – सीटू हरियाणा/फेसबुक।

नई दिल्ली: हरियाणा में हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने गुरूवार को कहा कि हमारी राज्यव्यापी हड़ताल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को एक दिन पहले सभी महिला कर्मियों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा करने के लिए मजबूर कर दिया, जो आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।

यह फैसला गुरूवार सुबह आयोजित हुई एक ऑनलाइन बैठक में लिया गया, जिसमें इस हड़ताल की अगुआई कर रहे यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 8 दिसंबर से जारी इस हड़ताल की कार्रवाई के चलते राज्य भर के 22 जिलों में लगभग 26,000 आंगनबाड़ी केन्द्रों का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।

सीटू से संबंधित हरियाणा आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन की महासचिव, शकुंतला ने गुरुवार को न्यूज़क्लिक को बताया कि “यह हड़ताल कम से कम 5 जनवरी तक जारी रहने वाली है।” उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकार के अधिकारियों को नोटिस भेज दिया गया है।

यह पूछे जाने पर कि विरोध में शामिल यूनियनों के बीच में गुरुवार की बैठक में और क्या-क्या फैसले लिए गए, शकुंतला ने कहा कि 5 जनवरी को करनाल जिले में एक राज्यव्यापी रैली की जाएगी।

यह फैसला चंडीगढ़ में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की यूनियनों के द्वारा उठाई गई मांगों पर हुई वार्ता के एक दिन पहले लिया गया है। बातचीत में मुख्यमंत्री खट्टर भी मौजूद थे।

शकुंतला ने न्यूज़क्लिक को बताया कि “वर्तमान में हड़ताल का नेतृत्व कर रही सभी तीनों यूनियनों की राय में इस हड़ताल को जारी रखना चाहिए क्योंकि राज्य सरकार ने अभी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सभी मांगों को स्वीकार नहीं किया है।”

हरियाणा में 52,000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, जिन प्रमुख मांगों पर लगातार दबाव बना रही हैं उनमें उनके मानदेय में बढ़ोत्तरी को अमली जामा पहनाना है, जिसकी घोषणा पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 2018 में की गई थी।

प्रेस बयान के मुताबिक, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए क्रमशः 1500 रूपये और 750 रूपये की वृद्धि को मंजूरी दी गई थी। इसके साथ यह परिकल्पना की गई थी कि इससे समूचे देश में छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ-साथ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषक खुराक सहित अन्य विकास सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से एकीकृत बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस) से संबद्ध 27 लाख महिलाएं भी लाभान्वित होंगी।

हालांकि, उपरोक्त वेतन वृद्धि को अभी तक हरियाणा में लागू नहीं किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जिन्हें आधिकारिक तौर पर स्वंयसेवक माना जाता है, वे मासिक मानदेय पाने की हकदार हैं, जो कि वर्तमान में हरियाणा में क्रमशः 12,000 रूपये और 6,000 रूपये बनता है।

वहीँ दूसरी तरफ, हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने इसे नए साल का तोहफा बताते हुए अपने राज्य में महिला कार्यकताओं के लिए कई आर्थिक प्रोत्साहनों की घोषणा की है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 1 लाख रूपये और सहायिकाओं के लिए 50,000 रूपये का सेवानिवृत्ति लाभ भी शामिल है।

इसके साथ ही सितंबर 2020 से 400 रूपये और सितंबर 2021 से 450 रूपये मासिक मानदेय में वृद्धि की भी घोषणा की गई। इसके अलावा, आधिकारिक सरकारी बयान के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के दौरान अग्रिम मोर्चे पर तैनात सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1000 रूपये की प्रोत्साहन राशि और साथ ही 2019-20 और 2020-21 की बकाया राशि का भी भुगतान किया जायेगा।

सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू)- हरियाणा ईकाई की सुरेखा ने गुरुवार को न्यूज़क्लिक को बताया कि बुधवार को की गई अधिकाँश घोषणाओं में “कुछ भी नई बात नहीं” कही गई थी”

उनका कहना था, “मानदेय में बढ़ोत्तरी वाली प्रमुख मांग [पीएम मोदी के द्वारा 2018 की घोषणा के मुताबिक] को अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। इसके साथ ही उनका कहना था कि ‘पोषण ट्रैकर’ ऐप से संबंधित चिंताओं को भी अभी तक हल नहीं किया गया है।

‘पोषण ट्रैकर’ नामक ऐप को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लाभार्थियों की पोषण संबंधी स्थिति में सुधार लाने के लिए पूरक पोषण को प्रदान करने में रियल-टाइम निगरानी को सुनिश्चित करने हेतु एवं इन सेवाओं के त्वरित निरीक्षण और प्रबंधन के लिए रियल-टाइम जानकारी को प्रदान करने के लिए तैयार किया गया था।

अतीत में हरियाणा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस मोबाइल एप्लीकेशन के अनिवार्य इस्तेमाल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया था। बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी सरकारी कामकाज के लिए कार्यकताओं को मोबाइल फोन दिए जाने की घोषणा की थी।

इन फैसलों के बारे में पूछने पर, शकुंतला इस बात से सहमत थीं कि सीएम खट्टर द्वारा की गई घोषणाओं से राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की आर्थिक स्थिति “कुछ हद तक” कम हो सकती हैं, लेकिन उनका कहना था कि ये नाकाफी हैं। अन्य बातों के अलावा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका यूनियनें इस बात से भी नाखुश हैं कि सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति हासिल करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लिखित परीक्षा के माध्यम से गुजरना होगा।

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Haryana: Khattar’s ‘Gift’ Not Enough, Anganwadi Workers’ Strike to Continue, Says Union

Anganwadi Workers and Helpers Union
Haryana
strike
Centre of Indian Trade Unions
Manohar Lal khattar

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

आंगनवाड़ी की महिलाएं बार-बार सड़कों पर उतरने को क्यों हैं मजबूर?

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे

हरियाणा की 20,000 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करनाल में करेंगी रैली

MSP की कानूनी गारंटी ही यूपी के किसानों के लिए ठोस उपलब्धि हो सकती है


बाकी खबरें

  • modi in america
    अनिल सिन्हा
    विश्लेषण: मोदी की बेचारगी से भरी अमेरिका यात्रा
    27 Sep 2021
    भारत की कूटनीति की ऐसी पराजय पहली बार हुई है कि दुनिया के किसी देश की नज़र इस ओर नहीं है कि उसकी क्या राय है।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन : 10 महीने बाद
    27 Sep 2021
    किसान संगठनों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिल कर 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। इसके मद्देनज़र, न्यूज़क्लिक की इस वीडियो में हम बता रहे हैं कि पिछले साल 3 विवादित कृषि क़ानूनों के लागू…
  • Save Tree
    सत्यम कुमार
    'विनाशकारी विकास' के ख़िलाफ़ खड़ा हो रहा है देहरादून, पेड़ों के बचाने के लिए सड़क पर उतरे लोग
    27 Sep 2021
    हरिद्वार रोड स्थित जोगीवाला से पेसिफिक गोल्फ सिटी तक, मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है। इस काम के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े 30 साल से भी अधिक पुराने 2200 पेड़ों को…
  • ILO
    दित्सा भट्टाचार्य
    आईएलओ: दुनिया के सिर्फ आधे कर्मियों के पास ही उनकी शिक्षा के मुताबिक नौकरियां उपलब्ध 
    27 Sep 2021
    उच्च एवं उच्च-मध्यम-आय वाले देशों में सभी रोजगारशुदा लोगों में से करीब 20% लोग उद्योग की जरूरत से कहीं ज्यादा शिक्षित हैं। निम्न-मध्यम-आय के देशों के लिए इस अनुपात में हिस्सेदारी करीब 12.5% है, जबकि…
  • bharat bandh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों के ‘भारत बंद’ का दिख रहा है देशभर में व्यापक असर
    27 Sep 2021
    किसानों के इस बंद को मज़दूरों ने भी अपना समर्थन दिया। देश के वाम दलों ने भी इसका पूरा समर्थन किया है और वो देशभर में सड़कों पर उतरे हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी भारत बंद के साथ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License