NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
पाकिस्तान में गिरफ़्तार किए गए मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता मंज़ूर पश्तीन
पेशावर के शाहीन टाउन से पुलिस ने 26 जनवरी यानी रविवार को देशद्रोह के आरोप में मंज़ूर पश्तीन को गिरफ्तार किया।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jan 2020
 मंज़ूर पश्तीन

पाकिस्तान में पश्तून तहफ्फुज़ मूवमेंट (पीटीएम) के एक प्रमुख कार्यकर्ता मंज़ूर पश्तीन को पेशावर के शाहीन टाउन में पुलिस ने 26 जनवरी यानी रविवार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। पीटीएम के मोहसिन दावर के अनुसार पश्तीन को सताए गए पश्तून समुदाय के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

पीटीएम 6 फरवरी को अपने नेता अरमान लोनी की पुण्यतिथि पर बलूचिस्तान प्रांत में एक विशाल जन सभा आयोजित करने जा रहा है।

पश्तीन ने इससे पहले 12 जनवरी को पश्चिमोत्तर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इसी तरह की भीड़ की अगुवाई की थी जहां स्थानीय लोगों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया था। उन्होंने देश में पश्तून समुदाय के लिए न्याय की मांग की थी।

अली वज़ीर, मोहसिर दावर और मंज़ूर पश्तीन की अगुवाई में पीटीएम पाकिस्तान में पश्तून के लोगों के मानवाधिकार उल्लंघन, असाधारण कार्रवाई और इलाक़ा छोड़ने के लिए मजबूर करने के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसने पूर्व के जनजातीय क्षेत्रों में खनन को रोकने और पश्चिमोत्तर बेल्ट के लिए अधिक स्वायत्तता की भी मांग की है।

PTM.jpg

स्थानीय अनुमानों के अनुसार पिछले दस वर्षों में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों के लगभग 30,000 लोगों को जबरन इलाक़ा छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है। पीटीएम के नेताओं ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों पर पश्तूनों के ख़िलाफ़ लगातार मानवाधिकारों के उल्लंघन में शामिल होने का आरोप लगाया। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने पहले कहा था कि देश के चार प्रांतों से 1,532 लोग लापता हैं। ये संख्या ख़ैबर पख्तूनख्वा और गिलगित बलिस्तान में ज़्यादा है।

साल 2017 में पेशावर के दारा इस्माइल खान में पीटीएम की नींव रखने के बाद पश्तीन मशहूर हुए। उन्होंने 13 जनवरी 2018 को पुलिस अधिकारी राव अनवर द्वारा नकीबुल्लाह मेहसूद की हत्या के खिलाफ मुहिम चलाया और अस्थिर दक्षिण वज़ीरिस्तान में होने वाली ग़रैक़ानूनी हत्याओं को समाप्त करने की मांग की। तब से पीटीएम पश्तून के मांगों पर ध्यान दिलाने के लिए पाकिस्तान भर में बड़े पैमाने पर रैलियां कर रहा है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Human rights activist
Manzoor Pashteen
Pakistan
Pashteen Arrested in Pakistan
human rights violation

Related Stories

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री निर्वाचित

कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...

इमरान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए पाक संसद का सत्र शुरू

पकिस्तान: उच्चतम न्यायालय से झटके के बाद इमरान ने बुलाई कैबिनेट की मीटिंग

पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का ख़म्याज़ा समय से पहले चुनाव कराये जाने से कहीं बड़ा होगा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के पीछे क्या कारण हैं?


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    'सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों' के साथ तालमेल बिठाता रूस  
    13 Mar 2022
    व्लादिमीर पुतिन की पहली प्राथमिकता यही है कि वह ख़ुद को अपने लोगों के प्रति जवाबदेह बनाये रखें।
  • voting
    स्पंदन प्रत्युष
    विधानसभा चुनाव: एक ख़ास विचारधारा के ‘मानसिक कब्ज़े’ की पुष्टि करते परिणाम 
    13 Mar 2022
    पंजाब में सत्ता विरोधी लहर ने जहां कांग्रेस सरकार को तहस-नहस कर दिया, वहीं उत्तर प्रदेश में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस पहेली का उत्तर मतदाताओं के दिमाग पर असर डालने वाली पार्टी की विचारधारा की भूमिका में…
  • सोनिया यादव
    विधानसभा चुनाव 2022: पहली बार चुनावी मैदान से विधानसभा का सफ़र तय करने वाली महिलाएं
    13 Mar 2022
    महिला सशक्तिकरण के नारों और वादों से इतर महिलाओं को वास्तव में सशक्त करने के लिए राजनीति में महिलाओं को अधिक भागीदार बनाना होगा। तभी उनके मुद्दे सदन में जगह बना पाएंगे और चर्चा का विषय बन पाएंगे।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में हिन्दुत्व की जीत नहीं, ये नाकारा विपक्ष की हार है!
    12 Mar 2022
    देश के सबसे बड़े राज्य-यूपी में भाजपा की सत्ता में दोबारा वापसी को मीडिया और राजनीति के बड़े हिस्से में 'हिन्दुत्व' की जीत के तौर पर देखा जा रहा है. क्या यह सच है? क्या यह यूपी में विपक्ष का…
  • cpim
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा
    12 Mar 2022
    माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से 2.80 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों के खाते में पहुंचने वाली 425 करोड़ की छात्रवृत्ति, मात्र 206 छात्रों के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License