NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जज लोया केस में प्रशांत भूषण और दुष्यंत दवे ने कोर्ट में अपनी बात रखी
PILका मकसद सरकार को चनौती देना है और ये साबित करना है कि सरकार अपना काम पूरी निष्ठा और निष्पक्षता से नहीं कर रही है I
विवान एबन
10 Mar 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
loya case

8 मार्च को सीनियर काउंसिल दुश्यन्त दवे ने जज लोया की मौत के मामले में बॉम्बे लॉयर्स अस्सोसियेशन की तरफ से अपनी बात रखी I इसके बाद वकील प्रशांत भूषण ने सेंटर फॉर PIL की तरफ से अपनी बात शुरू की I दवे ने अपनी बात शुरू करते हुए उत्तरदाताओं के द्वारा दिए गए तर्कों को नकारते हुए कहा कि उनके द्वारा दी गयी कई प्रस्तुतियों के बावजूद उत्तरदाता उनपर न तो कोई जवाब दे पाए हैं और न ही उनकी बात के संधर्भ ने कुछ रहे हैं I उन्होंने फिर महाराष्ट्र सरकार के द्वारा दिए गए जाँच के आदेश को चुनौती देते हुए तीन मुख्य मुद्दों पर सवाल किये ; जाँच की टाइमिंग, सरकार द्वारा पेटीशन की खिलाफत , जाँच रिपोर्ट में अस्पष्टता और रिपोर्ट के अंतरविरोध I

दवे ने कहा कि राज्य सरकार ने इस जाँच का आदेश “CARAVAN” के लेख आने के दो दिन बाद दिया I उन्होंने जाँच के आदेश दिए जाने के मकसद पर सवाल किया, ये आरोप लगते हुए कि जाँच इसीलिए शुरू की गयी है जिससे कोई स्वतंत्र जाँच की माँग न करे I बंधुआ मुक्ति मोर्चा वी.यूनियन ऑफ़ इंडिया का संधर्भ देते हुए सीनियर काउंसिल ने कहा कि PIL विरोधात्मक नहीं है, बल्कि उसका मकसद सरकार को चनौती देना है और ये साबित करना है कि सरकार अपना काम पूरी निष्ठा और निष्पक्षता से नहीं कर रही है I इस आधार पर अगर सरकार इस बात से अस्वस्थ है कि जाँच ठीक ढंग से की गयी है तो एक स्वतंत्र जाँच का विरोध क्यों कर रही है ? इसके आलावा जाँच रिपोर्ट के दिए जाने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार ने न तो रिपोर्ट के निष्कर्षों को न स्वीकार किया है और न ही उनसे इनकार किया है I

रिपोर्ट के अंतविरोधों पर सवाल उठाते हुए दवे ने कहा कि जाँच कमीशन को भेजे गए पत्र का जवाब उसी दिन भेज दिया गया था, जबकि जाँच कमीशन जिस जानकारी की माँग कर रहा था उसे कुछ ही घण्टों में नहीं जुटाया जा सकता I उन्होंने आगे ये सवाल किया कि बॉम्बे हाई कोर्ट  के चीफ जस्टिस को जज लोया के पुत्र द्वारा तथाकथित तौर पर जो पत्र भेजा गया था उसे कोर्ट में पेश किया जाए I

वकील प्रशांत भूषण ने अपनी बात शुरू करते हुए जज लोया की ECG रिपोट पर सवाल खड़े किये I उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट की जाँच पद्मश्री डॉक्टर उपेंद्र कॉल द्वारा की गयी है , जिनके द्वारा लिखी गयी राय में कहा गया है कि ये रिपोर्ट उस व्यक्ति की नहीं लगती जिसे एक या 2 घंटे पहले हार्ट अटैक हुआ हो I भूषण ने Histopathology रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आर्टलरियों के सिकुड़ने और दिमाग में रक्त संकुलन के बावजूद दिल और उसके आस पास के टिशु बिलकुल ठीक दिखाई पड़ रहे हैं I ये हार्ट अटैक के केस में नहीं होता क्योंकि , हार्ट अटैक में दिल का एक हिस्सा मर जाता है, जो रिपोर्ट में दिखाई पड़ता I

जज लोया केस
महाराष्ट्र सरकार
बीजेपी
अमित शाह
प्रशांत भूषण
दुशंत दवे

Related Stories

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

दूध उत्पादकों के सामने आखिरकार झुकी महाराष्ट्र सरकार

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

आरएसएस के लिए यह "सत्य का दर्पण” नहीं हो सकता है

उत्तरपूर्व में हिंदुत्वा का दोगुला खेल

अशोक धावले : मोदी सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे किसान विरोधी सरकार है


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 35,178 नए मामले, 440 मरीज़ों की मौत
    18 Aug 2021
    राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 मरीजों के ठीक होने की दर 97.52 प्रतिशत दर्ज की गई, जो मार्च 2020 के बाद सबसे अधिक है।
  • रोसम्मा थॉमस
    बाल अधिकार आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का परीक्षण किया, अल्पसंख्यक समूह की अगले क़दम की योजना
    18 Aug 2021
    "....ऐसा पाया गया कि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों या स्कूलों में जो बच्चे दाख़िल थे, वे दूसरे बच्चों की तरह सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे क्योंकि उनके शिक्षण संस्थानों को आरटीई के प्रावधानों से…
  • सूहीत के सेन 
    उत्तर प्रदेश में दरवाज़े पर पुलिस की दस्तक ही बन गया है जीवन
    18 Aug 2021
    उत्तर प्रदेश में पुलिस को छूट देना अल्पसंख्यकों और वंचितों पर ज़ुल्म ढा कर उन्हें हाशिए पर डालने और डराने की रणनीति है, ताकि उन्हें राज्य में राजनीतिक रूप से बेमानी बना दिया जाए।
  • Revenue
    प्रभात पटनायक
    घर-परिवार और राज्य: राजस्व घाटे से जुड़े भ्रमों के पीछे क्या है?
    18 Aug 2021
    किसी को यह लग सकता है कि राजकोषीय घाटे के लिए वित्त, देश में ही रहने वालों से ऋण लेकर जुटाना संभव ही कहां है? अपने देश के निवासियों के पास इतनी ‘बचतें’ ही कहां होंगी जो सरकार को कर्जा दे सकें। लेकिन…
  • jewellery makers
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    स्वर्ण उद्योग की चमक पड़ी फीकी; कारीगर अब बेच रहे सब्ज़ी, बने फेरी वाले
    18 Aug 2021
    महामारी के दौरान एमएसएमई क्षेत्र की आभूषण ईकाइयां, जो अनुमानतः देश में मौजूद पांच लाख आभूषण इकाईयों के लगभग 60% हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं, सबसे बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License