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उत्पीड़न
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राजनीति
जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार
जोधपुर में मंगलवार को हुए उपद्रव के सिलसिले में 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि शहर में बुधवार को लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू जारी रहा। जोधपुर मुख्यमंत्री गहलोत का गृह नगर भी है, जहां हालात पर नजर रखने के लिए आला अधिकारियों के साथ लगभग 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जोधपुर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद हैं।
भाषा
04 May 2022
jodhpur
चित्र साभार: एनडीटीवी

जोधपुर में मंगलवार को हुए उपद्रव के सिलसिले में 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि शहर में बुधवार को लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू जारी रहा। पुलिस ने दावा किया है कि शहर में हालात नियंत्रण में हैं।

जोधपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी में कहा गया है कि अब तक 97 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, मंगलवार रात से स्थिति नियंत्रण में है और कोई नई अप्रिय घटना नहीं हुई।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अभय कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हवा सिंह घुमरिया मंगलवार को यहां पहुंचे। जोधपुर मुख्यमंत्री गहलोत का गृह नगर भी है जहां हालात पर नजर रखने के लिए आला अधिकारियों के साथ लगभग 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जोधपुर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं।

दोनों मंत्री व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी शहर में डेरा डाले हुए हैं।

हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने वहां कर्फ्यू लगा दिया गया और लोगों से घरों के भीतर रहने की अपील की गई थी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके गृहनगर जोधपुर पहुंचे गृहराज्य मंत्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि घटना में घायल तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि 12-15 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

शहर के दस थाना क्षेत्रों- उदयमंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागोरी गेट, खांडा फलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर, सूरसागर व सरदारपुरा में मंगलवार को दोपहर एक बजे से बुधवार, चार मई की मध्यरात्रि तक कर्फ्यू के आदेश हैं।

इस विवाद की शुरुआत सोमवार को आधी रात के बाद हुई जब कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने शहर के एक चौराहे पर स्थापित स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर धार्मिक झंडा लगाया।

वहां पथराव भी हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। नियंत्रण कक्ष की ओर से कहा गया है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।

कर्फ्यू के कारण जोधपुर में फीका रहा जश्न

जोधपुर में हुई हिंसक घटनाओं ने भाईचारे का संदेश देने वाले इस त्योहार का जश्न फीका कर दिया। कर्फ्यू ने ईद के उत्सव में खलल डाल दी।

गौरतलब है कि कोविड के कारण पिछले दो साल ईद का जश्न फीका-फीका सा रहा, मस्जिदों में ज्यादा संख्या में लोगों के जमा होने और बड़ी दावतें करने पर भी पाबंदी रही थी। लेकिन इस साल संक्रमण की दर कम होने के मद्देनजर प्रशासन द्वारा पाबंदियों में ढील दी गई थी।

जोधपुर की घटनाओं पर संरा प्रवक्ता का बयान

ईद से पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विभिन्न समुदाय के लोग साथ मिलकर काम करेंगे और भारत सरकार तथा सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी अपने त्यौहार आदि शांतिपूर्वक मना सकें।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहनगर जोधपुर में मंगलवार को ईद से कुछ घंटे पहले सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया जिसके कारण मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ी और शहर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।

महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने मंगलवार को कहा, “हमें उम्मीद है कि विभिन्न समुदाय साथ मिलकर काम करेंगे और सरकार तथा सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी अपने त्यौहार और अन्य गतिविधियां शांतिपूर्वक मना सकें।” 

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