NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कला
रंगमंच
भारत
राजनीति
कोबरापोस्ट स्टिंगः बॉलिवुड हस्तियां पैसे लेकर राजनीतिक दलों का प्रचार करने को तैयार
शक्ति कपूर ने नौ महीने के लिए 9 करोड़ की मांग की जबकि विवेक ओबेरॉय ने प्रति महीने 80 लाख रुपए की मांग की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Feb 2019
कोबरा पोस्ट

 

कोबरापोस्ट के एक स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया है कि बालीवुड की कई मशहूर हस्तियां पैसे लेकर किसी भी राजनीतिक दल का सोशल मीडिया पर प्रचार करने को तैयार हैं। इस ऑपरेशन में क़रीब तीन दर्जन सितारे ऐसा करने को तैयार हैं। ज्ञात हो कि पिछले साल कोबरापोस्ट ने मीडिया घरानों का स्टिंग कर उसके कार्यशैली का पर्दाफाश किया था।

#OperationKaraoke नाम के एक रिपोर्ट में इस ग़ैर-लाभकारी वेबसाइट ने खुलासा किया कि ये बॉलीवुड हस्तियां इस वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले "माहौल बनाने में मदद करने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अनुकूल संदेश पोस्ट करके राजनीतिक दलों का समर्थन करने के लिए तैयार थीं।"

प्रचार के लिए जिन हस्तियों ने मदद करने की सहमति दी उनमें शामिल हैं पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य, कैलाश खेर, मीका सिंह और बाबा सहगल। अभिनेता में जैकी श्रॉफ,शक्ति कपूर, विवेक ओबेरॉय, सोनू सूद, अमीषा पटेल, महिमा चौधरी, श्रेयस तलपड़े, पुनीत इस्सार, सुरेंद्र पाल, पंकज धीर और उनके बेटे निकितिन धीर, टिस्का चोपड़ा,दीपशिखा नागपाल, अखिलेंद्र मिश्रा, रोहित रॉय, राहुल भट, सलीम जैदी, राखी सावंत, अमन वर्मा, हितेन तेजवानी और गौरी प्रधान, एवलिन शर्मा, मिनिषा लांबा, कोएना मित्रा,पूनम पांडे, सनी लियोन शामिल हैं। हास्य कलाकार में राजू श्रीवास्तव, सुनील पाल, राजपाल यादव, उपासना सिंह, कृष्ण अभिषेक और विजय ईश्वरलाल पवार शामिल हैं। वहीं कोरियोग्राफर गणेश आचार्य और नृत्यांगना भावना सेठ हैं।

हालांकि वेबसाइट ने यह उल्लेख किया है कि कुछ हस्तियां जैसे विद्या बालन, अरशद वारसी, रज़ा मुराद और सौम्या टंडन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

स्टिंग ऑपरेशन के लिए कोबरापोस्ट के पत्रकारों ने फ़र्जी पहचान बताई और दिल्ली से बाहर स्थित एक जाली पीआर एजेंसी का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया। वेबसाइट का कहना है कि इन मशहूर हस्तियों से एक सरल और सीधा सवाल किया गया था कि क्या आप ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर राजनीतिक पार्टी का प्रचार करने के लिए तैयार हैं? इन हस्तियों में से अधिकांश को इस प्रस्ताव को लेकर कोई हिचक नहीं थी।

ज्यादातर मामलों में जिन राजनीतिक दलों को समर्थन देने के लिए कहा गया उनमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (आप) थी जबकि कुछ मामलों में कांग्रेस पार्टी थी। इन हस्तियों से ज्यादातर एजेंटों के माध्यम से संपर्क किया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक़, इन हस्तियों ने करोड़ों रुपए की मांग कीः

उदाहरण स्वरूप महिमा चौधरी ने एक मैसेज के लिए 1 करोड़ रुपए की मांग की। “बीजेपी तो कुछ भी दे सक्ती है। वह एक महीने में एक करोड़ दे सकती है।” उन्होंने कहा।[..] फीस से संतुष्ट नहीं हूं हम उनके टेबल पर रख देंगे। [सोनू] सूद ने एक महीने के लिए 2.50 करोड़ रुपए की मांग की।

वहीं शक्ति कपूर ने 9 महीनों के लिए 9 करोड़ रुपए की मांग की जबकि विवेक ओबेरॉय 80 लाख रुपए प्रति महीने के हिसाब से लेने को तैयार हुए।

बीजेपी की अगुवाई वाली मोदी सरकार ने यह भ्रम पैदा किया कि नोटबंदी से कालेधन के लेन-देन पर अंकुश लगेगा लेकिन इस स्टिंग ऑपरेशन के दौरान यह भी ध्वस्त हो गया। इन सितारों में अधिकांश कैश यानी कालेधन के रुप में अपनी फीस लेना चाहते थें। वे "सफेद" धन के रुप पैसा लेने में असहज थें।

रिपोर्ट के अनुसार:

ऑपरेशन काराओके फिर से हमें याद दिलाता है कि फिल्मी दुनिया में कुछ भी नहीं बदला है। ये सभी सितारे नकद में अपनी फीस का बड़ा हिस्सा लेने को तैयार हैं। यहां तक कि कुछ चाहते हैं कि बेहतर होता कि वे सभी नकद में भुगतान कर पाएं। उदाहरण स्वरूप मिनिषा लांबा चाहती थीं कि उनकी फीस पूरी तरह से कैश में दी जाए। उन्हें उस वक़्त निराशा हुई जब उन्हे पता चला कि उनकी फीस का कम से कम 20 प्रतिशत सफेद राशि के तौर पर भुगतान किया जाएगा। इस पर वह चकित हो गईं और कहा कि, "लेकिन आपने मुझे बोला था कि सारा कैश होगा"। उनकी तरह अमन वर्मा भी केवल कैश चाहते थें। उन्होंने कहा, "मुझे कैश में सारा पैसा मिल जाए तो बेहतर होगा।" बीजेपी के एक अन्य समर्थक पंकज धीर ने भी कैश में फीस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कैश में "मैं बहुत सहज हूं क्योंकि चेक मुझे बोझिल लगता है।"

भट्टाचार्य जिन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों को मौका देने को लेकर करण जौहर और महेश भट के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था और ट्विटर पर एक महिला पत्रकार से दुर्व्यवहार करने के मामले में मुंबई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था वे भी इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साही थें।

उन्होंने उत्तेजक वीडियो बनाने की पेशकश की जो दर्शकों के खून को खौला देगा: "वो मेरा वीडियो लीजिए आप स्टेटमेंट लाइव ... पांच-पांच मिनट तीन-तीन चार मिनट के खुन खैलाने वाला वीडियो लीजिए"।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गयाः

जब वे रोहिंग्या के बारे में बात करते हैं तो मुस्लिमों के प्रति उनका नफरत सामने आता है। रोहिंग्या पर काफी विवादित बयान देने वाले बीजेपी विधायक का जिक्र करते हुए वे कहते हैं "ये इसने बहुत अच्छा किया था राजा सिंह भी मेरे पास आते हैं हैदराबाद से बीजेपी के एमएलए राजा सिंह बिलकुल वहां के योगी हैं।" उसने बोला था न रोहिंग्या को इतना क्यों दे रहे हो सीधे गोली मार दो। बाहर जाते हैं तो ठीक है वरना गोली मार दो। तो वो एटिट्यूड होना चाहिए… नहीं मैं बोलूंगा रोहिंग्या को गोली मार दो जो सपोर्ट करते हैं उनको गोली मार दो पहले उनको मारो बाद में उनको मारो।" हां, हमें आपसे इस तरह के बयानों की आवश्यकता होगी, हम उसे बताते हैं, और जब चुनाव आते हैं, तो ऐसे मुद्दे गंभीर बहस का विषय बन जाते हैं। मान लीजिए कि काला धन और जीएसटी एक मुद्दा बन जाए। भट्टाचार्य ने कहा, ''नहीं, जीएसटी को मैं एक अच्छा गाना बना दूंगा ना एक अच्छा गाना बना दूंगा।"

 

ऑपरेशन काराओके की पूरी रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक पर देखी जा सकती है: यहाँ देखे

Operation Karaoke
Cobrapost Investigation
bollywood
demonetisation
black money

Related Stories

पत्रकारिता में दोहरे मापदंड क्यों!

भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत : नहीं रहे हमारे शहज़ादे सलीम, नहीं रहे दिलीप कुमार

कार्टून क्लिक : विदा...अलविदा

कल इरफ़ान, आज ऋषि...दो दिन में डूब गए दो सितारे

इरफ़ान की मौत हमें और तन्हा कर गई...

‘हमारी फिल्मों का ‘ऑस्कर’ वाला ख्व़ाब’!

बायस्कोप : डॉ श्रीराम लागू; एक महान रंगकर्मी, जिनकी फ़िल्मों ने उनके साथ न्याय नहीं किया

दुनिया और हिंदुस्तान का सिनेमा : मैजिक टॉर्च से विज़ुअल इफ़ेक्ट तक 

ज़ायरा, क्रिकेट और इंडिया


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License