NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
क्या इस देश में भाजपा नहीं भीड़तंत्र का राज लौट आया है?
झारखंड के सरायकेला जिले में चोर बताकर तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा पिटाई कर दी गई थी। बाद में उनकी मौत हो गई। हफ्ते भर से कम समय में भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की यह तीसरी बड़ी घटना है। 
अमित सिंह
24 Jun 2019
तबरेज

झारखंड में भीड़ द्वारा की गई पिटाई से घायल युवक शम्स तबरेज की मौत हो गई है। बीते मंगलवार की शाम झारखंड के सरायकेला जिले के धातकीडाह गांव के पास 24 वर्षीय तबरेज को कुछ लोगों ने मोटरबाइक चुराने के नाम पर घेर लिया था। 

बाद में एक खंभे से बांध कर सात घंटों तक उसकी बुरी तरह पिटाई की गई। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान उससे कथित रूप से जबर्दस्ती जय श्रीराम और जय हनुमान के नारे भी लगवाए गए थे। युवक की पिटाई का एक वीडियो सोशल साइट पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि तबरेज अंसारी को बिजली के खंभे में बांध कर पीटा जा रहा है।

न्यूज़क्लिक से बातचीत में सरायकेला के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने तबरेज की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया है कि 18 जून को सरायकेला थाना क्षेत्र के धातकीडीह गांव में चोर बताकर युवक की पिटाई की गई थी। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने चोरी के आरोप में युवक को गिरफ्तार कर 19 जून को जेल भेज दिया था।

कार्तिक एस ने बताया, 'जेल में युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। सदर अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन कर तबरेज अंसारी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।'

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस पूरे मामले में एक व्यक्ति पप्पू मंडल को हिरासत में लिया गया है। बाकी की तलाश की जा रही है। पिटाई को लेकर 100 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार युवक के खिलाफ लिंचिंग की धारा भी लगाई गई है। 

आपको बता दें कि तबरेज खरसावां थाना क्षेत्र के कदमाडीहा गांव के रहने वाले थे। उनकी पत्नी द्वारा शाइस्ता ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि तबरेज, जमशेदपुर से खरसावां लौट रहे थे। इस बीच धातकीडाह में भीड़ ने उनसे नाम पूछा और चोरी का आरोप लगाकर पिटाई की। पिटाई के दौरान हिन्दूवादी नारे लगाने को बार-बार कहा जाता रहा। नारे नहीं लगाने पर निर्मम तरीके से पीटा गया।

शाइस्ता ने प्राथमिकी में बताया है कि चोरी का झूठा आरोप लगाया गया और बांध कर रात भर पीटा गया। इससे उन्हें अंदरूनी चोटें पहुंची। इसके बाद भी पुलिस ने तबरेज को चोर बताकर जेल भेज दिया। उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इसी साल अप्रैल महीने में इन दोनों की शादी हुई थी।  

दूसरी ओर इस मामले को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने भी ट्वीट करके इसे भयावह और शर्मनाक बताया है। साथ ही सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया है।

वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असीदुद्दीन ओवैसी ने इसके लिए बीजेपी और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस ने समाज में ऐसा माहौल बना दिया है, जिससे मुस्लिम आतंकी, राष्ट्रविरोधी या फिर गोहत्या करने वाले के रूप में देखे जा रहे हैं। 

आपको बता दें कि इंडिया स्पेंड की एक रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में 2014 के बाद मॉब लिचिंग की 14 घटनाएं सामने आई हैं। इससे से 2017 में झारखंड के रामगढ़ में हुई अलीमुद्दीन अंसारी की लिंचिंग की चर्चा खूब हुई थी। इस मामले में सजायाफ्ता अभियुक्तों को हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर उनका माला पहनाकर स्वागत करने के कारण नरेंद्र मोदी सरकार के तत्कालीन मंत्री जयंत सिन्हा की काफी आलोचना हुई थी।

नई सरकार आने के बाद नहीं थमा सिलसिला 

हालिया लोकसभा चुनाव में जीत के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने दोबारा सत्ता संभाल ली है लेकिन भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। आपको बता दें कि पिछली मोदी सरकार में भी हेट क्राइम की बहुत सारी घटनाएं सामने आई थी। 

एमनेस्टी इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में हेट क्राइम के 218 मामले सामने आए थे। इसमें 142 घटनाएं दलितों, 50 मुस्लिमों और आठ अन्य घटनाएं आदिवासियों, ईसाईयों और अन्य के साथ हुई थी। इनमें उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई थी। 218 में 87 मामले हत्या के थे। 

अब नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद भी बड़ी संख्या में ऐसी घटनाएं मीडिया में रिपोर्ट की जा रही है। पिछले हफ्ते असम के बरपेटा में एक दक्षिणपंथी संस्थान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई कि वहां कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के एक समूह की पिटाई कर दी गई और उनसे जबरन जय श्रीराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगवाए। 

पिछले हफ्ते ही दिल्ली के अमन विहार इलाके में एक मदरसे के मौलवी ने आरोप लगाया है कि तीन लोगों की ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने की मांग मानने से इनकार करने पर उन्हें कार से टक्कर मारी गई।

वहीं, हरियाणा के गुड़गांव में 25 मई की शाम नमाज़ पढ़कर लौटते 25 साल के बरकत से मारपीट की गई थी। बरकत का दावा था कि जब वह नमाज़ पढ़कर घर लौट रहे थे तो कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए कहा। 

मई के आखिरी हफ्ते में ही मध्य प्रदेश के सिवनी में स्वयं घोषित गौरक्षकों ने कथित रूप से बीफ ले जाने के शक में एक महिला समेत तीन मुसलमानों की पिटाई कर दी। 

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, कुछ लोगों को जबरदस्ती जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए कहा गया। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक शख्स दूसरे युवक को लाठी से पीट रहा है। उसे बार-बार जय श्रीराम बोलने के लिए मारा जा रहा है। बाद में उस शख्स को पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद कई लोगों ने एक-एक करके उस युवक को मारना शुरू कर दिया और बाकी लोग वहां खड़े होकर तमाशा देखते रहे।

मई के आखिरी हफ्ते में ही पुणे के एक डॉक्टर को नई दिल्ली में भीड़ का सामना करना पड़ गया था। अरुण गद्रे नाम के इस डॉक्टर के मुताबिक युवाओं के एक समूह ने उनसे ‘जय श्री राम' बोलने को कहा। यह घटना कनॉट प्लेस के पास उस समय हुई जब वह सुबह की सैर पर थे।

आपको बता दें कि मॉब लिंचिंग और गोरक्षकों द्वारा हिंसा के मामले में पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'कोई भी नागरिक अपने आप में कानून नहीं बन सकता है। लोकतंत्र में भीड़तंत्र की इजाज़त नहीं दी जा सकती।' सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सख्त आदेश दिया कि वो संविधान के मुताबिक काम करें।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि मॉब लिंचिंग की घटना होने पर तुरंत एफआईआर, जल्द जांच और चार्जशीट, छह महीने में मुकदमे का ट्रायल, अपराधियों को अधिकतम सज़ा, गवाहों की सुरक्षा, लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई, पीड़ितों को त्वरित मुआवज़े जैसे कदम राज्यों द्वारा उठाए जाएं।


(तारिक़ अनवर और पीयूष शर्मा के सहयोग के साथ)

Jharkhand
Jharkhand Lynching
Tabrej Ansari alias Sonu
Sonu Ansari
Alimuddin Ansari
mob lynching
Narendra Modi Government

Related Stories

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

शामली: मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ़्तार

बिहार: समस्तीपुर माॅब लिंचिंग पीड़ितों ने बिहार के गृह सचिव से न्याय की लगाई गुहार

त्रिपुरा: भीड़ ने की तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या, आख़िर कौन है बढ़ती लिंचिंग का ज़िम्मेदार?

जमशेदपुर : बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी आश्रय गृह के निदेशक, वार्डन सहित चार लोग मध्य प्रदेश से गिरफ्तार

राजस्थान : फिर एक मॉब लिंचिंग और इंसाफ़ का लंबा इंतज़ार


बाकी खबरें

  • BJP
    अनिल जैन
    खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं
    01 May 2022
    राजस्थान में वसुंधरा खेमा उनके चेहरे पर अगला चुनाव लड़ने का दबाव बना रहा है, तो प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया से लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसके खिलाफ है। ऐसी ही खींचतान महाराष्ट्र में भी…
  • ipta
    रवि शंकर दुबे
    समाज में सौहार्द की नई अलख जगा रही है इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा
    01 May 2022
    देश में फैली नफ़रत और धार्मिक उन्माद के ख़िलाफ़ भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) मोहब्बत बांटने निकला है। देशभर के गावों और शहरों में घूम कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं।
  • प्रेम कुमार
    प्रधानमंत्री जी! पहले 4 करोड़ अंडरट्रायल कैदियों को न्याय जरूरी है! 
    01 May 2022
    4 करोड़ मामले ट्रायल कोर्ट में लंबित हैं तो न्याय व्यवस्था की पोल खुल जाती है। हाईकोर्ट में 40 लाख दीवानी मामले और 16 लाख आपराधिक मामले जुड़कर 56 लाख हो जाते हैं जो लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट की…
  • आज का कार्टून
    दिन-तारीख़ कई, लेकिन सबसे ख़ास एक मई
    01 May 2022
    कार्टूनिस्ट इरफ़ान की नज़र में एक मई का मतलब।
  • राज वाल्मीकि
    ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना
    01 May 2022
    “मालिक हम से दस से बारह घंटे काम लेता है। मशीन पर खड़े होकर काम करना पड़ता है। मेरे घुटनों में दर्द रहने लगा है। आठ घंटे की मजदूरी के आठ-नौ हजार रुपये तनखा देता है। चार घंटे ओवर टाइम करनी पड़ती है तब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License