NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
क्यों नहीं दी जाती भारतीय मज़दूरों को उचित मज़दूरी?
क्या वक़्त नहीं आ गया है कि हम अपने देश के मज़दूरों को उनका हक़ दें?
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
31 Oct 2017

पिछले तीन दशकों में अर्थव्यवस्था में मज़दूरों द्वारा की जाने वाली मूल्यवृद्धि 210 गुना बढ़ गयी है। फिर भी मज़दूरों के हाथ में आने वाले वेतन में सिर्फ़ 14% की वृद्धि ही हुई है।क्या देश के मज़दूर इसी लायक़ हैं? क्या वो इतने कम वेतन के हक़दार हैं जिसमें कि वो पेटभर खाना भी न खा सकें और एक आधी -अधूरी सी ज़िन्दगी जियें। क्या ऐसे वो अपने बच्चों को शिक्षा, पोषण और एक बेहतर भविष्य दे पायेंगे? क्या वक़्त नहीं आ गया है कि हम अपने देश के मज़दूरों को उनका हक़ दें?

नवम्बर महापड़ाव
मज़दूर आंदोलन
सीटू
मज़दूर विरोधी नीतियाँ

Related Stories

5 सितम्बर : देश के लोकतांत्रिक आंदोलन के इतिहास में नया अध्याय

मुंबई में हज़ारों मज़दूरों ने किया महाराष्ट्र सरकार की मज़दूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

सरकारों के लिए न्यूनतम मज़दूरी बस कागज़ी बातें हैं

आंध्र प्रदेशः बिजली विभाग के ठेका मज़दूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

बवाना : सरकार के लिए मज़दूरों की जान इतनी सस्ती क्यों है?

सरकार कब देगी मज़दूरों को सामाजिक सुरक्षा?

मजदूरों का महापड़ाव – 9-11 नवम्बर 2017

नवम्बर 9–11 को भारत के मज़दूर दिल्ली में करेंगे तीन दिवसीय ‘महापड़ाव

पंजाब में सरकार और मालिकों की मिलीभगत से लागू नहीं किये जाते श्रम कानून

‘मोमेंटम झारखण्ड’ से नदारद हैं मजदूरों के मुद्दे


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    पुतिन की अमेरिका को यूक्रेन से पीछे हटने की चेतावनी
    29 Apr 2022
    बाइडेन प्रशासन का भू-राजनीतिक एजेंडा सैन्य संघर्ष को लम्बा खींचना, रूस को सैन्य और कूटनीतिक लिहाज़ से कमज़ोर करना और यूरोप को अमेरिकी नेतृत्व पर बहुत ज़्यादा निर्भर बना देना है।
  • अजय गुदावर्ती
    भारत में धर्म और नवउदारवादी व्यक्तिवाद का संयुक्त प्रभाव
    28 Apr 2022
    नवउदारवादी हिंदुत्व धर्म और बाजार के प्रति उन्मुख है, जो व्यक्तिवादी आत्मानुभूति पर जोर दे रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने धरने में सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ व जनता की एकता, जीवन और जीविका की रक्षा में संघर्ष को तेज़ करने के संकल्प को भी दोहराया।
  • protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने आरएसएस-भाजपा पर लगातार विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ़ आज(गुरुवार) जंतर मंतर पर संयुक्त रूप से धरना- प्रदर्शन किया। जिसमे मे दिल्ली भर से सैकड़ों…
  • ज़ाकिर अली त्यागी
    मेरठ : जागरण की अनुमति ना मिलने पर BJP नेताओं ने इंस्पेक्टर को दी चुनौती, कहा बिना अनुमति करेंगे जागरण
    28 Apr 2022
    1987 में नरसंहार का दंश झेल चुके हाशिमपुरा का  माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं के सामने प्रशासन सख़्त नज़र आया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License