NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
समाज
स्वास्थ्य
विज्ञान
भारत
राजनीति
मुज़फ़्फ़रपुर पहुंचे नीतीश के ख़िलाफ़ फूटा लोगों का गुस्सा, दिल्ली में भी प्रदर्शन
मंगलवार को हालात का जायजा लेने मुज़फ़्फ़रपुर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश के ख़िलाफ पीड़ित लोगों ने ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए। विरोध और प्रदर्शन करने वालों का आरोप है कि मुख्यमंत्री की नींद बीमारी के महामारी बनने के 15 दिन बाद खुली है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Jun 2019
Bihar AES
फोटो साभार: India Today

बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (दिमागी बुखार) या चमकी बुखार से अभी तक लगभग 130 से ज्यादा बच्चों की मौत की ख़बर है। ऐसी स्थिति में हालात का जायजा लेने मंगलवार को मुजफ्फरपुर श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज (एसकेएमसीएच) पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित लोगों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जिला प्रशासन के अनुसार, सरकारी एसकेएमसीएच और निजी केजरीवाल अस्पताल में अभी तक दिमागी बुखार से 105 बच्चों की मौत हुई है। एक बच्चे की मौत देर रात हुई है। 
दिल्ली समेत देश कई अन्य हिस्सों में भी इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को दिल्ली स्थति बिहार भवन पर वाम समर्थक कई जन संगठनों डीवाईएफआई, एसएफआई और महिला समिति सहित कई अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किया। सोमवार को कुछ लोगों ने बिहार भवन पर प्रदर्शन किया था।

Bihar AES 1.jpg

दिल्ली में स्थित बिहार भवन पर विरोद प्रदर्शन करते लोग 

गर्मी बढ़ने से सुबह से गंभीर हाल में बच्चों को अस्पतालों में लाए जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसकी रोकथाम को लेकर अब तक जो भी प्रयास किए जा रहे हैं वो स्थिति को देखते हुए नाकाम साबित हो रही है। चमकी से मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच, केजरीवाल अस्पताल के वार्ड-आईसीयू फुल है, हालत ये हो गई है कि इन अस्पतालों में एक-एक बेड पर दो दो मरीज़ है।

इसी बीच आज, मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी कुछ होश आया और वे बीमारी का जायजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री शनिवार से ही नयी दिल्ली में थे और सोमवार की शाम पटना लौटे। लौटने के बाद उन्होंने दिमागी बुखार के कारण पैदा हालात पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।

बैठक के बाद सरकारी महकमा कुछ हरकत में आया और प्रदेश सरकार ने कहा कि चमकी बुखार से पीड़ित सभी बच्चों के इलाज का खर्च बिहार सरकार उठाएगी, फिर चाहे इलाज सरकारी अस्पताल में हो या निजी अस्पताल में।

लेकिन नीतीश मंगलवार को हालात का जायजा लेने के बाद वहां मौजूद लोगों से मिले बगैर चले गए। इससे पहले से नाराज वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने “नीतीश कुमार वापस जाओ” के नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों ने उनके विरोध में जमकर प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पहले ही एसकेएमसीएच का दौरा कर चुके हैं। फरियाद करने आए लोगों में एक ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल में शामिल स्थानीय विधायक सुरेश शर्मा से मुलाकात कर अपनी बात रखने का प्रयास किया पर अधिकारियों ने उनसे मिलने नहीं दिया। हम उनकी गाड़ी के सामने भी गए लेकिन उनका काफिला तेजी से वहां से निकल गया।

विरोध और प्रदर्शन करने वालों का आरोप है कि मुख्यमंत्री की नींद बीमारी के महामारी बनने के 15 दिन बाद खुली है। उन्होंने अस्पताल में दवा और चिकित्सकों सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक तबका आ रहा है, अस्पताल का दौरा कर रहा है और वादे करके लौट जा रहा है। लेकिन बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है, उन्हें बड़ी उम्मीद थी मुख्यमंत्री उनसे मुकालत करेंगे और उनकी बात सुनने के साथ उनका ज्ञापन ग्रहण करेंगे और कोई बड़ी घोषणा करेंगे, लेकिन वह चुपके से निकल गए।

'अस्पतालों में संसाधन और डॉक्टर की कमी, सरकार गंभीर नहीं'

राजद की नेता राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि राजग सरकार की घोर लापरवाही, कुव्यवस्था, महामारी को लेकर मुख्यमंत्री में उत्तरदायिता की कमी, असंवेदनशीलता और अमानवीय व्यवहार के कारण ग़रीबों के 100 से ज़्यादा मासूम बच्चों की चमकी बुखार के बहाने हत्या की गयी है।

क्या 14 वर्ष से राज कर रहे मुख्यमंत्री की हज़ारों बच्चों की मौत पर कोई जवाबदेही नहीं?कहाँ है ग़रीबों के लिए 5 लाख तक के मुफ़्त इलाज की प्रधानमंत्री की आयुष्मान योजना?

हम इस नाज़ुक समय में राजनीति नहीं करना चाहते लेकिन ग़रीब बच्चों का समुचित इलाज करना सरकार का धर्म और दायित्व है।

— Rabri Devi (@RabriDeviRJD) June 18, 2019

उन्होंने ट्वीट किया है कि 14 बरस से ये लोग बिहार में राज कर रहे हैं। हर साल बीमारी से बच्चे मरते हैं। फिर भी रोकथाम का कोई उपाय नहीं, समुचित टीकाकरण नहीं। दवा और इलाज का सारा बजट ईमानदार सुशासनी घोटालों की भेंट चढ़ जाता है। बिहार का बीमार स्वास्थ्य विभाग ख़ुद आईसीयू में है।

चमकी बुखार से हो रही मौत और पीड़ित बच्चों के देखने के लिए लगातार पार्टियों के नेताओं के आने का सिलसिला जारी है। शनिवार को सबसे पहले राष्ट्रीय जनता दल की टीम दोनों अस्पतालों में पहुंची। इसमें राजद के अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे, साहेबगंज के विधायक पूर्व मंत्री रामविचार राय, औराई विधायक सुरेन्द्र राय पहुंचे। प्रोफेसर पूर्वे ने कहा कि एसकेएमसीएच में संसाधानों की भारी कमी है। इसके अलावा कई अन्य दलो के नेता भी अस्पताल गए और मरीज बच्चों का हाल जाना। सभी ने इस पूरी घटना को सभांलने में सरकर को विफ़ल बताया। सभी ने एक बात कही कि अस्पतालों में संसाधन और डॉक्टरों की भारी कमी है और सरकार गंभीर नहीं है।

ये कोई पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले 2014 में भी बच्चों की मौत हुई थी। इसके पहले के सालों में भी ये सिलसिला जारी रहा। सरकार बार-बार जागरूकता और इलाज के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ये हर बार फेल हो जाते हैं।

(भाषा के इनपुट के साथ)

Bihar
aes
muzaffarpur
Nitish Kumar
rabri devi
nitish govt
jdu-bjp
children death
bihar children

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 861 नए मामले, 6 मरीज़ों की मौत
    11 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 58 हो गयी है।
  • nehru
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या हर प्रधानमंत्री एक संग्रहालय का हक़दार होता है?
    10 Apr 2022
    14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेहरू स्मृति संग्रहालय और पुस्तकालय की जगह बने प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन करेंगेI यह कोई चौकाने वाली घटना नहीं क्योंकि मौजूदा सत्ता पक्ष का जवाहरलाल…
  • NEP
    नई शिक्षा नीति का ख़ामियाज़ा पीढ़ियाँ भुगतेंगी - अंबर हबीब
    10 Apr 2022
    यूजीसी का चार साल का स्नातक कार्यक्रम का ड्राफ़्ट विवादों में है. विश्वविद्यालयों के अध्यापक आरोप लगा रहे है कि ड्राफ़्ट में कोई निरंतरता नहीं है और नीति की ज़्यादातर सामग्री विदेशी विश्वविद्यालयों…
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री का चयन सोमवार को होगा
    10 Apr 2022
    पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ, पीटीआई के कुरैशी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकन पत्र जमा किया। नए प्रधानमंत्री का चुनाव करने के लिए सोमवार दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
  • Yogi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति
    10 Apr 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License