NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
पटना दूध मंडी प्रदर्शन : प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन ख़त्म
बिहार में अतिक्रमण के नाम पर सरकार द्वारा दुकानें तोड़ने, लोगों का रोज़गार छीनने के क़िस्से नए नहीं हैं। सरकार इन दुकानों को ‘विकास’ में बाधा बताती है। लेकिन सवाल ये है कि विकास हो, लेकिन किस क़ीमत पर?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Aug 2019
milk market in patna
Image courtesy: Twitter

आजकल बिहार में सरकार द्वारा अतिक्रमण हटाने को लेकर एक अभियान चलाया गया है, 21 अगस्त को पटना के दूध मंडी पर बुल्डोज़र चलाया गया। इसके बाद से ही वहां के स्थानीय दूध व्यापारियों के साथ बिहार सरकार के मंत्री तेजप्रताप और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव धरने पर बैठ गए, जिसके बाद प्रशासन के  लिखित आश्वासन के बाद इस धरने को ख़त्म किया गया। इस आश्वासन में दूधवालों के लिए नई मंडी बनाने की बात कही गई है। पटना ज़िला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि दूध मंडी को पटना स्टेशन के ही आसपास के इलाक़े में बनाया जाएगाा। इसके लिए जो दायरा तय किया गया है वह भी जंक्शन से मात्र डेढ़ किलोमीटर के भीतर का ही इलाक़ा होगा। इसका मतलब यह हुआ की दूधवालों को अपनी मंडी के लिए पटना जंक्शन से ज़्यादा दूर नहीं जाना होगा।

क्या है पूरा मामला  ?

यह दूध मार्केट 28 साल पुरना है जिसे प्रशासन ने बुधवार को बुलडोज़र से मलबे में तब्दील कर दिया। सुबह साढ़े 11 बजे जैसे ही बुलडोज़र चलाना शुरू किया गया, स्थानीय दुकानदारों का हंगामा शुरू हो गया। पहले से मुस्तैद 300 जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया। दूध मार्केट का निर्माण 1991 में तत्कालीन सीएम लालू प्रसाद ने कराया था।

सरकारी लेटर के बाद ख़त्म हुआ धरना

नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ने पत्र जारी किया है, इसमें साफ़ तौर पर लिखा है कि पटना रेलवे स्टेशन के सामने से विस्थापित दूध मार्केट से प्रभावित दुकानदारों के लिए नगर निगम द्वारा नियमानुसार जल्द से जल्द उचित स्थान उपलब्ध कराने के लिए क़दम उठाए जाएंगे। इस पूरे मामले पर धरने पर बैठे बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया और अपने इस प्रदर्शन को जन संघर्षो की जीत बताया और कहा कि सत्ता नहीं ग़रीबों के लिए संघर्ष ही हमारी राजनीति है।

EChmg_OUcAAZ7nx_0.jpg
धरने के दौरान स्थनीय लोगो ने विरोध का एक अनोखा तरीक़ा अपनाया और वो देर रत धरना स्थल पर ही कीर्तन करने लगे।
तेजस्वी यादव ने सरकार के इस क़दम को बदले की भावना और ग़रीब विरोधी बताते हुए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा कि सीएम को ग़रीबों से नफ़रत है। उन्हें पीड़ा है कि किसानों के बेटे पटना की मुख्य मार्केट में दुग्ध और मछली क्यों बेचते है? तत्कालीन CM लालू प्रसाद जी ने ग़रीबों के लिए दुग्ध और मछली मार्केट को बनवाया था यह नीतीश जी को कैसे हज़म होता इसलिए बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इसे तुड़वा रहे हैं।
tejaswi.JPG
उन्होंने सरकार पर बिना किसी क़ानूनी कार्रवाई के मंडी को तोड़ने का आरोप लगाया उन्हाेंने ज़िला प्रशासन से मार्केट ताेड़ने के लिए जारी आदेश की काॅपी मांगी। लेकिन, माैक़े पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी काग़ज़ नहीं दिखा सके। इसके बाद उन्हाेंने कहा कि प्रशासन ने बग़ैर आदेश के ग़रीबों के लिए सरकार द्वारा सरकारी ज़मीन पर बनाई गई दुकानाें और मंदिर काे ताेड़ा है। इस मार्केट काे लालू प्रसाद ने बनवाया था। सरकार ग़रीबों काे उजाड़ कर अमीरों काे बसा रही है।

ऐसा नहीं है बिहार में यह पहला मामला हुआ है। इससे पहले भी सरकार ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों को बेघर किया है या उनकी दुकानों को तोड़कर उनका रोज़गार छीना है। सरकार इसके पीछे तर्क देती है कि इन अवैध क़ब्ज़ों के कारण ट्रेफ़िक जाम की गंभीर समस्या होती है। इसके अलावा ये भी कहा है कि सरकार लोगों को अच्छी सुविधा दे पाए इसके लिए ज़रूरी है की इन अतिक्रमण को हटाया जाए। 
सरकार इन दुकानों को विकास में एक बाधक मानती लेकिन यहाँ सवाल है कि विकास किस क़ीमत पर? यहां रह रहे लोगों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था मुहैया कराये उनकी दुकानें उजाड़ना कितन उचित है, सरकारों को इस पर भी विचार करना चाहिए।

Patna milk factory protest
Bihar
unemployment
milk farmers
Tejashwi Yadav
LALU YADAV
Bihar government
RJD

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License