NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली की ‘स्पष्ट जनादेश’ के साथ सत्ता में वापसी, विपक्ष ने बनाई बढ़त
‘‘सिंगापुरवासी चाहते हैं कि पीएपी सरकार बनाए लेकिन वे और खास तौर से युवा मतदाता संसद में विपक्ष की अधिक मौजूदगी भी देखना चाहते हैं।’’
भाषा
11 Jul 2020
Lee Hsien Loong

सिंगापुर : सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग की पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) ने कोविड-19 महामारी के बीच हुए आम चुनाव में संसद की 93 में से 83 सीटों पर जीत दर्ज कर ‘‘स्पष्ट जनादेश’’ हासिल किया है जबकि विपक्षी दल ने रिकॉर्ड 10 सीटों के साथ बढ़त हासिल की है।

सत्तारूढ़ पार्टी 1965 में आज़ादी के बाद से ही सत्ता में है। उसने चुनाव में 61.24 प्रतिशत मत हासिल किए जबकि 2015 में हुए चुनाव में उसे 69.9 प्रतिशत मत मिले थे। करीब 26 लाख सिंगापुरवासियों ने शुक्रवार को मतदान किया।

ली (68) ने शनिवार सुबह एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमें स्पष्ट जनादेश मिला है लेकिन मतदान प्रतिशत उतना अधिक नहीं रहा जितनी मुझे उम्मीद थी।’’

भारतीय मूल के नेता प्रीतम सिंह के नेतृत्व वाली विपक्षी वर्कर्स पार्टी ने सेंगकांग की जीआरसी समेत 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। सेंगकांग जीआरसी में उसने प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री एन ची मेंग के नेतृत्व वाली पीएपी टीम को हराया।

प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि वर्कर्स पार्टी के भारतीय मूल के महासचिव प्रीतम सिंह को ‘‘औपचारिक रूप से’’ नेता विपक्ष मनोनीत किया जाएगा और उन्हें इसके लिए आवश्यक सहयोग मुहैया कराया जाएगा।

ली ने कहा, ‘‘सिंगापुर के नागरिक इस बात को समझते हैं कि दांव पर क्या लगा है और क्यों अपने राष्ट्रीय हितों को बनाए रखने के लिए हमें एक साथ आना चाहिए।’’

उन्होंने कोविड-19 की स्थिति और आर्थिक मंदी से ‘‘जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से’’ निपटने के लिए इस जनादेश का इस्तेमाल करने का संकल्प लिया।

ली ने माना कि चुनाव नतीजे संसद में प्रतिनिधित्व में विविधता की ‘‘स्पष्ट आकांक्षा’’ को भी दिखाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सिंगापुरवासी चाहते हैं कि पीएपी सरकार बनाए लेकिन वे और खास तौर से युवा मतदाता संसद में विपक्ष की अधिक मौजूदगी भी देखना चाहते हैं।’’

ली (68) आंग मो कियो के अपने समूह प्रतिनिधित्व निर्वाचन क्षेत्र (जीआरसी) से पुन: निर्वाचित हुए।

उपप्रधानमंत्री और वित्त मंत्री हेंग स्वी कीट भी दोबारा निर्वाचित हुए हैं।

वर्कर्स पार्टी को 2015 के आम चुनाव में छह सीट मिली थीं।

प्रीतम सिंह (43) ने कहा, ‘‘आज के नतीजे सकारात्मक हैं लेकिन हमें जमीनी बढ़त बनानी होगी। हमें इन चुनाव नतीजों से ही संतुष्ट नहीं होना होगा बल्कि काफी काम किया जाना है। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि यह वर्कर्स पार्टी की टीम सिंगापुर की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

करीब 26.5 लाख सिंगापुरवासियों ने चेहरे पर मास्क और हाथों में दस्ताने पहने हुए मतदान किया। संसद की 93 सीटों के लिए 192 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

पीएपी ने आजादी के बाद से ही पूर्ण बहुमत के साथ सिंगापुर में शासन किया है। कोविड-19 की अभूतपूर्व चुनौती के बीच पीएपी समेत 11 राजनीतिक दलों ने नौ दिन तक प्रचार किया।

वैश्विक महामारी के कारण मतदान को सुरक्षित बनाने की कवायद में मतदान केंद्रों की संख्या 880 से बढ़ाकर 1,100 कर दी गई।

प्रधानमंत्री ली ने पिछले महीने तय समय से 10 महीने पहले आम चुनाव कराने का आह्वान किया था।

ली की पीएपी 1950 के बाद से हर चुनाव जीती है। सत्तारूढ़ पीएपी एकमात्र पार्टी है जिसने सभी 93 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। सितंबर 2015 के चुनाव में पीएपी ने 89 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उनमें से 83 पर जीत दर्ज की थी।

देश के तीसरे प्रधानमंत्री ली ने 2004 के बाद से सरकार का नेतृत्व किया है। उनके पिता ली कुआन येव सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री थे।

Singapore
Lee Hsien Loong
PAP
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

ईरान हो या इज़रायल, क्या भारत का दांव उल्टा?

दुनिया भर की : नेतन्याहू के जानेभर से इज़रायल भला नहीं बन जाएगा

थाईलैंड : "राजशाही के अपमान" को लेकर प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा शुरू

लीबिया में अंतरिम सरकार के लिए उम्मीदवारों की घोषणा का यूएन ने स्वागत किया


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    पुतिन की अमेरिका को यूक्रेन से पीछे हटने की चेतावनी
    29 Apr 2022
    बाइडेन प्रशासन का भू-राजनीतिक एजेंडा सैन्य संघर्ष को लम्बा खींचना, रूस को सैन्य और कूटनीतिक लिहाज़ से कमज़ोर करना और यूरोप को अमेरिकी नेतृत्व पर बहुत ज़्यादा निर्भर बना देना है।
  • अजय गुदावर्ती
    भारत में धर्म और नवउदारवादी व्यक्तिवाद का संयुक्त प्रभाव
    28 Apr 2022
    नवउदारवादी हिंदुत्व धर्म और बाजार के प्रति उन्मुख है, जो व्यक्तिवादी आत्मानुभूति पर जोर दे रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने धरने में सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ व जनता की एकता, जीवन और जीविका की रक्षा में संघर्ष को तेज़ करने के संकल्प को भी दोहराया।
  • protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन
    28 Apr 2022
    वाम दलों ने आरएसएस-भाजपा पर लगातार विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ़ आज(गुरुवार) जंतर मंतर पर संयुक्त रूप से धरना- प्रदर्शन किया। जिसमे मे दिल्ली भर से सैकड़ों…
  • ज़ाकिर अली त्यागी
    मेरठ : जागरण की अनुमति ना मिलने पर BJP नेताओं ने इंस्पेक्टर को दी चुनौती, कहा बिना अनुमति करेंगे जागरण
    28 Apr 2022
    1987 में नरसंहार का दंश झेल चुके हाशिमपुरा का  माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं के सामने प्रशासन सख़्त नज़र आया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License