NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव: पीसी थॉमस के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस ने छोड़ा एनडीए का साथ
थॉमस के नेतृत्व वाला धड़ा वरिष्ठ नेता पी जे जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस से हाथ मिलाएगा जो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ का एक घटक दल है।
भाषा
17 Mar 2021
thomas

कोच्चि: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी सी थॉमस के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस ने बुधवार को राजग (NDA) से अपनी राह अलग कर ली। थॉमस ने आरोप लगाया कि छह अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए सीटों के आवंटन में भाजपा नीत गठबंधन ने उनकी पार्टी को नजरअंदाज किया।

थॉमस के नेतृत्व वाला धड़ा वरिष्ठ नेता पी जे जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस से हाथ मिलाएगा जो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ का एक घटक दल है।

थॉमस 2004 के लोकसभा चुनाव में मुवाट्टुपुझा सीट से एनडीए के टिकट पर सांसद बने थे।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री रहे केरल कांग्रेस के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को 2016 के विधानसभा चुनाव में चार सीटें दी गई थीं लेकिन इस बार एक भी सीट नहीं दी गई।

थॉमस ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें पाला विधानसभा सीट दी थी लेकिन उन्होंने निजी कारणों से इसे स्वीकार नहीं किया।

जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस ने कहा कि दोनों पार्टियों का आज विलय होगा।

उसने कहा कि थॉमस पार्टी के अध्यक्ष और नेता के तौर पर पी जे जोसेफ को स्वीकार करने पर राजी हो गए हैं।

 

 

 

 

 

चुनाव: पीसी थॉमस के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस ने छोड़ा एनडीए का साथ

 

थॉमस के नेतृत्व वाला धड़ा वरिष्ठ नेता पी जे जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस से हाथ मिलाएगा जो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ का एक घटक दल है।

 

भाषा

कोच्चि: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी सी थॉमस के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस ने बुधवार को राजग (NDA) से अपनी राह अलग कर ली। थॉमस ने आरोप लगाया कि छह अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए सीटों के आवंटन में भाजपा नीत गठबंधन ने उनकी पार्टी को नजरअंदाज किया।

थॉमस के नेतृत्व वाला धड़ा वरिष्ठ नेता पी जे जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस से हाथ मिलाएगा जो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ का एक घटक दल है।

थॉमस 2004 के लोकसभा चुनाव में मुवाट्टुपुझा सीट से एनडीए के टिकट पर सांसद बने थे।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री रहे केरल कांग्रेस के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को 2016 के विधानसभा चुनाव में चार सीटें दी गई थीं लेकिन इस बार एक भी सीट नहीं दी गई।

थॉमस ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें पाला विधानसभा सीट दी थी लेकिन उन्होंने निजी कारणों से इसे स्वीकार नहीं किया।

जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस ने कहा कि दोनों पार्टियों का आज विलय होगा।

उसने कहा कि थॉमस पार्टी के अध्यक्ष और नेता के तौर पर पी जे जोसेफ को स्वीकार करने पर राजी हो गए हैं।

 

 

 

 

 

 

pc thomas
Congress
left
kerla
NCP
NDA
BJP
kerala elcetion

बाकी खबरें

  • Poem
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: अक्टूबर के आरंभ की बरसती साँझ
    03 Oct 2021
    इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी के सह प्राध्यापक और छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में जन्मे कवि बसंत त्रिपाठी ने ‘अक्टूबर के आरंभ की बरसती साँझ’ शीर्षक से क्या ख़ूब कविता कही है। वे कहते हैं- बरसो हे मेघ/…
  • GANDHI JI CARTOON
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: बापू मिले 'सरकार जी' से
    03 Oct 2021
    "तो बापू", सरकार जी ने कहा, "आप यहां आए किसलिए हैं। आप तो जानते ही हैं आपके और मेरे रास्ते जुदा जुदा हैं। आप सत्य के प्रयोगधर्मी और मैं असत्य को सत्य बनाने के प्रयोग में जुटा हूं। आप प्रेम के पुजारी…
  • The Country With a Burnt Post Office
    फ़राह बशीरी
    जले हुए डाकख़ाने वाला देश
    03 Oct 2021
    “रूमर ऑफ़ स्प्रिंग: अ चाइल्डहुड इन कश्मीर” 1990 के दशक में श्रीनगर में बितायी गयी फ़राह बशीर की किशोरावस्था का एक अविस्मरणीय वृत्तांत है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    राजनीति के अति-महत्वाकांक्षियों की दास्तान और किसानों पर कोर्ट
    02 Oct 2021
    आकांक्षी होना अच्छी बात है लेकिन जन-हित, समाज-हित को दरकिनार कर किन्हीं निहित स्वार्थों के लिए अति-महत्वाकांक्षी होना बुरी बात है. राष्ट्रीय राजनीति में इस सप्ताह तीन अति-महत्वाकांक्षी लोग अलग-अलग…
  • Modi
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: राष्ट्रपिता (देश) से राष्ट्रपिता (विदेश) तक
    02 Oct 2021
    हमें नहीं लगता कि राष्ट्रपिता-(विदेश) ही रहने में बापू को कोई आपत्ति होगी। बल्कि उन्हें जानने वाले तो कहते हैं कि वह अब और राष्ट्रपिता रहना ही नहीं चाहते हैं। फिर अब मोदी जी तो हैं ही। बुजुर्ग का देश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License