NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश में बलत्कार की घटनाओं में वृद्धि लगतार ज़ारी
देश जब उन्नाव जैसा भयावह घटना का साक्षी बन रहा था, तब भी राज्य के कई हिस्सों में बलात्कार जैसी घटना घट रही था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Apr 2018
Translated by मुकुंद झा
उत्तर प्रदेश

शुक्रवार को जब उन्नाव बलात्कार का मामला राष्ट्र का ध्यान खींच रहा था, तब एक दलित महिला को मुज़फ्फरनगर में उनके सामूहिक बलात्कार पर मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए आत्महत्या करनी पड़ी । उसकी त्रासदी यौन हिंसा के अन्य पीड़ितों से बहुत भिन्न नहीं थी |

उनका दलित होना ही इस बात के लिए काफी था कि पुलिस उनकी शिकायत पर गौर न करे। मुज़फ्फरनगर के रायपुर गाँव की एक निवासी दलित महिला एक ईंट भट्टे में एक कर्मचारी थी। शुक्रवार को जिले के रायपुर गाँव में कथित रूप से दो पुरुषों द्वारा यौन उत्पीड़न के बाद उसने अपने घर की छत से खुद को लटका लिया। उसके कमरे में एक सुसाइड नोट बरामद किया गया| जिसमें उसने दावा किया था कि उससे  दो लोगों ने बलात्कार किया था। अपने सुसाइड नोट में उसने उल्लेख किया कि उसने स्थानीय पुलिस को शिकायत की, लेकिन अपराधियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई । उसने कहा कि आरोपी की बार-बार की धमकियों ने उसे अपना जीवन समाप्त करने के लिए मजबूर कर दिया |

उन्नाव बलात्कार के मामले की ही इस मामले में भी बलात्कार पीड़िता जब अपने पति के साथ फुगाना पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए गयी तो पुलिस ने  उनकी मदद नहीं की | उनके पति देविचंद के अनुसार शिकायत दर्ज़ करने की बजाय पुलिस ने उन्हें और उनके बेटे यशवंत को हिरासत में ले लिया। देविचंद ने पुलिस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया, " जब मेरी पत्नी फुगाना पुलिस थाने गई तो मैं उसके साथ गया था। मैंने अपने बेटे को भी साथ में ले लिया था। लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज़ नहीं की और बदले में मुझे और मेरे बेटे को हिरासत में ले लिया। जब उसने हमें जाने के लिए बोला, तो पुलिस ने हमें जाने देने के बदले कुछ पैसा माँगना शुरू कर दिया। मेरी पत्नी ज़िन्दा होती अगर पुलिस ने उसके दोषियों के खिलाफ कुछ कार्यवाही की होती। उसने मुझे शुरू में नहीं बताया, लेकिन बाद में मुझे पता चला कि उसे अपराधियों से धमकियाँ मिल रही थीं" |.

उनकी आत्महत्या के बाद ही पुलिस ने कुछ कार्यवाही की और सब-इंस्पेक्टर सुभाष चंद को उनकी शिकायत पर कार्यवाही न करने के लिए निलंबित किया।

शुक्रवार को ही,शामली से एक अन्य कथित सामूहिक बलात्कार की सूचना मिली, मुज़फ्फरनगर के नज़दीक शामली में ब्राला गाँव में घास की काटने वाले एक व्यक्ति और उसके दो दोस्तों ने एक 23 वर्ष की महिला से कथित तौर पर बलात्कार किया|  स्टेशन हाउस ऑफिसर भागवत सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया कि फरार होने वाले तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सिंह ने कहा कि अपराधियों ने कथित तौर पर पीड़ित को धमकी दी थी कि उसने पुलिस को मामले की सूचना दी तो उसके लिए अच्छा नहीं होगाI उन्होंने कहा कि पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया था। वह भी,यौन हिंसा के कई अन्य पीड़िताओं की तरह, न्याय की प्रतीक्षा कर रही है।

एक और भयावह उदाहरण 10 अप्रैल को कौशंबी जिले के मुरादपुर गाँव का है जहाँ एक छह साल की दलित लड़की को तीन लोगों ने सामूहिक बलात्कार और हत्या कर दी थी। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता के अनुसार, जब वह खेल रहे थे तब दो युवकों ने पीड़ित का उसके घर के बाहर से अपहरण किया था । दोनों ने उसके साथ बलात्कार किया और उसके बाद उसका गला घोंटकर मार दिया।

जब पिछले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अभियान चलाया था तो वे ‘महिला के सम्मान में,भाजपा मैदान में’ जैसे नारे लाए थे। पार्टी के प्रमुख अमित शाह ने महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए रोमियो दस्ते की तरह समस्याग्रस्त प्रस्ताव का विचार दिया था । आदित्यनाथ के शासन के एक वर्ष से अधिक समय  के बाद ही, हालात महिलाओं के खिलाफ हो गई दिखती है|कोई ऐसा दिन नहीं जब किसी महिला के ख़िलाफ अपराध की कोई घटना सामने न आये, खासकर उत्तर प्रदेश में यौन अपराध लगतार बढ़ रहे हैं । उनमें से बहुत से की सूचनाएँ मिलती हैं और कुछ की तो सूचना भी नहीं आती है।

समाजवादी पार्टी के विधायक नहीद हसन को उत्तर प्रदेश सरकार से मिले जवाब के मुताबिक, 2016-2017 की तुलना में महिलाओं के खिलाफ अपराध भाजपा शासन में हर क्षेत्र में बढ़ गया है। कुल मिलाकर आदित्यनाथ के शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 11,208 मामलों की वृद्धि हुई, जो 2016-17 में 33,728 मामलों से बढ़कर 2017-18 में 44,936 हो गई, जो 30% से अधिक की वृद्धि है।

उत्तर प्रदेश
रेप
Unnao Rape Case
योगी आदित्यनाथ
बीजेपी
रायपुर
मुज्ज़फरनगर

Related Stories

अदालत ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को उन्नाव पीड़िता के दुर्घटना कांड में आरोप मुक्त किया

बदहाली: रेशमी साड़ियां बुनने वाले हाथ कर रहे हैं ईंट-पत्थरों की ढुलाई, तल रहे हैं पकौड़े, बेच रहे हैं सब्ज़ी

यूपी: उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के राष्ट्रपति को पत्र लिखने के बाद , बीजेपी ने अपना जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बदला

रेप के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट देकर रद्द करने के पीछे बीजेपी की क्या राजनीति है?

उन्नाव बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट मिलने का विरोध जायज़ क्यों है?

दिल्ली: दलित शोषण मुक्ति मंच का दलितों पर बढ़ते अत्याचार और नौदीप कौर की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन

उन्नाव दुष्कर्म मामला : सीबीआई ने की चार अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफ़ारिश, लगाया लापरवाही बरतने का आरोप

उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या मामले में कुलदीप सेंगर को 10 साल की सज़ा

यूपी : आगरा के बाद उन्नाव रेप पीड़िता ने तोड़ा दम, कहाँ है अच्छी क़ानून व्यवस्था?

उन्नाव: दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत मामले में सेंगर गैर इरादतन हत्या का दोषी करार


बाकी खबरें

  • रौनक छाबड़ा
    महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर
    19 Apr 2022
    व्यावसायिक चालकों ने पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की बढ़ती क़ीमतों के विरोध में अपनी वाहन सेवा को लंबित रखा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप
    19 Apr 2022
    सीपीएम ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट। रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के करौली में 2 अप्रैल को जो साम्प्रदायिक दंगे की घटना हुई वह पूरी तरह से प्रायोजित और सुनियोजित थी।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी
    19 Apr 2022
    मंगलवार को बलिया के अलावा आज़मगढ़, मऊ, ग़ाज़ीपुर और बनारस से बड़ी संख्या में पत्रकार व समाजसेवी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम व एसपी के दफ्तरों का घेराव किया। पत्रकारों का भारी हुजूम जुटने की वजह से…
  • विजय विनीत
    बनारस: ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी पर रोक, फ़िलहाल नहीं जाएगा कमीशन
    19 Apr 2022
    ‘श्रृंगार गौरी में रोजाना दर्शन पूजन को परंपरा का हिस्सा कतई न बनाया जाए। सिर्फ चैत्र नवरात्रि के दिन ही वहां दर्शन-पूजन की मान्यता है। ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग में सिर्फ मसुलमान या…
  • आज का कार्टून
    8 साल की उपलब्धि : ...और नहीं बस और नहीं !
    19 Apr 2022
    अगर एक आम आदमी से मोदी सरकार की आठ साल की उपलब्धियां पूछी जाएं, तो वह क्या जवाब देगा? हम कुछ नहीं कहेंगे, आप ख़ुद सोचिए। सोचिए कि अगर वह आम आदमी आप हैं और आप एक अंधभक्त नहीं हैं तो ईमानदारी से आपका…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License