NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तरपूर्व में हिंदुत्वा का दोगुला खेल
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने पंजाबी लेन के निवासियों के स्थानांतरण के समर्थन में एक स्टेटमेंट जारी किया है I
विवान एबन
06 Jun 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
शिलांग

शिलांग में हुई हिंसा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की दिलचस्प भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है I BJYM ने पंजाबी लेन के निवासियों के स्थान परिवर्तन के समर्थन में एक स्टेटमेंट जारी किया है I ये गली शिलांग की सकरी गलियों में एक है और इसे बस्ती के तौर पर देखा जाता है I यहाँ रहने वाले लोगों को अंग्रेज़ों के समय शौचालयों को साफ़ कराने के लिए लाया गया था I रविवार को BJYM मेघालय अध्यक्ष इगेंस्टर कुर्कलंग ने कहा कि पंजाबी लेन एक व्यवसायिक कॉलोनी है जिसके स्थान का परिवर्तन करना चाहिए, जिससे इलाके में शांति कायम होगी I उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि पंजाबी लेन के लोगों ने आदिवासियों के प्रति कड़ाई जताई हो I BJYM की ये राजनीतिक लाइन दो तरह से दिलचस्प है , पहली बात तो ये कि युवा मोर्चा जिस पार्टी से जुड़ा हुआ है वह बीजेपी- शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन में है I दूसरी बात ये कि बीजेपी की हिंदुत्व की विचारधारा न तो इस्लाम और न ही इसाई धर्म के साथ तालमेल बैठा पाती है और मेघालय में ज्यादातार आदिवासी लोग इसाई हैं I इससे BJYM और बीजेपी दोनों का दोगलापन सामने आता है I

ये पूरा मुद्दा तब शुरू हुआ जब गुरुवार को किसी बात पर शुरू हुई झड़प को सोशल मीडिया पर खूब भुनाया गया और ये झड़प स्थानीय बनाम बाहरी लोगों के दंगे में तब्दील हो गयी I काफी सारे संगठनों ने कहा है कि निवासियों लोगों को स्थानांतरित किया जाए इसमें BJYM भी शामिल है I मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि लोगों को दंगा कराने के लिए पैसे दिए गए थे और ये लोग शिलांग के बाहर से लाये गए थे I दूसरी तरह स्थानांतरित किये जाने की बात से इस मुद्दे के मुख्य कारण यानी जातीय तनाव पर नज़र नहीं जाती I ये अजीब बात है कि एक पार्टी जो कि राष्ट्रीय एकता और उत्तर पूर्व को सम्मलित करने की बात करती है , वह इस तरह की राजनीतिक लाइन का समर्थन करे I

तो क्या BJYM का ये स्टैंड सिक्खों  के प्रति बीजेपी के नज़रिए को दर्शाता है ? एक बात ये है कि जब भी कांग्रेस 2002 के दंगों की बात करती है तो बीजेपी 1984 के दंगों की बात करती है I बीजेपी SAD के साथ राजनीतिक गठबंधन में है जो कि सिक्खों के मुद्दे उठती रही है I अगर BJYM खुद अपने हिसाब से नहीं चल रही तो ऐसा लगता है कि पंजाब हो या मेघालय बीजेपी हर जगह बहुसंख्यकवाद की राजनीति करती है I

हाल में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने अपनी हिन्दुत्ववादी छवि को हटाने और इसाई विरोधी छवि को भी ख़तम करने की कोशिश की थी I हालांकि बीजेपी के द्वारा खड़े किये गए 2 उम्मीदवार किसी और पार्टी के टिकट से भी आसानी से जीत जाते I उत्तर पूर्व के जिन राज्यों में हिन्दू ज़्यादा संख्या में हैं वहाँ बीजेपी अपनी पुरानी हिंदुत्व की राजनीति करती है I लेकिन असम में इसका उल्टा असर हो सकता है , मणिपुर में ये ज़्यादा नहीं किया जा रहा और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री अजीबोगरीब बयान देने के लिए प्रसिद्ध हो गए हैं I अरुणाचल प्रदेश में आम जनता को लगातार हिंदुत्व और भारतीयता का पाठ पढाया जा रहा है I लेकिन इसाई बहुल इलाकों में परिस्थिति इसके बिलकुल विपरीत है I इसपर सवाल ये उठता है कि हिन्दुत्ववादी संगठन इसाई बहुल उत्तर पूर्वी राज्यों में कैसे काम करते हैं I

नागालैंड में बीजेपी ने मेघालय से बेहतर प्रदर्शन किया था लेकिन यहाँ भी उन्होंने लोकप्रिय चेहरों पर दांव खेला I वैसे हिंदुत्व विचारधारा का प्रचार नागा इलाकों में 1978 से शुरू हो जाया था यहाँ विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने हेराका के अनुयायियों के साथ काम करना शुरू किया I हेराका नागा समुदाय का एक पारंपरिक धर्म है I इस धर्म को नागा इसाई एक जादोनाग और उनकी भांजी गाइदिन्ल्यू द्वारा शुरू किये एक पंथ की तरफ देखते हैं I ये दोनों Zeliangrong समुदाय के थे और इन्होने इसाई मिशनरियों नागा संस्कृति को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए पुनरुथानवादी आन्दोलन शुरू किया I जदोनाग के अंग्रेज़ो द्वारा हत्या और गाइदिन्ल्यू को डायन कहकर जेल में डाल दिए जाने के बाद भी उनकी विचारधारा फैलती रही I आज़ादी के बाद गाइदिन्ल्यु के जेल

से बाहर आने के बाद नेहरु ने नागा राष्ट्रवाद पर फीजों की इसाई छाप के खिलाफ इस्तेमाल किया Iविश्व हिन्दू परिषद् और RSS के संगठनों ने हेराका के अनुयायियों के साथ बहुत समय बाद काम शुरू किया , जब नागालैंड एक अलग राज्य बन गया था I उनका काम हेराका के अनुयायिओं को स्कूली शिक्षा प्रदान करने और उनकी कॉलेज की फीस देने पर केंद्रित था I वो हिन्दू देवी देवताओं और ॐ और स्वास्तिक के चिन्हों के पर्चे भी लोगों में बाँटते थे I बहुत से हेराका लोगों को लगा कि ये एक अल्पसंख्यक समुदाय के शोषित लोगों को मदद प्रदान करना है I इसाई नागा हेराका के अनुयायियों को हिन्दू मानते हैं I इसीलिए हिंदुत्व की राजनीति इस इसाई बहुल राज्य में एक आपसी लड़ाई के दम पर आगे बढ़ी I इसमें घुर्वे की ये विचारधारा कि आदिवासी बस पिछड़े हुए हिन्दू हैं , हेराका लोगों के साथ एक सम्बन्ध स्थापित करती हैI

मिज़ोरम दूसरा इसाई बहुल राज्य है जिससे इसकी एक दिलचस्प तुलना की जा सकती है I राज्य में ज़ो लोग सबसे ज़्यादा है जो कि ज़्यादातर इसाई हैं I लेकिन राज्य में दो और आदिवासी समुदाय हैं एक चकमा और दूसरे ब्रू I  दोनों ही इसाईं नहीं हैं I चकमा ज़्यादातर बौद्ध  हैं वैसे उन्हें भेदभाव झेलना पड़ता है लेकिन उन्हें बहुसंख्यक लोगों ने विस्थापित नहीं किया I दूसरी तरफ़ बरु लोगों को हिंसा झेलनी पड़ी है और उन्हें शरणार्थियों की तरह 1997 की हिंसा के बाद से त्रिपुरा में रहना पड़ रहा है I ब्रू लोग प्रकृति की पूजा करते हैं और यही वजह कि राजनीति के तहत उन्होंने हिन्दुत्ववादी संगठनों से संपर्क साधा I ब्रू मिज़ोरम में वापस बसना चाहते हैं लेकिन ज़्यादातर मिज़ो ये नहीं चाहते I Bru Hindu Joint Coordination Committee ने पहले MHA को लिखा था कि वह चाहते हैं कि सरकार हिन्दू और आदिवासी लोगों के धर्म की मिज़ोरम में रक्षा करें I RSS का वनवासी कल्याण केंद्र मणिपुर में ब्रू शरणार्थीयों के बीच काम कर रहा है और उन्हें हिन्दू पौराणिक कथाओं से जोड़ने का प्रयास भी कर रहा है I

यानि बीजेपी और उसका युवा संगठन इसाई बहुल राज्यों में राजनीतिक फायदों के लिए बहुसंख्यक आदिवासियों के साथ खड़ा होता दिखता है I वहीँ दूसरी तरह उनके विचारधारा से प्रेरित संगठन इसाई और दूसरे समुदायों के बीच के टकराव का फायदा भी उठाते हैं I हाल में शिलांग में BJYM की पंजाबी लेन को स्थानांतरित करने की माँग , उनकी इसी रणनीति को दर्शाता है I वहीँ दूसरी तरफ़ राज्य सरकार ने लोगों के दबाव में न आते हुए, इस मुद्दे पर एक जाँच कमेटी बनाने का फैसला किया है I ये कमेटी इस मुद्दे को सुलझाने के उपाए बताएगी इनमें से एक स्थानान्तरण भी हो सकता है I

शिलांग
शिलांग हिंसा
बीजेपी
युवा मोर्चा
BJYM
मेघालय

Related Stories

चौहान साहब, जैसे पत्थर ज़ख़्म या मौत देते हैं, वैसे ही मुस्लिम विरोधी नारे लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाते हैं

मेघालय में कर्फ्यू हटा, छह जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक जारी

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

आरएसएस के लिए यह "सत्य का दर्पण” नहीं हो सकता है

अशोक धावले : मोदी सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे किसान विरोधी सरकार है


बाकी खबरें

  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में न Modi magic न Yogi magic
    06 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से यूपी में छठे चरण के मतदान के बाद की चुनावी स्थिति का जायज़ा लिया। जनता किसके साथ है? प्रदेश में जनता ने किन मुद्दों को ध्यान में रखते…
  • poetry
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'टीवी में भी हम जीते हैं, दुश्मन हारा...'
    06 Mar 2022
    पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद पर हमला, यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को ध्यान में रखते हुए पढ़िये अजमल सिद्दीक़ी की यह नज़्म...
  • yogi-akhilesh
    प्रेम कुमार
    कम मतदान बीजेपी को नुक़सान : छत्तीसगढ़, झारखण्ड या राजस्थान- कैसे होंगे यूपी के नतीजे?
    06 Mar 2022
    बीते कई चुनावों में बीजेपी को इस प्रवृत्ति का सामना करना पड़ा है कि मतदान प्रतिशत घटते ही वह सत्ता से बाहर हो जाती है या फिर उसके लिए सत्ता से बाहर होने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: धन भाग हमारे जो हमें ऐसे सरकार-जी मिले
    06 Mar 2022
    हालांकि सरकार-जी का देश को मिलना देश का सौभाग्य है पर सरकार-जी का दुर्भाग्य है कि उन्हें यह कैसा देश मिला है। देश है कि सरकार-जी के सामने मुसीबत पर मुसीबत पैदा करता रहता है।
  • 7th phase
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव आख़िरी चरण : ग़ायब हुईं सड़क, बिजली-पानी की बातें, अब डमरू बजाकर मांगे जा रहे वोट
    06 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ़ आख़िरी दौर के चुनाव होने हैं, जिसमें 9 ज़िलों की 54 सीटों पर मतदान होगा। इसमें नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत अखिलेश का गढ़ आज़मगढ़ भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License