NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वेदांता के तूतीकोरिन प्लांट को फिर से खोलने की मंजूरी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में एनजीटी के 15 दिसंबर 2018 के आदेश को खारिज कर दिया और कहा कि यह एनजीटी के क्षेत्राधिकार से बाहर है।
आईएएनएस
18 Feb 2019
सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता के स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टिंग प्लांट को फिर से खोलने की मंजूरी देने से सोमवार को इनकार कर दिया। अदालत ने इस संबंध में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के 15 दिसंबर 2018 के आदेश को खारिज कर दिया और कहा कि यह एनजीटी के क्षेत्राधिकार से बाहर है।

न्यायाधीश रोहिंटन फली नरीमन और न्यायाधीश विनीत सरन की पीठ ने वेदांता को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा और इसके साथी ही अदालत ने कहा कि चूंकि तूतीकोरिन प्लांट कुछ समय से बंद है, इसलिए वे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से शीघ्र सुनवाई और अंतरिम राहत देने का अनुरोध कर सकते हैं। 

प्लांट पिछले साल मई 2018 में उस समय स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था जब राज्य सरकार ने प्रदूषण संबंधी चिंताओं को लेकर विरोध के मद्देनजर तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) को प्लांट को सील करने और 'स्थायी रूप से' बंद करने का आदेश दिया था।

प्लांट के प्रदूषण के विरोध में हुए प्रदर्शन ने हिंसात्मक रूप ले लिया था, जिसके चलते तूतीकोरिन में 22-23 मई को पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत हो गई थी। 

इसे भी पढ़ें : वेदांता -स्टरलाइट की घटना में सरकार की भूमिका

Tuticorin copper plant
vedanta
anti-Sterlite protests
sterlite plant
Thoothukudi

Related Stories

क्या ओडिशा सरकार ने वेदांता के प्रोजेक्ट विस्तार के लिए जनसुनवाईयों को जल्दबाज़ी में निपटाया?

ओडिशा: सरकार ने वेदांता के खिलाफ आंदोलन कर रहे आदिवासियों पर किया मामला दर्ज

नियामगिरी : कंपनी ‘विकास’ के बढ़ते अंधेरे के ख़िलाफ़ आदिवासियों का प्रतिवाद

तमिलनाडुः स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई

वेदांता को 41 तेल ब्लॉक का सौगात, जबकि ओएनजीसी को मिले सिर्फ दो ब्लॉक

तूतीकोरीन : आंदोलनकारियों की आवाज़ दबाना चाहती है सरकार ?

‘हमें नियामगिरी के लिए मौत स्वीकार है’: नियामगिरी के आदिवासी ओडिशा में वेदांता के विरोध उतरे

वेदांता -स्टरलाइट की घटना में सरकार की भूमिका


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : कच्चे माल की बढ़ती क़ीमतों से प्लास्टिक उत्पादक इकाईयों को करना पड़ रहा है दिक़्क़तों का सामना
    02 May 2022
    गलाकाट प्रतियोगिता और कच्चे माल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी ने लघु औद्योगिक इकाईयों को बहुत ज़्यादा दबाव में डाल दिया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू
    02 May 2022
    पूरा देश इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहा है। कोयले की प्रचुर मात्रा होने के बावजूद भी पावर प्लांट में कोयले की कमी बनी हुई है। इसे लेकर देश के कई इलाके में विरोध शुरू हो गए हैं।  
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में सैलून वाले आज भी नहीं काटते दलितों के बाल!
    02 May 2022
    भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के हर नागरिक को समानता का दर्जा देता है। मगर हक़ीक़त यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी दलित आवाम असमानताओं में जीने को विवश है। आज भी ऊंची जाति ने दलित समाज को सिर के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    "एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी
    02 May 2022
    एएलबीए मूवमेंट्स की तीसरी कंटिनेंटल असेंबली के दौरान संबद्ध मंचों ने एकता स्थापित करने और साम्राज्यवाद व पूंजीवाद के ख़िलाफ़ एक साथ लड़ने की अहमियत के बारे में चर्चा की।
  • राजु कुमार
    6 से 9 जून तक भोपाल में होगी 17वीं अखिल भारतीय जन विज्ञान कांग्रेस
    02 May 2022
    “भारत का विचार : वैज्ञानिक स्वभाव, आत्मनिर्भरता और विकास“ के साथ-साथ देश की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन एवं संवाद के लिए 600 से अधिक जन विज्ञान कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License