NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोरोना काल में RSS की वाहवाही के लिए गढ़ी गई थी नारायण राव दाभाडकर के त्याग की खबर?
शिवराज सिंह के इन ट्वीट्स के बाद मीडिया बिना पड़ताल एक स्वयंसेवक की कुर्बानी बताकर खबरें छापने लगा। लेकिन इसके बाद जो खबरें आईं वे चौंकाने वाली थीं। 
सबरंग इंडिया
29 Apr 2021
कोरोना काल में RSS की वाहवाही के लिए गढ़ी गई थी नारायण राव दाभाडकर के त्याग की खबर?

कोरोना काल में सोशल मीडिया पर तमाम तरह की पॉजीटिव/नेगेटिव खबरें सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक खबर आरएसएस से जुड़े नारायण राव दाभाडकर को लेकर आई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 अप्रैल को एक ट्वीट किया था...

“मैं 85 वर्ष का हो चुका हूँ, जीवन देख लिया है, लेकिन अगर उस स्त्री का पति मर गया तो बच्चे अनाथ हो जायेंगे, इसलिए मेरा कर्तव्य है कि मैं उस व्यक्ति के प्राण बचाऊं।'' ऐसा कह कर कोरोना पीडित @RSSorg के स्वयंसेवक श्री नारायण जी ने अपना बेड उस मरीज़ को दे दिया।

इस ट्वीट के बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट किया- दूसरे व्यक्ति की प्राण रक्षा करते हुए श्री नारायण जी तीन दिनों में इस संसार से विदा हो गये।

समाज और राष्ट्र के सच्चे सेवक ही ऐसा त्याग कर सकते हैं, आपके पवित्र सेवा भाव को प्रणाम!

आप समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। दिव्यात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति!

शिवराज सिंह के इन ट्वीट्स के बाद मीडिया बिना पड़ताल एक स्वयंसेवक की कुर्बानी बताकर खबरें छापने लगा। लेकिन इसके बाद जो खबरें आईं वे चौंकाने वाली थीं। 

अब पता चला है कि जिस दिन नारायण राव को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, उस दिन अस्पताल में तीन-चार बेड उपलब्ध थे और किसी और को बेड देने की कोई इच्छा उन्होंने न जतायी और न इसकी ज़रूरत थी।

आख़िर ये ख़बर वायरल कैसे हुई? तमाम अख़बारों और न्यूज़ चैनलों ने इसे त्याग बलिदान की अमर कहानी बतौर चलाया। उन्होंने यह सवाल भी नहीं किया कि आख़िर किसी बुजुर्ग को दवा इलाज बग़ैर मरना पड़े तो ये सिस्टम को लानत भेजने की बात है या फिर तारीफ़ करने की?

“मैं 85 वर्ष का हो चुका हूँ, जीवन देख लिया है, लेकिन अगर उस स्त्री का पति मर गया तो बच्चे अनाथ हो जायेंगे, इसलिए मेरा कर्तव्य है कि मैं उस व्यक्ति के प्राण बचाऊं।'' ऐसा कह कर कोरोना पीडित @RSSorg के स्वयंसेवक श्री नारायण जी ने अपना बेड उस मरीज़ को दे दिया। pic.twitter.com/gxmmcGtBiE

— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) April 27, 2021

मीडिया विजिल ने लिखा है, इस फ़र्ज़ी ख़बर को फैलाने में आरएसएस भी शामिल रहा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 27 अप्रैल को आरएसएस ने एक बयान जारी करके बताया कि “दाभाडकर को इंदिरा गाँधी रुग्णालय में बड़ी मुश्किल से एक बेड मिला था। उन्होंने वहाँ एक महिला को देखा जो अपने चालीस वर्षीय पति के लिए आक्सीजन वाले बेड के लिए गुज़ारिश कर रही थी। उसके बच्चे भी रो रहे थे। दभाडकर ने वहाँ मौजूद मेडिकल स्टाफ से कहा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी जी ली है, अगर कोई बेड नहीं है तो उनका बेड दे दिया जाये। दभाडकर के दामाद और डाक्टरों ने बताया कि उनका इलाज बेहद ज़रूरी है। कोई दूसरा बेड मिलने की गारंटी भी नहीं है, लेकिन दभाडकर नहीं माने। उन्होंने अपनी बेटी को बुलाया और कहा कि वे घर वापस जायेंगे। सबने उनकी भावनाएँ समझीं। वे घर वापस आये और तीन दिन बाद उनका निधन हो गया।”

 

इस कथा को सुनकर कौन नहीं द्रवित होगा। यह बात बार-बार बतायी जाने लगी कि यह आरएसएस से मिले संस्कारों का नतीजा है। ऐसे समय जब महामारी के दौरान आरएसएस के कार्यकर्ताओं की ग़ैरमौजदूगी से हर तरफ़ सवाल उठ रहे थे, ये कहानी एक बड़ी राहत थी।

लेकिन कॉमनसेंस यह पूछ रहा था कि क्या कोई मरीज़ बेड देने या न देने का फ़ैसला कर सकता है? या फिर यह अस्पताल प्रशासन तय करता है? इस संबंध में नागपुर नगर निगम द्वारा संचालित इस अस्पताल के इंचार्ज शीलू चिमुरकर ने जो कहा उससे साबित होता है कि यह ख़बर पूरी तरह गढ़ी गयी।

डॉ.शीलू ने बतायि कि “दाभाडकर 22 अप्रैल की शाम 5:55 बजे इरमजेंसी में भर्ती हुए थे। हमने उनके परिजनों से कहा था कि अगर उनकी हालत बिगड़ी तो उन्हें किसी बड़े अस्पताल जाना होगा। वे समहत थे। 7:55 पर वे लौटे और डिस्चार्ज करने की माँग करने लगे। हमें इसका कारण नहीं बताया गया, लेकिन हमने उन्हें सलाह दी कि वे मरीज़ को किसी बड़े अस्पताल में ले जायें। उनके दामाद अमोल पाचपोर ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये तब हमने मेडिकल सलाह के विरुद्ध डिस्चार्ज कर दिया।”

सोशल मीडिया में तैर रही त्याग-बलिदान की कथाओं के बारे में शीलू चिमुरकर ने कहा कि उनके किसी स्टाफ़ ने ‘ऐसी किसी घटना को नहीं देखा। उन्होंने यह भी कहा कि उस दिन हमारे पास चार-पाँच बेड खाली थे।’

यानी चार-पाँच बेड जिस अस्पताल में खाली थे उस दिन किसी के बेड त्यागने की ज़रूरत कहाँ थी। वैसे, मानव इतिहास में ऐसी कथाएँ तमाम हैं जब लोगों ने अपनी जान देकर दूसरों की जान बचायी है, लेकिन इस तरह का फ़र्जीवाड़ा बताता है कि दुष्प्रचार कितना सुचिंतित और राजनीतिक है। जिस तरह आरएसएस के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग ने लेने की तोहमत दूर करने के लिए तमाम कथाएँ गढ़ी जाती हैं, वैसे ही इस संकट के समय फ़र्ज़ी किस्से गढ़े जा रहे हैं।

ध्यान रहे कि कुछ दिन पहले हिंदी के सबसे बड़े अख़बार दैनिक जागरण ने छाप दिया था कि आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार ने काकोरी ट्रेन डकैती में हिस्सा लिया था केशव चक्रवर्ती के नाम से। जबकि केशव चक्रवर्ती एक दूसरे क्रांतिकारी का नाम था।

COVID-19
Shiv Raj Chouhan
RSS
twitter
Viral post

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!


बाकी खबरें

  • मालिनी सुब्रमण्यम
    छत्तीसगढ़ : युद्धग्रस्त यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों ने अपने दु:खद अनुभव को याद किया
    09 Mar 2022
    कई दिनों की शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलने के बाद, अंततः छात्र अपने घर लौटने कामयाब रहे।
  • EVM
    श्याम मीरा सिंह
    मतगणना से पहले अखिलेश यादव का बड़ा आरोप- 'बनारस में ट्रक में पकड़ीं गईं EVM, मुख्य सचिव जिलाधिकारियों को कर रहे फोन'
    08 Mar 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच अपनी पार्टी और गठबंधन के कार्यकर्ताओं को चेताया है कि वे एक-एक विधानसभा पर नज़र रखें..
  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    मालिक महान है बस चमचों से परेशान है
    08 Mar 2022
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में संजय राजौरा आज बात कर रहे हैं Ukraine और Russia के बीच चल रहे युद्ध के बारे में, के जहाँ एक तरफ स्टूडेंट्स यूक्रेन में अपनी जान बचा रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार से सवाल…
  •  DBC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: डीबीसी कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, कहा- आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए
    08 Mar 2022
    DBC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।  ये कर्मचारी 21 फरवरी से लगातार हड़ताल पर हैं। इस दौरान निगम के मेयर और आला अधिकारियो ने इनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया। परन्तु…
  • Italy
    पीपल्स डिस्पैच
    इटली : डॉक्टरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ हड़ताल की
    08 Mar 2022
    इटली के प्रमुख डॉक्टरों ने 1-2 मार्च को 48 घंटे की हड़ताल की थी, जिसमें उन्होंने अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग की और स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ चेतवनी भी दी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License