NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
योगी राज में उत्तर प्रदेश में संघ की गुंडई और दंगाई उफ़ान पर
कानून का शासन भगवा हिंसक भीड़ में तब्दील हो रहा है और किसी अपराधी पर कोई मामला दर्ज नहीं.
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Nov 2017
Translated by महेश कुमार
Yogi adityanath
Image Courtesy: Sabrang India

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार ने राज्य में कानून का शासन स्थापित किया है. इसके कुछ ही घंटे बाद ही आरएसएस से संबद्ध बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मेरठ के एक पुलिस थाने और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया.

राज्य में भाजपा के आगमन के बाद से संघ परिवार के सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता बेलगाम हो गए हैं, और नगरपालिका चुनावों के प्रचार के दौरान ये हमले और बढ़ गए. पुलिस अधिकारियों, विशेष रूप से आगरा और सहारनपुर में इस साल अप्रैल में हुई कई घटनाओं के बाद से, राज्य आई.पी.एस. एसोसिएशन ने हिंदू कट्टरपंथियों और स्थानीय भाजपा नेताओं की भीड़ द्वारा पुलिस को लक्ष्य बनाकर हमला करने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है. बावजूद इसके हिंसा जारी है और उसके लिए किसी को दण्डित नहीं किया जा रहा.

रविवार को आदित्यनाथ एक चुनाव की रैली को संबोधित करने के लिए मेरठ में थे जहाँ नगरपालिका चुनावों के लिए अभियान चल रहा था. मेरठ में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह वही राज्य और वही पुलिस अधिकारी हैं. लेकिन आज उत्तर प्रदेश में कानून का शासन है. पिछली सरकार के समय में, लोग अपराधियों और बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति के कारण राज्य छोड़ रहे थे, लेकिन आज अपराधियों को कानून के डर से प्रदेश छोड़ना पड़ रहा है.”

मीटिंग के बाद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के एक बड़े समूह ने यूपी के संयोजक बलराज डुंगर और विश्व हिंदू परिषद के सुदर्शन चक्रधर के नेतृत्व में सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन के अंदर घुस कर ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर और दूसरे पुलिसकर्मियों पर हमला किया. हमलावर बजरंग दल के सदस्य विपिन शाक्य के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का विरोध कर रहे थे. विपिन शाक्य को ट्रैफिक पुलिस ने बिना दस्तावेज़ ऑटो चलाने के लिए पकड़ा. हमलावरों ने यह भी आरोप लगाया कि शाक्य को पुलिस ने काफी पीटा था.

हिंसक कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए चक्रापानी त्रिपाठी, सर्कल ऑफिसर (सिविल लाइन्स) और मान सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक (शहर) के प्रयास पूर्णत: विफल रहे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी असहाय खड़े तमाशा देखते रहे, और कार्यकर्ताओं ने हमला जारी रखा. करीब एक घंटे उत्पात मचाने के बाद भीड़ 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए पुलिस स्टेशन से बहार निकल गयी.

पुलिस और प्रशासन के लिए यूपी में यह कोई पहली घटना नहीं है, जिसमें उन्होंने आर.एस.एस-संबद्ध भीड़ को हिंसा के लिए खुली छूट दे दी. भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं ने आगरा और साहरनपुर में भी इस वर्ष अप्रैल के महीने में इसी तरह की हिंसा की थी- और उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गयी. जिन शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने इन जिलों में गूंडागर्दी को काबू करने की कोशिश की  उनका जिले से बाहर तबादला कर दिया गया.

अप्रैल महीने में, सहारनपुर से भाजपा सांसद राघव लखनपाल ने कथित रूप से हिंसक भीड़ को इसलिए उकसाया ताकि वह लव कुमार, एस.एस.पी. सहारनपुर के निवास पर हमला कर सके, क्योंकि उस अफसर ने भाजपा की भीड़ को सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया, जिससे वहाँ सांप्रदायिक हिंसा हो सकती थी. इसके लिए गुस्साई भीड़ ने उनके निवास पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ मचाई. जब लव कुमार ने दंगाइयों और भाजपा सांसद के खिलाफ कार्यवाही करने का प्रयास किया, तो उनका वहाँ से तबादला कर दिया गया. उसके बाद लखनपाल (सांसद) ने सहारनपुर जेल में जाकर बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनके (200 लोगों जिनके खिलाफ हिंसा करने के लिए मुकादमा दर्ज किया गया था) खिलाफ कोई अन्य पुलिस कार्यवाही नहीं होने देंगे.

इसी तरह, आगरा के एस.एस.पी. डॉ. प्रीतिंद्र सिंह को भी भाजपा नेताओं, बजरंग दल और वी.एच.पी. जैसे आरएसएस सहयोगियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए संघ के नेताओं के गुस्से का सामना करना पड़ा. उन्होंने भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की भीड़ द्वारा 22 अप्रैल को सदर बाज़ार पुलिस थाने पर और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं, बजरंग दल और वीएचपी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में  लिया था. आरोप है कि भगवे कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने में घुसकर पाँच बजरंग दल के उन कार्यकर्ताओं को छुडाने की कोशिश की जिन्होंने मुस्लिम किराना दुकान के मालिकों पर हमला किया था. पुलिस ने उन्हें सम्बंधित आरोप में गिरफ्तार किया. इस पर भीड़ ने एक पुलिस वाहन में भी आग लगा दी, और माँग की कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गयी दर्ज प्राथमिकी को खारिज किया जाए और मुस्लिम दुकानदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए.

हमले के बाद, तत्काल आगरा एस.एस.पी. सिंह ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही शुरू कर दी और बजरंग दल के चौदह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन इस घटना की पूरी जाँच होने से पहले ही उन्हें हटा दिया गया.

yogi sarkar
UP Government
Yogi Adityanath
RSS
Hindutva
Bhagva Violence

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

ज्ञानवापी कांड एडीएम जबलपुर की याद क्यों दिलाता है

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश


बाकी खबरें

  • indian student in ukraine
    मोहम्मद ताहिर
    यूक्रेन संकट : वतन वापसी की जद्दोजहद करते छात्र की आपबीती
    03 Mar 2022
    “हम 1 मार्च को सुबह 8:00 बजे उजहोड़ सिटी से बॉर्डर के लिए निकले थे। हमें लगभग 17 घंटे बॉर्डर क्रॉस करने में लगे। पैदल भी चलना पड़ा। जब हम मदद के लिए इंडियन एंबेसी में गए तो वहां कोई नहीं था और फोन…
  • MNREGA
    अजय कुमार
    बिहार मनरेगा: 393 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, 11 करोड़ 79 लाख की चोरी और वसूली केवल 1593 रुपये
    03 Mar 2022
    बिहार सरकार के सामाजिक अंकेक्षण समिति ने बिहार के तकरीबन 30% ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर बताया कि मनरेगा की योजना में 393 करोड रुपए की वित्तीय अनियमितता पाई गई और 11 करोड़ 90 लाख की चोरी हुई जबकि…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 6,561 नए मामले, 142 मरीज़ों की मौत
    03 Mar 2022
    देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 14 हज़ार 388 लोगों अपनी जान गँवा चुके है।
  • Civil demonstration in Lucknow
    असद रिज़वी
    लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें
    03 Mar 2022
    युद्ध भले ही हज़ारों मील दूर यूक्रेन-रूस में चल रहा हो लेकिन शांति प्रिय लोग हर जगह इसका विरोध कर रहे हैं। लखनऊ के नागरिकों को भी यूक्रेन में फँसे भारतीय छात्रों के साथ युद्ध में मारे जा रहे लोगों के…
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में 'अपर-कास्ट हिन्दुत्व' की दरार, सिमटी BSP और पिछड़ों की बढ़ी एकता
    03 Mar 2022
    यूपी चुनाव के छठें चरण मे पूर्वांचल की 57 सीटों पर गुरुवार को मतदान होगे. पिछले चुनाव में यहां भाजपा ने प्रचंड बहुमत पाया था. लेकिन इस बार वह ज्यादा आश्वस्त नहीं नज़र आ रही है. भाजपा के साथ कमोबेश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License