NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी: मुस्लिम समुदाय को लाउडस्पीकर पर नमाज अदा न करने की मिली नसीहत, FIR दर्ज
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बने अभी कुछ ही दिन हुए है और सरकार को लेकर विवाद भी शुरू होने लगा है।
सबरंग इंडिया
25 Mar 2017
यूपी: मुस्लिम समुदाय को लाउडस्पीकर पर नमाज अदा न करने की मिली नसीहत, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बने अभी कुछ ही दिन हुए है और सरकार को लेकर विवाद भी शुरू होने लगा है। कुछ दिनों पहले बरेली के पास एक गांव में मुस्लिम विरोधी पोस्टर लगाने का मामला सामने आया था। इन पोस्टरों में मुस्लिम लोगों को तुरंत गांव छोड़ने का आदेश दिया गया था। इसके कुछ दिनों के बाद ही अब जियानगला गांव की दो मस्जिदों में पर्चे मिले हैं जिसमें मुस्लिम निवासियों को लाउडस्पीकर पर नमाज अदा न करने की नसीहत दी गई है।

मुस्लिम

 

नवभारत टाइम्स कि ख़बर के मुताबिक, सुभाषनगर क्षेत्र में गुरुवार रात को एक मस्जिद के पास पैम्फ्लट नजर आए। जिस पैम्फ्लट में लिखा गया है कि या तो मुस्लिम लाउडस्पीकर पर नमाज करना छोड़ दें या फिर मस्जिदों में नमाज अदा करने नहीं जाने दिया जाएगा। इतना ही नही इस पैम्फ्लट के अंत में ‘सभी हिंदू’ लिखा गया है। इस घटना की जानकारी अगली सुबह को पता चला।

पैम्फ्लट में लिखा गया है,’मुस्लिमों को स्वयं व्यवहार करना सीखना चाहिए, अब हमारी सरकार सत्ता में आ गई है। नमाज के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना बंद करो नहीं तो हम दोनों मस्जिदों में नमाज होने नहीं देंगे। यह मात्र धमकी नहीं है।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने कहा, ‘हमें शिकायत मिली थी कि दोनों मस्जिदों के अंदर भड़काऊ पर्चे डाले गए हैं। इसी आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

Courtesy: सबरंग इंडिया
उत्तर प्रदेश
आदित्यनाथ
मुस्लिम
भाजपा

Related Stories

उप्र बंधक संकट: सभी बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, आरोपी और उसकी पत्नी की मौत

नागरिकता कानून: यूपी के मऊ अब तक 19 लोग गिरफ्तार, आरएएफ और पीएसी तैनात

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

सोनभद्र में चलता है जंगल का कानून

यूपीः मेरठ के मुस्लिमों ने योगी की पुलिस पर भेदभाव का लगाया आरोप, पलायन की धमकी दी


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License