बातें हैं बातों का क्या!, जी हां, ‘मन की बात’ से लेकर मुख्यमंत्रियों से बात हो या अब ज़िलाधिकारियों से बात...बातें तो ख़ूब हो रही हैं, लेकिन समाधान नहीं दिख रहा। न किसान समस्या का समाधान हो पाया, न…
मंगलवार को इज़रायल की ओर से किया जा रहा हमला नौवें दिन में प्रवेश कर गया। क़ब्ज़े वाले गाज़ा में क़रीब 61 बच्चों के साथ 212 लोगों की मौत हो गई। इन हमलों में अन्य 1,500 फ़िलिस्तीनी नागरिक घायल हुए हैं।
अब तक जाति, धर्म और दूसरी अस्मिताओं के आधार पर उग्र होने और आंदोलन करने वाले बिहार के युवाओं के बीच यह एक सकारात्मक बदलाव है। वे अब उन मुद्दों को पहचानने लगे हैं, जिनसे उनके जीवन का जुड़ाव है।