अब तो सर्वोच्च न्यायालय से ही उम्मीद है कि वो इच्छाशक्ति जुटाएगा और संविधान की धारा 14 तथा 21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन (तथा स्वास्थ्य) के अधिकार के आधार पर इस सरकार को अपनी नीति को बदलने का आदेश देगा।
एनजीओ सेक्टर के लिए निगरानी कड़ी हो गई है और इंस्पेक्टर राज लौट सा आया है। जनाधिकारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों को तो सरकार जैसे अपना शत्रु ही मानती है।
उत्तर प्रदेश की सच्चाई आज क्या है, यह बता रही हैं गाजीपुर, बलिया, उन्नाव में गंगा में बहती लाशें, नदी किनारे रातों रात उग आई बेशुमार कब्रें, बेहिसाब जलती चिताएं, पीपल के पेड़ों पर रोज लटकती नई मटकियों…