पीएमजीकेएवाई के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में पंजीकृत लाभार्थियों को प्रत्येक परिवार के हिसाब से पांच किलो गेहूं और चावल के साथ एक किलो दाल दी जाती थी। लेकिन इस साल सिर्फ अनाज दिया जाएगा।
कुछ अस्पतालों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इस जीवनरक्षक गैस की कमी से कई मरीजों की मौत भी हो सकती है। यह विडंबना ही है क्योंकि गुजरात सरकार ने उच्च न्यायालय में हाल में दावा किया था कि…
भोपाल में बुधवार को 137 शवों को अंतिम संस्कार कोविड-19 के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया, जबकि उस दिन भोपाल जिले में सरकारी आंकड़ों के अनुसार मात्र पांच लोगों की ही मौत इस महामारी से बताई गई है।
भारत एक मौज के इस एपिसोड में, संजय राजौरा कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था के निजी अनुभव के बारे में बात कर रहे हैं। वह बता रहे हैं कि कैसे देश के नेताओं ने अपना सारा…