सरकार ने संसद में दावा किया कि तीन कृषि कानून समाज़ को प्रगतिशील बनाने के वैसे ही जरूरी सुधार-कानून हैं जैसे एक समय बच्चों के विवाह की उम्र तय करने का कानून आया या शिक्षा के अधिकार का कानून आया था.…
बंगाल में चुनावी जंग जीतने के लिए आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। और इस अखाड़े में स्वतंत्रता सेनानी और बंगाल में जन्में महापुरुषों को भी उतार दिया गया है। और उनके नाम और मान-अपमान को लेकर खींचतान…
बहुसंख्यकवाद पर सवाल खड़े करने का अर्थ है कि जितना अधिक हम दूसरों के बारे में सवाल खड़े करते हैं उतना ही हम अपने खुद के बारे में और अपनी पहचान को लेकर सवाल खड़े करना है।