मुज़फ़्फ़रनगर में हुई महापंचायत के बाद आंदोलन से जुड़े कम से कम 200 किसानों को नोटिस दिए गए और कहा गया कि वे सब दो लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरें जिससे प्रदेश में "शांति व्यवस्था सुनिश्चित" की जा सके।
पूंजीवाद के ख़ात्मे के बिना स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की दिशा में कोई बड़ा बदलाव नहीं हो सकता है। मुनाफ़े की जगह लोगों की अहमियत हो,इसके के लिए समाजवाद की ज़रूरत है।
क्या सोचा था, नया इंडिया सिर्फ गोमूत्र-गोबर बेचने से बन जाएगा। ...बात सिंपल है, पुराना भारत बिकेगा, तभी तो नया इंडिया बनेगा। पढ़िए राजेंद्र शर्मा का कटाक्ष
आज डेली राउंड-अप में शुरुआत करेंगे मज़दूर अधिकार संगठन (MAS) की नेता एवं दलित मज़दूर कार्यकर्ता नोदीप कौर की गिरफ़्तारी से, ख़बर है की लगभग 1 महीने बाद भी नोदीप कौर को ज़मानत नहीं मिली है। साथ ही बात…