यह स्पष्ट है कि सरकार आंदोलन के विराट फलक ग्रहण करते जाने से दबाव में ज़रूर है, पर कारपोरेटपरस्त कृषि कानूनों को आगे बढ़ाने के लिए वह कृत संकल्प है। इसका साफ़ ऐलान उसने आम बजट में कर दिया है।
2020-21 के बजट में 2,10,000 करोड़ रु की जो महत्वाकांक्षी विनिवेश योजना रखी गयी थी, उसके लगभग पूरी तरह से विफल होने को देखते हुए, यह स्पष्ट नहीं है कि सार्वजनिक उत्पादक परिसंपत्तियों को बेचने का यह…
एसकेएम ने बयान जारी कर कहा कि ‘चक्का जाम’ के दौरान एंबुलेंस और स्कूल बस जैसी आवश्यक सेवाओं को नहीं रोका जाएगा। ‘चक्का जाम’ शनिवार को दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक आयोजित करने का प्रस्ताव है।
प्रदर्शनकारी किसानों और उन पर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों पर लगातार दमन चक्र चलाया जा रहा है। इस बीच मनदीप पुनिया को बेल पर छोड़े जाने से कुछ राहत मिली है। स्वतंत्र पत्रकार पुनिया को दिल्ली की सिंघु…