“एक आंसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है/ तुम ने देखा नहीं आंखों का समुंदर होना”, लोगों ने कल एक शेर हक़ीक़त में बदलते देखा। और भी एक शेर है जो सरकार और गोदी मीडिया के अफ़सोस को ज़ाहिर करता है- “थी ख़बर…
टिकैत के आंसुओं ने हलके पड़ते किसान आंदोलन में फूंकी जान। पूरे देश में समर्थन और सहानुभूति की लहर। हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में किसान ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पहुंचे। मुज़फ़्फ़रनगर में…