यह कानून धर्मनिरपेक्षता की मूल अवधारणा के ख़िलाफ़ है जो संविधान का बुनियादी ढांचा मानी जाती है। इसके साथ ही यह अपना धर्म और अपना जीवनसाथी चुनने के प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार के ख़िलाफ़ भी है।
किसानों की एकजुटता और आंदोलन का राष्ट्रव्यापी स्वरूप सरकार को चिंता में डाल रहा है। धीरे धीरे सांप्रदायिकता और धार्मिक उन्माद का गहरा सम्मोहन टूट रहा है और देश की जनता बुनियादी मुद्दों के विषय में…
कोई भी योजना उन्हें छू नहीं पाती है, न ही कोई क़ानून उन तक पहुंचता है- लेकिन उन्हें फिर भी उम्मीद है कि किसानों के पक्ष में बेहतर फ़ैसला होने से उन्हें भी लाभ होगा।
दक्षिणी कश्मीर के लवायपोरा इलाक़े में 30 दिसंबर को एक 'बनावटी' एनकाउंटर में 3 युवाओं को मार दिया गया। जबकि सुरक्षा बलों का कहना है कि ये तीन युवा लड़के आतंकवादी थे, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता…