NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
ईपीएस योजना में न्यूनतम पेंशन 7,500 रु. करने की मांग, पेंशनधारकों ने आंदोलन की घोषणा की
‘‘ तीस - तीस साल काम करने और ईपीएस आधारित पेंशन मद में निरंतर योगदान करने के बाद भी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में अधिकतम 2,500 रुपये ही मिल रहे हैं। इससे कर्मचारियों और उनके परिजनों का गुजर - बसर करना कठिन है। ’’   
भाषा
06 Nov 2019
 ईपीएस योजना में न्यूनतम पेंशन
Image Courtesy: परिचय टाइम्स

 
  ईपीएफओ के दायरे में आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक किये जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) ने पूरे देश में आंदोलन करने का निर्णय किया है। एनएसी ने बुधवार को कहा कि संगठन में शामिल पेंशनभोगी दिल्ली में अगले माह रास्ता रोको अभियान चलाएंगे। 
 एनएसी के राष्ट्रीय संयोजक और अध्यक्ष अशोक राउत ने ‘ भाषा ’ से बातचीत में कहा , ‘‘ तीस - तीस साल काम करने और ईपीएस आधारित पेंशन मद में निरंतर योगदान करने के बाद भी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में अधिकतम 2,500 रुपये ही मिल रहे हैं। इससे कर्मचारियों और उनके परिजनों का गुजर - बसर करना कठिन है। ’’   
 एनएसी कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 95 के दायरे में आने वाले कामगारों के लिये मासिक मूल पेंशन के रूप में 7,500 रुपये के साथ इस पर महंगाई भत्ता देने , कर्मचारियों के पति / पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा देने समेत अन्य मांग कर रहा है। इसके अलावा संगठन ने पेंशन के बारे में उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने तथा ईपीएस 95 के दायरे में नहीं आने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी 5,000 रुपये मासिक पेंशन देने की मांग की है। 
 राउत ने कहा , ‘‘ हम लंबे समय से सरकार से कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 95 के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये मासिक किये जाने तथा उस पर महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा , ‘‘ अपनी मांगों के समर्थन में पेंशनभोगियों ने दिल्ली में सात दिसंबर से रास्ता रोको आंदोलन शुरू करने का निर्णय किया है। इसके अलावा पेंशनभोगी गांव से लेकर राज्य स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। ’’
संगठन के बयान के अनुसार पेंशनभोगी एक नवंबर से 10 नवंबर तक गांव से लेकर राज्य स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। चार से छह दिसंबर तक वे दिल्ली में आंदोलन करेंगे। मांगें नहीं मांगने पर वे सात दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रास्ता रोको आंदोलन शुरू करेंगे। 
 समिति का दावा है कि करीब 65 लाख ईपीएस पेंशनभोगी उनके साथ जुड़े हैं। 
  उल्लेखनीय है कि ईपीएस, 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है। इसके अलावा पेंशन कोष में सरकार भी 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है।
एक सवाल के जवाब में राउत ने दावा किया कि कर्मचारियों का पेंशन बढ़ाने से सरकार पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और उन्होंने इस बारे में श्रम मंत्री को अपनी पूरी रिपोर्ट सौंपी है।
      

workers protest
eps
Nationwide Campaign
NPS
India

Related Stories

दिल्ली: सीटू के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने आप सरकार पर बातचीत के लिए दबाव बनाया

एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन

मज़दूर हड़ताल : "कृषि कानूनों की तरह ही लेबर कोड की भी होगी वापसी"

वेतन के बग़ैर मिल्टन साइकिल के कर्मचारी सड़क पर

पूंजीवाद के दौर में क्यों ज़रूरी है किसान-मज़दूरों का गठबंधन

भारत में भूख की अंतहीन छाया

दिल्ली :राजकुमारी अमृत कौर कॉलेज ऑफ नर्सिंग के कर्मचारियों की जीत; तीन महीने के संघर्ष के बाद काम पर वापस बुलाए गए सभी कर्मचारी


बाकी खबरें

  • workers
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: धीमी मौत मर रहा है भगवान कृष्ण को संवारने-सजाने वाला मथुरा-वृंदावन का उद्योग
    07 Feb 2022
    हिंदुत्व की उच्च डेसिबल की राजनीति हिंदू और मुस्लिम समुदायों से आने वाले कारीगरों, व्यापारियों और निर्माताओं की आजीविका को बचाने में विफल रही है।
  • yogi and amit shah
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा को चुनावों में भगवान और मुसलमान का ही सहारा
    07 Feb 2022
    ख़बरों की इस भाग दौड़ में ख़बरों का मर्म छूट जाता है। इस हफ़्ते की कुछ ख़ास ख़बरें लेकर आए हैं अनिल जैन, जिसमें राम जी की जाति से लेकर केजरीवाल का मोदी मॉडल तक शामिल है। 
  • Lata Mangeshkar
    नम्रता जोशी
    लता मंगेशकर की उपलब्धियों का भला कभी कोई विदाई गीत बन सकता है?
    07 Feb 2022
    संगीत और फ़िल्म निर्माण में स्वर्ण युग के सबसे बड़े नुमाइंदों में से एक लता मंगेशकर का निधन असल में वक़्त के उस बेरहम और अटूट सिलसिले का एक दुखद संकेत है, जो अपने जीवन काल में ही किंवदंती बन चुके…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक महीने बाद कोरोना के एक लाख से कम नए मामले सामने आए  
    07 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 83,876 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2.62 फ़ीसदी यानी 11 लाख 8 हज़ार 938 हो गयी है।
  • MGNREGA
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बजट 2022: गांव और किसान के प्रति सरकार की खटकने वाली अनदेखी
    07 Feb 2022
    कोविड-19 के इस भयानक दौर में यह आशा की जा रही थी कि सरकार न केवल मनरेगा को ज्यादा मजबूती देगी, बल्कि शहरी इलाकों के लिए भी कोई ऐसी ही योजना लाई जाएगी। विगत वित्तीय वर्ष के संशोधित आकलन की तुलना में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License