NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
ईरान ने अमेरिकी सैन्य निगरानी ड्रोन को मार गिराया 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के ड्रोन को गिराकर ‘बड़ी गलती’ की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Jun 2019
फाइल फोटो
Image Courtesy: timesofindia

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने गुरुवार को कहा कि ‘ईरानी हवाईक्षेत्र का उल्लंघन’ करने पर अमेरिकी सैन्य निगरानी ड्रोन को गिराया गया। अपने दावों की पुष्टि की लिए उन्होंने निर्देशांक (अक्षांश और देशांतर की जानकारी) भी पेश किए।

उन्होंने कहा कि ड्रोन को ‘कोह-ए-मुबारक के पास चार बजकर पांच मिनट पर निर्देशांक (25 डिग्री 59'43" उत्तर 57 डिग्री 02'25 पूर्व) में ड्रोन को निशाना बनाया गया। हमने अमेरिकी सैन्य ड्रोन को अपने समुद्री क्षेत्र से बरामद भी कर लिया है, जहां उसे गिराया गया था।’

जरीफ ने पहले ट्वीट किया था कि हम यह साबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जाएंगे कि ड्रोन हमारे हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ और ‘अमेरिका झूठ बोल रहा है।’ इससे पहले पेंटागन ने ईरान के अमेरिकी सैन्य निगरानी ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया था कि वह अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में था।

अमेरिका के ओमान की खाड़ी में टैंकरों पर हुए हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव जारी है।

दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के ड्रोन को गिराकर ‘बड़ी गलती’ की है। यह एक ऐसी घटना है जिसके बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

अमेरिका और ईरान दोनों ने यह स्वीकार किया है कि ईरानी सुरक्षा बल ने अमेरिकी सैन्य निगरानी ड्रोन को मार गिराया है लेकिन दोनों ने इस बारे में अलग-अलग जानकारी दी है।

ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ मीडिया को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा, ‘यह ड्रोन स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर था। हमारे पास यह सभी तथ्यों के साथ दर्ज है न कि हम सिर्फ बातें बना रहे हैं और उन्होंने बड़ी गलती की है।’

उन्होंने रक्षा विभाग द्वारा ड्रोन के मार गिराए जाने का दावा करने के बाद ही ट्वीट किया था, ‘ईरान ने बड़ी गलती की।’ जब उनसे पूछा गया कि वह ईरान की कथित कार्रवाई का क्या जवाब देंगे तो उन्होंने कहा, ‘आप को इसकी जानकारी होगी।’

एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने इससे इंकार किया कि उनके सलाहकार उन्हें ईरान के साथ युद्ध की तरफ धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘नहीं, नहीं...ऐसा नहीं है। यह बिल्कुल उल्टा है।’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Donald Trump
US surveillance drone
IRAN
United States
America

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

डोनबास में हार के बाद अमेरिकी कहानी ज़िंदा नहीं रहेगी 

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License