NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इटली के युवा ने मुफ़्त व सुरक्षित पब्लिक ट्रांस्पोर्ट की मांग की
सितंबर से इटली में स्कूलों के फिर से खोलने का फैसला COVID-19 के नए मामले, सुरक्षात्मक उपकरणों की कमी और कक्षाओं के संचालन के बारे में भ्रम के कारण व्यापक आलोचना का शिकार हुई है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Oct 2020
italy

COVID-19 के मामलों में वृद्धि के बीच इटली में स्कूल और कॉलेज खोलने के मद्देनजर युवा समूह छात्रों के लिए मुफ्त एवं सुरक्षित परिवहन सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। कम्युनिस्ट यूथ फ्रंट (एफजीसी) ने एक अभियान शुरू किया और शनिवार 24 अक्टूबर को रोम में इकट्ठा होने का आह्वान किया।

इस बीच इटली में अल्टर्नेटिव स्टूडेंट्स अपोजिशन (ओएसए) सहित छात्रों के एक वर्ग ने 19 अक्टूबर को सार्वजनिक परिवहन के लिए राष्ट्रीय आंदोलन दिवस के रूप में मनाया और मिनिस्ट्री ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर एंड ट्रांस्पोर्टेशन के सामने एक प्रदर्शन किया।

इससे पहले 17 अक्टूबर को छात्रों ने कंपनी फॉर रेल एंड् ट्रांस्पोर्ट ऑफ दि सिटी ऑफ रोम (एटीएसी) के मुख्यालय के सामने एक सभा का आयोजन किया था। प्रदर्शनकारियों ने शिकायत की कि पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लाखों छात्रों और श्रमिकों को बसों और भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में यात्रा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है जो खुद के लिए COVID-19 का खतरा मोल ले रहे हैं।

एफजीसी ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि “इस महामारी ने सिद्ध किया है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और अब जो निजी प्रबंधन ढह रहा है वह केवल प्रबंधकों की जेब के लिए और मुनाफा कमाने वालों के लिए उपयोगी है। बेहतर परिस्थितियों में अध्ययन, काम और रहने के लिए सक्षम होने के लिए हम सार्वजनिक परिवहन मुफ्त और सुरक्षित चाहते हैं।”

ओएसए ने कहा, "हम जैसे छात्र जो अपने संस्थानों तक जाने के लिए हर रोज़ सुबह ट्रांस्पोर्ट लेते हैं वे स्थानीय सार्वजनिक परिवहन की स्थिति को जानते हैं, जो महामारी से पहले ही जोखिम भार था और जो अब वायरस फैलने के जोखिम के साथ वास्तव में अस्थिर है।"

सितंबर से इटली में स्कूलों के फिर से खोलने का फैसला COVID-19 के नए मामले, सुरक्षात्मक उपकरणों की कमी और कक्षाओं के संचालन के बारे में भ्रम के कारण व्यापक आलोचना का शिकार हुई है। कई प्रांतों में स्कूलों के फिर से खोलने के आदेश को स्थगित कर दिया गया था और COVID-19 के ताज़ै मामलों के कारण कैंपनिया जैसे क्षेत्रों के स्कूलों को फिर से बंद कर दिया गया था।

17 अक्टूबर को कैंपनिया में स्कूलों को फिर से बंद करने की घोषणा के बाद इटालियन कम्युनिस्ट यूथ फेडरेशन (एफजीसीआई) की क्षेत्रीय समिति ने क्षेत्र के प्रेसिडेंट विंकेंजा दा लुसा और इटली की शिक्षा मंत्री लुसिया अज़ोलिना पर छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षित कक्षाओं की पुनः शुरु करने को सुनिश्चित करने के लिए पिछले आठ महीने में कुछ नहीं करने का आरोप लगाया।

italy
transprtation in italy
italy's youth
youth in italy

Related Stories

गिउलिअनो ब्रुनेटी: “नाटो के ख़िलाफ़ हमारा संघर्ष साम्राज्यवादी ताकतों के ख़िलाफ़ संघर्ष है”

इटली : डॉक्टरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ हड़ताल की

मारियो ड्रेगी के नेतृत्व वाली नई सरकार का इटली की लेफ़्ट पार्टी ने विरोध किया

गुइलियो रेगेनी अपहरण व हत्या मामले में ईजिप्ट के अधिकारियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही की इटली का मांग

इटली की अदालत ने मट्टेओ साल्विनी के शरणार्थी-विरोधी कार्यों पर मुक़दमा शुरू किया

रेफ़रेंडम ने इटली की संसद में बड़े बदलावों को मंज़ूरी दी

कोविड से सबसे अधिक प्रभावित इन 5 देशो में एक जैसा क्या है?

कोरोना अपडेट: विश्व भर में 92 हज़ार के क़रीब नए मामले, 5,735 लोगों की मौत

महामारी के न्यूमोनिया में राष्ट्रवादी बुख़ार!

कोरोना अपडेट: विश्व भर में 84 हज़ार से अधिक नये मामले, 7,793 और लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • बी. के. चतुर्वेदी
    भारत का लोकतंत्र उतना ही मज़बूत होगा, जितना इसके संस्थान ताक़तवर होंगे
    16 Jun 2021
    फ़्रांस के एक NGO 'रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' द्वारा प्रकाशित 'वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स' 2021 में भारत को फिर 180 देशों में 142वें पायदान पर रखा गया है।
  • यूपी: एक ट्वीट पर पत्रकारों से लेकर ट्विटर तक पर मुक़दमा
    असद रिज़वी
    यूपी: एक ट्वीट पर पत्रकारों से लेकर ट्विटर तक पर मुक़दमा
    16 Jun 2021
    बुज़ुर्ग से पिटाई मामले में ट्वीट करने पर ग़ाज़ियाबाद में पुलिस ने नौ लोगों के ख़िलाफ़ दंगा भड़काने की कोशिश के आरोप में मुक़दमा लिख लिया। जिसमें तीन पत्रकार हैं, एक डिजिटल मीडिया संस्थान के अलावा…
  •  मोदी-कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच क्यों बँटी पासवान जी की पार्टी?
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी-कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच क्यों बँटी पासवान जी की पार्टी?
    16 Jun 2021
    केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलों के बीच ही ये बँटवारा क्यों हो गया? इसमें बिहार की राजनीति, खासकर नीतीश कुमार के जद(यू) और उसके सहयोगी दल-भाजपा के दिलचस्प सियासी समीकरणों की कितनी भूमिका है…
  • कोरोना की आने वाली तीसरी लहर से लड़ो, Twitter से नहीं।
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना की आने वाली तीसरी लहर से लड़ो, Twitter से नहीं।
    16 Jun 2021
    क्या मोदी सरकार कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयार है। आज अभिसार शर्मा बात रहे हैं के मोदी सरकार ने कोरोना की वैक्सीन को लेकर देश के जनता को गलत जानकारी दी थी और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया था
  • फरीदाबाद : 'घर में ही रहें' की नसीहत के बीच खोरी गांव के 10 हज़ार परिवार को बेघर करने की तैयारी!
    मुकुंद झा
    फरीदाबाद : 'घर में ही रहें' की नसीहत के बीच खोरी गांव के 10 हज़ार परिवार को बेघर करने की तैयारी!
    16 Jun 2021
    सर्वोच्च न्यायालय के 'अतिक्रमण' हटाने के आदेश के बाद से हरियाणा के फरीदाबाद में अरावली क्षेत्र में बसे खोरी गांव बस्ती के 10000 से भी ज़्यादा परिवारों पर बेघर होने का ख़तरा मंडरा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License