NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
जामिया विश्वविद्यालयः बी.ई कोर्स के छात्र बीते छह दिनों से हड़ताल पर
छात्रों की माँग है कि बी.ई. (इवनिंग) कोर्स को पार्ट टाईम कोर्स से हटाकर फुल टाईम कोर्स किया जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Jul 2018
Jamia BE students protest

जामिया में इंजिनियरिंग करने वाले सैंकड़ो छात्र बीते सोमवार से आंदोलन पर हैं। छात्रों की माँग है कि विश्वविद्यालय में चलने वाले कोर्स बी.ई. (इवनिंग) को पार्ट टाईम कोर्स से फुल टाईम कोर्स किया जाए। छात्रों की माँग पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं देने के बाद तीन छात्रों ने भूख हड़ताल भी करनी शुरू कर दी है। छात्रों की भूख हड़ताल का आज चौथा दिन है।

छात्रों की माँग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन एआईसीटी को ज्ञापन सौंप कर इस कोर्स को फुल कोर्स करने का अनुरोध करे। जामिया विश्विद्यालय इंजिनियरिंग में स्नातक डिग्री के दो कोर्सेज करवाता हैः पहला, बैचलर ऑफ टेक्नॉलजी (बी.टेक) जिसकी कक्षाएँ सुबह के सत्र में होती हैं और दूसरा कोर्स बैचलर ऑफ इंजिनियरिंग (बी.ई) जिसकी कक्षाएँ शाम के सत्र में होती हैं।

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रवेश के समय कहीं लिखित रूप से इसकी जानकारी नहीं देता है कि यह पार्ट टाईम कोर्स है और न ही किसी रसीद में इसकी सूचना देता है। जामिया की वेबसाईट पर भी बैचलर ऑफ इंजिनियरिंग (बी.ई) कोर्स को लेकर यह जानकारी नहीं है कि यह पार्ट टाईम कोर्स है, वेबसाईट पर केवल यह सुचना मौजुद है कि यह कोर्स इवनिंग कोर्स है।

बी.ई कोर्स कर रहे छात्रों का कहना है कि बैचलर ऑफ टेक्नॉलजी के छात्रों को नौकरी मिलने में भी आसानी होती है जबकि पार्ट टाईम कोर्स के नाम पर बी.ई के छात्रों को नौकरी मिलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बी.ई कोर्स करने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय की ओर से छात्रावास की सुविधा भी नहीं मिलती है। छात्रों का आरोप है कि बी.टेक कोर्स करने वाले छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं की तुलना में उन्हें बहुत कम सुविधाएँ मिलती हैं।

छात्रों का कहना है कि जब वे रेगुलर क्लास करते हैं और उनके 75 फीसदी हाज़री देनी भी ज़रूरी होती है तो भी उन्हें फिर पार्ट टाइम का प्रमाण-पत्र  क्यों मिलता है? वहीं छात्रों का यह भी कहना है कि तब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बी.ई कोर्स को फुल टाईम कोर्स का दर्जा दिया जाता है तो जामिया में क्यों नहीं दिया जाता है?

बी.ई कोर्स के चौथे वर्ष सिविल इंजीनियरिंग के छात्र शाहजीब जमाल ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि इस पाठ्यक्रम में 1,400 छात्र नामांकित हैं और आने वाले सत्र के लिए 350 और नामांकित होंगे। इतने छात्र होने के बावजूद छात्रों की ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि बी.ई के कुछ छात्रों ने इस संबध में हाल ही में एआईसीटीई के कार्यालय का दौरा भी किया है, लेकिन एआईसीटीई ने इस संबंध में कहा है कि वह कुछ भी नहीं कर सकते हैं। जामिया प्रशासन को ही यह तय करना होगा कि यह पाठ्यक्रम फुल टाईम है पार्ट टाईम।

कुछ छात्रों ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा इस मसले का हल निकालने के बजाए छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जामिया के पूर्व छात्र शदाब अंजुम ने कहा कि सरकार और पीएसयू में नौकरियां पाने के लिए, फुल टाईम बी.ई की आवश्यकता होती है। जामिया द्वारा कराया जा रहा यह कोर्स सालों की मेहनत और खर्च के बावजूद भी सरकारी नौकरियां पाने में योग्य नहीं है।

23 जुलाई को शुरू हुआ यह आंदोलन और गति पकड़ता जा रहा है। स्टुडेंट इस्लामिक ऑर्गेजाइनेशन ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया है। आंदोलन का आज छठा दिन होने के बावजूद जामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।

Jamia Milia Islamia
B.E.
Higher education

Related Stories

बच्चे नहीं, शिक्षकों का मूल्यांकन करें तो पता चलेगा शिक्षा का स्तर

डीयूः नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में भर्ती पर रोक; स्टाफ, शिक्षकों में नाराज़गी

नई शिक्षा नीति का ख़ामियाज़ा पीढ़ियाँ भुगतेंगी - अंबर हबीब

शिक्षाविदों का कहना है कि यूजीसी का मसौदा ढांचा अनुसंधान के लिए विनाशकारी साबित होगा

शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर

शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 

पुडुचेरी विवि में 2 साल पहले के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 11 छात्रों को सज़ा

इस साल और कठिन क्यों हो रही है उच्च शिक्षा की डगर?

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अध्यापक नहीं होंगे तो पढ़ाई कहां से होगी?

दिल्ली: जामिया हिंसा का एक साल, छात्रों का कैंडल मार्च


बाकी खबरें

  • अहंकारी मोदी, UP में खाएंगे पटखनी : उग्राहां
    न्यूज़क्लिक टीम
    अहंकारी मोदी, UP में खाएंगे पटखनी : उग्राहां
    13 Aug 2021
    ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की BKU (उग्राहां) के प्रमुख जोगिंदर सिंह उग्राहां से और जानना चाहा कि जब UP में योगी सरकार किसान को लुभाने के लिए पंचायत तक करने पर उतर आई हैं तो कैसे…
  • भारत एक मौज : ओलंपिक और मोदीजी, नीरज चोपड़ा का गोल्ड मेडल और शक्तिमान बने 'भक्तिमान'
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज : ओलंपिक और मोदीजी, नीरज चोपड़ा का गोल्ड मेडल और शक्तिमान बने 'भक्तिमान'
    13 Aug 2021
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में संजय राजौरा मोदी जी और ओलंपिक के पदक विजेताओं के बीच बातचीत के बारे में बात कर रहे हैं। इसके साथ ही वह नीरज चोपड़ा के सिंगल होने में नविका कुमार की दिलचस्पी, शक्तिमान बन…
  • जैव विविधता से लेकर समोसे तक : सब कुछ दूषित?
    इंद्र शेखर सिंह
    जैव विविधता से लेकर समोसे तक : सब कुछ दूषित?
    13 Aug 2021
    सरकारें उपभोक्ताओं की सुरक्षा और आधिकारिक तौर पर स्वीकृत नहीं किए गए बीज के किस्मों के प्रसार को रोकने के साथ-साथ उनकी विषाक्तता और कैंसरशीलता की जांच के लिए भी जिम्मेदार होती हैं।
  • हिमांचल प्रदेश में बढ़ते भूस्खलन की वजह क्या है? लोग सड़कों का विरोध क्यों कर रहे हैं? 
    रश्मि सहगल
    हिमाचल प्रदेश में बढ़ते भूस्खलन की वजह क्या है? लोग सड़कों का विरोध क्यों कर रहे हैं? 
    13 Aug 2021
    हिमाचल प्रदेश के स्थानीय लोग जो चौड़ी और चिकनी सड़कों को लेकर उत्साहित थे, वे अब अवैज्ञानिक निर्माण के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं और नियमित अंतराल पर आंदोलन कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अब हर रोज भूस्खलन से…
  • संसद
    अजय कुमार
    21 घंटे चली भारत की संसद में 20 बिल पेश हुए, अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन
    13 Aug 2021
    लोकसभा में सरकार के मंत्री द्वारा पेश किए गए 15 बिल पर किसी भी दूसरे सांसद ने कोई राय नहीं रखी। और वह बिल संसद से पास होकर कानून में तब्दील हो गए। राज्यसभा में 20 बिलों में से केवल 2 बिल ऐसे थे, जिन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License