NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जारी ट्रैक नवीनीकरण के बावजूद ट्रेन दुर्घटनाओं में हुई वृद्धि
विभिन्न मार्गों पर जारी ट्रैक के मरम्मत कार्यों के चलते ट्रेनों की गति में बाधा हो रही है जो ट्रेन के नियत समय को प्रभावित कर रहा है जिसके चलते पंक्चुअलिटी रेट में गिरावट आ रही है।
अरूण कुमार दास
20 Aug 2018
train

देश भर में रेल ट्रैक को बेहतर करने के लिए बड़े पैमाने पर ट्रैक नवीनीकरण कार्य में तेज़ी के बावजूद ट्रेन दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। किए जा रहे ट्रैक की मरम्मत और उसके रखरखाव के काम ने ट्रेन के परिचालन को बाधित किया है जिसके चलते ट्रेन के पंक्चुअलिटी रेट के साथ रनिंग स्टेटस प्रभावित हो रही है।

पंक्चुअलिटी डेटा के मुताबिक़, नॉर्थ सेंट्रल ज़ोन 6-12 अगस्त 2018 के दौरान पंक्चुअलिटी रेट 52.72 प्रतिशत था, इसके बाद साउथ ईस्ट सेंट्रल ज़ोन का 61.34प्रतिशत और नॉर्दर्न ज़ोन का 61.45 प्रतिशत है। नॉर्दर्न ज़ोन का लखनऊ डिवीज़न और नॉर्थ सेंट्रल ज़ोन का इलाहाबाद डिवीज़न का प्रतिशत क्रमशः 35.54 और47.57 है जो कि पंक्चुअलिटी पर्फॉर्मेंस में सबसे निचले स्तर पर है। मुख्य मार्गों पर ट्रेनों की संख्या अधिक होने के चलते 80 से 9 0 प्रतिशत के बीच के पंक्चुअलिटी रेट को ठीक माना जाता है। पंक्चुअलिटी रेट के मामले में नॉर्दर्न ज़ोन में मुरादाबाद डिवीज़न और ईस्टर्न ज़ोन में हावड़ा डिवीजन का पर्फॉर्मेंस भी बेहतर नहीं है, इन दोनों ज़ोन का प्रतिशत क्रमशः 53.17 और 56 है, जबकि दिल्ली डिवीज़न का पर्फॉर्मेंस बेहतर है जो 80 प्रतिशत से ठीक नीचे यानी 77.84 फीसदी है।

ट्रैक को बेहतर करने के लिए विभिन्न मार्गों पर किए जा रहे मरम्मत कार्यों के चलते ट्रेन की गति में बाधा हो रही है जिसके चलते ट्रेनों का नियत समय प्रभावित हो रहा है, लेकिन रेलवे पुराने ट्रैक को नए ट्रैक से बदल रही है। विडंबना यह है कि ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रैक नवीनीकरण के बावजूद पिछले कुछ समय में कई दुर्घटनाएं हुई हैं।

रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक़ 1 अप्रैल 2017 और 16 अगस्त, 2017 के बीच ट्रेन दुर्घटनाओं के 20 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल की इसी अवधि 1 अप्रैल से 16 अगस्त 2018 में ट्रेन पलटने की घटनाएं 22 हो गई।

चूंकि रेल की पटरियों के कमज़ोर जुड़ाव और टूट-फूट सहित ट्रैक की ख़राबी के चलते ट्रेन के पटरी से उतरने की घटनाएं होती है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सुरेश प्रभु से ज़िम्मेदारी लेने के बाद पुराने पटरियों को नए पटरियों से बदलने पर ख़ास ध्यान दिया है। हालांकि, रेल दुर्घटनाओं में हुई वृद्धि ने ट्रैक के मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।

बढ़ती रेल दुर्घटनाओं को स्वीकार करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घटनारोधी उपायों के लिए दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि इन सबसे के बावजूद ट्रैक को बेहतर करने का काम जारी रहेगा। वास्तव में नई पटरियां बिछाना अब पहली प्राथमिकता नहीं है क्योंकि ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इसे ट्रैक नवीकरण में बदला गया है।

पंक्चुअलिटी मामले में उन्होंने कहा, "हमें विशेष मार्ग पर ट्रेन परिचालन को व्यवस्थित करना है ताकि ट्रैक की मरम्मत में मदद मिल सके जो देरी का कारण बनता है। लेकिन फिर भी यह यात्रियों की सुरक्षा का मामला है इसलिए हमें इसे जारी रखना होगा।"

अधिकारी ने कहा कि जारी ट्रैक के मरम्मत कार्य के चलते कई जगहों पर ट्रेन की गति में बाधा होती है जिसके चलते पंक्चुअलिटी रेट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा रेल के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए कई रेल ब्लॉक बनाए गए हैं।

हालांकि अधिकारी ने कहा कि रेल दुर्घटनाओं से यात्रियों को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है क्योंकि ज़्यादातर ये घटनाएं स्टेशनों के नज़दीक हुई है जहां ट्रेन की गति धीमी होती है।

ट्रैक के नवीनीकरण के अलावा रेलवे ट्रैक की ख़राबियों का तेज़ी से पता लगाने के लिए रेलवे वेहिकूलर अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (यूएसएफडी) सिस्टम भी हासिल कर रहा है। यह प्राथमिक चरण में ख़राबियों का पता लगा सकता है और सभी विकसित देश पटरियों की दरारों का पता लगाने में मानवीय जांच के बदले इस सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। वर्तमान में मैन्युअली तौर पर इसका पता लगाया जाता है जो किसी विशेष रेल मार्ग को पूरा करने में लंबा समय लगता है।

train derailment
train accidents
indian railways

Related Stories

ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम

केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार

कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?

रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक

भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा

निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!

भारत में नौकरी संकट जितना दिखता है उससे अधिक भयावह है!

बंगाल ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने के लिए आगे आये ‘रेड वालंटियर्स’

रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!

कोलकाता मेट्रो ने 2500 से अधिक अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी की


बाकी खबरें

  • weekend curfew
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली में ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र शनिवार-रविवार का कर्फ़्यू
    04 Jan 2022
    डीडीएमए की बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा, ‘‘शनिवार और रविवार को कर्फ़्यू रहेगा। लोगों से अनुरोध किया जाता है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।’’
  • Subramanian Swamy
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं
    04 Jan 2022
    मोदी सरकार चाहती है कि कोर्ट उनके ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर कोई ध्यान न दे जिसमें उन्होंने एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंज़ूरी रद्द करने का…
  • Hindu Yuva Vahini
    विजय विनीत
    बनारस में हिन्दू युवा वाहिनी के जुलूस में लहराई गईं नंगी तलवारें, लगाए गए उन्मादी नारे
    04 Jan 2022
    "हिन्दू युवा वाहिनी के लोग चाहते हैं कि हम अपना धैर्य खो दें और जिससे वह फायदा उठा सकें। हरिद्वार में आयोजित विवादित धर्म संसद के बाद बनारस में नंगी तलवारें लहराते हुए जुलूस निकाले जाने की घटना के…
  • Maulana Hasrat Mohani
    परमजीत सिंह जज
    मौलाना हसरत मोहानी और अपनी जगह क़ायम अल्पसंख्यक से जुड़े उनके सवाल
    04 Jan 2022
    आज भी अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करते हैं, ऐसे में भारत को संविधान सभा में हुई उन बहसों को फिर से याद दिलाने की ज़रूरत है, जिसमें बहुसंख्यकवाद के कड़वे नतीजों की चेतावनी दी गयी थी।
  • Goa Chief Ministers
    राज कुमार
    गोवा चुनावः  34 साल में 22 मुख्यमंत्री
    04 Jan 2022
    दल बदल के मामले में गोवा बाकी राज्यों को पीछे छोड़ता नज़र आ रहा है। चुनाव से पहले गोवा के आधे से ज्यादा विधायक पार्टी बदल चुके हैं। आलम ये है कि कहना मुश्किल है कि जो विधायक आज इस पार्टी में है कल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License