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भारत
राजनीति
जेएनयूएसयू चुनाव: मतगणना को लेकर बवाल जारी
जेएनयूएसयू चुनाव 2018-19 के लिए गणना एबीवीपी सदस्यों द्वारा हिंसा के बाद चुनाव समीति (ईसी) द्वारा निलंबित कर दी गई है|
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Sep 2018
जेएनयूएसयू चुनाव 2018-19

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में पहली बार इस तरह की हिंसा और बूथ कैप्चरिंग की घटना सामने आई है| ये दिन जेनयू के इतिहास में कालेदिवस के रूप में याद किया जाएगाI जिस तरह से शुक्रवार को भारी मतदान के बाद शाम को मतगणना शुरू हुई और परिक्रिया हर वर्ष की तरह बहुत ही शांति से चल रही थी| लेकिन आचानक ही ABVP ने वहाँ हमला बोल दिया, जिसके बाद से मतगणना को अन्श्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है|

स्कुल ऑफ़ लाइफ साइंसेज में चुनाव के नतीजे आये हैंI वहाँ ABVP की हार हुई, जो हमेशा से ही ABVP का गढ़ माना जाता रहा है| उसके बाद ही यह पूरा हंगामा शुरू हुआ तकरीबन चार बजे ABVP के नेता सौरभ शर्मा के नेतृत्व में वहाँ उनके कुछ अन्य साथी आते हैं और वहाँ लगे बैरिकेट को तोड़ते हैं, गार्ड को मारते हुए अंदर जाते हैं, चुनाव-समीति के लोगों पर हमला बोलते हैं, वहाँ रखी मत पेटी को ज़बरन ले जाने का प्रयास करते हैं|

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वाम छात्र संगठनों ने कहा कि सौरभ शर्मा, राघवेंद्र मिश्रा, अखिलेश पाठक और कुछ एबीवीपी उम्मीदवार जैसे ललित पांडे (एबीवीपी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार) और वेंकट चौबे (एबीवीपी संयुक्त सचिव उम्मीदवार) ने एसआईएस-1 बिल्डिंग में प्रवेश किया, दरवाजों के शीशे तोड़ दिए और मतगणना वाले कमरे में घुस गये| इसके बाद, उन्होंने कमरे में घेराबंदी की और किसी को भी कमरे में प्रवेश करने या बाहर निकलने से रोका। उन्होंने मतपत्रों को जबरन लेने की भी कोशिश की, जिसे चुनाव आयोग रोकने में कामयाब रहा। उन्होंने कुछ ईसी सदस्यों को मारा और घायल कर दिया।

 

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ABVP का कहना है कि उनके पोलिंग एजंट अंदर नहीं गए और उनके बिना ही मतगणना शुरू हुई, जो गलत है इसको लेकर वो विरोध कर रहे हैं|

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के नियमों के अनुसार मतगणना से पूर्व हमेशा तीन बार चुनाव अधिकारी द्वारा सभी उम्मीदवारों से अपील की जाती है कि वो अपने पोलिंग ऐजेंट को अंदर भेजें, फिर भी अगर कोई उम्मीदवार अपना पोलिंग एजेंट नहीं भेजता तो उस स्थिति में अगर दो पोलिंग एजेंट उपस्थित हो तो उनके साथ ही मतगणना शुरू की जाती है |

वहाँ के छात्रों के मुताबिक चुनाव अधिकारी ने नियम अनुसार तीन बार माइक से  बुलाया पर ABVP की तरफ से कोई नहीं गया, उस स्थिति चुनाव अधिकारी ने मतगणना शुरू कर दी| ऐसा नहीं कि यह सिर्फ ABVP के साथ हुआ हो, इस चुनाव में स्कूल ऑफ़ लैंग्वेजेज़ के मतगणना के दौरान वाम छात्र संग्ठन aisa भी अपने पोलिंग एजेंट को नहीं भेज पाया था, फिर भी मतगणना हुई और सबने उसको माना|

गुंडागर्दी और अराजकता से वहाँ मौजूद पत्रकार भी न बच सकें उन पर भी हमला हुआI  उनके फोन और कैमरा आदि छीन कर उसमें से फुटेज डिलेट कर दिया गया, क्योंकि उसमें ABVP के लोगों हिंसा की काली करतूत कैद थी|

वर्तमान स्थिति यह है कि इस घटना के बाद सभी छात्र संगठनों की एक बैठक बुलाई गई जिसमें सर्वसम्मती से यह निर्णय हुआ कि ABVP लिखित में चुनाव आयोग से माफी मांगेI इसके बाद मतगणना पुन: शुरू हो और इस बैठक में ABVP भी इस पर सहमत हुआ परन्तु उसने अब तक लिखित में चुनाव आयोग को नहीं दिया है| जैसे ही ABVP अपना माफीनामा आयोग को दे देगा मतगणना शुरू हो जाएगी|

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में ABVP के छात्रो ने अन्य छात्रों पर किया हमला 

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जेएनयू के छात्र संघ की पूर्व महासचिव सतरूपा ने कहा की एबीवीपी की गुंडागर्दी अब  बर्दास्त से बहार  है। हम में से कई मारा  और बहुत से लोग घायल हैं। एबीवीपी गुंड उनके पास  तलवार हैं, उन्होंने बतया कि असिफ इड्रीस,सुमित्रान बसु, दिनेश, वो खुद और कई अन्य हिट हैं। उन्होंने  तबेरेज़ हसन का फोन छीन लिया , जब वह हिंसा रिकॉर्ड कर रहे थे । हम चुनाव आयोग के साथ है , सभी संभावित समर्थन और सहयोग का देंगे |  हमें एकजुट है  और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गिनती तुरंत शुरू हो जाए।  आइए जेएनयू की लोकतांत्रिक संस्कृति और चुनाव की दुनिया भर में ज्ञात सुंदर प्रक्रिया को बचाने के लिए बार्केड बनाएं। चलो संघी गुंडों को हमारे चुनाव को बर्बाद करने की  इजाजत नहीं दी जा सकती  हैं।

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अभी मिली जानकारी के मुताबिक मतगणना जल्द शुरू होने वाली है| 

अभी तक की जानकरी यही है आगे और जानकारी आएगी, तो हम उसे भी इस रिपोर्ट में संशोधन करेंगे|

 

 

JNUSU
ABVP
Left politics
JNU
जेनयू छात्रसंघ चुनाव

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