NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जलवायु परिवर्तन : बड़े पेड़ लेकिन कम होती ताक़त
लकड़ी की चौड़ाई कम होने की वजह से , पेड़ कमज़ोर हो रहे हैं और पेड़ों में कार्बन कम हो रहा है। इसका अर्थ है कि पेड़ों में कार्बन डाइऑक्साइड सोकने की काबीलियत लगातार कम हो रही है।
संदीपन तालुकदार
24 Aug 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
climate change

लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन की वजह से एक दिलचस्प चीज़ सामने आयी है - यह देखा जा रहा है कि अब पेड़ जल्दी उगतें हैं और बड़े भी होते हैं लेकिन उनका धनत्व कम होता जा रहा है। लकड़ी की चौड़ाई कम होने की वजह से पेड़ अपनी ताक़त खो रहे हैं और इससे उन्हें वायु,तूफ़ान ,बर्फ आदि नुक्सान पहुँचा सकते हैं। सैकड़ों सालों से लड़की का इस्तेमाल ईंधन और निर्माण के लिए किया गया है। इसीलिए कमज़ोर पेड़ों की वजह से इन उद्देशों के लिए लड़की के स्थाईत्व और उपयोगिता पर भी असर पड़ेगा। 

हाल ही में आयी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 100 सालों से लड़की की चौड़ाई कम हो रही है और इसी वजह से उसकी ताक़त भी कम होती जा रही है। मध्य यूरोप में पाए गए लड़की के नमूने दिखाते हैं कि फर ,बीच और बलूत के पेड़ों की लड़की की चौड़ाई कम हुई है। बताया गया है कि 1870 से अब तक चौड़ाई 8 से 12% तक कम हुई है लेकिन पेड़ों की संख्या और अकार में में बढ़ौतरी हुई है। तापमान के बढ़ जाने से फोटोसिंथेसिस की गति बढ़ जाती है और पेड़ों के बढ़ने की अवधि का विस्तार होता है। बढ़ौतरी की अवधि में विस्तार के साथ हवा में कार्बन डाइऑक्साइड में बढ़ौतरी और वायुमंडलीय जमावट की वजह से  नाइट्रोजन की सप्लाई में बढ़ौतरी की वजह से पेड़ों की संख्या बढ़ती है। अध्ययन यह बताते हैं कि कीटनाशकों के ज़्यादा इस्तेमाल की वजह से ज़मीन में और वाहनों की वजह से हवा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ गयी है। यह लड़की की चौड़ाई कम होने का मुख्य कारण है। पहले के अध्ययन कीटनाशकों के ज़्यादा इस्तेमाल से लकड़ी की चौड़ाई में कमी की बात कर चुके हैं। 

बढ़ौतरी के समय सीमा में विरद्धि का यह भी मतलब होता है कि पेड़ ज़्यादा तेज़ी से बढ़ते हैं जिसका असर शहरों के पेड़ों पर ज़्यादा होता है , जो कि ग्रामीण क्षेत्रों के पेड़ों से 25 %ज़्यादा तेज़ी से उगते हैं। सुनने में ऐसा लग सकता कि ग्लोबल वॉर्मिंग से अच्छा अभी हो सकता है। लेकिन  सिर्फ ज़्यादा बढ़ौतरी और पेड़ों का बड़ा होना ,पेड़ों पर ग्लोबल वॉर्मिंग का असर देखने का पैमाना नहीं हो सकता। लकड़ी का कमज़ोर होना और उसकी चौड़ाई में कमी के आलावा पेड़ों में कार्बन की भी कमी होने लगी है। इससे पेड़ों की पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को कम करने की योग्यता में कमी आती है। पेड़ों की यह योग्यता उस दौर में पर्यावरण का  संतुलन बनाने के लिए  ज़रूरी है जब लगातार औद्योगीकरण और वाहनों में बढ़ौतरी हो रही है। पेड़ लगताना पर्यावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने के लिए सबसे प्राकृतिक तरीका है इसीलिए पेड़ों की कार्बन डाइऑक्साइड कम करने की योग्यता में कमी पर्यावरण के लिए खतरनाक है। यह भी कहा जा रहा है कि पेड़ों की संख्या बढ़ जाने से बॉयोमास उत्पादन में भी बढ़ौतरी होती है। लेकिन पेड़ों की बढ़ौतरी के अनुपात में बॉयोमास उत्पादन बहुत कम है। 

climate change
trees
Environmental Pollution

Related Stories

गर्म लहर से भारत में जच्चा-बच्चा की सेहत पर खतरा

मज़दूर वर्ग को सनस्ट्रोक से बचाएं

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

लगातार गर्म होते ग्रह में, हथियारों पर पैसा ख़र्च किया जा रहा है: 18वाँ न्यूज़लेटर  (2022)

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

दुनिया भर की: गर्मी व सूखे से मचेगा हाहाकार

दिल्ली से देहरादून जल्दी पहुंचने के लिए सैकड़ों वर्ष पुराने साल समेत हज़ारों वृक्षों के काटने का विरोध

विश्व जल दिवस : ग्राउंड वाटर की अनदेखी करती दुनिया और भारत

जलवायु बजट में उतार-चढ़ाव बना रहता है, फिर भी हमेशा कम पड़ता है 

ग़रीब कामगार महिलाएं जलवायु परिवर्तन के चलते और हो रही हैं ग़रीब


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License