NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखण्ड की भाजपा सरकार का एक और नया कारनामा
15 मिनट की जनसुनवाई और 1700 एकड़ आदिवासियों की जमीन अडानी के हवाले
संघर्ष संवाद
07 Dec 2016
झारखण्ड की भाजपा सरकार का एक और नया कारनामा

झारखण्ड के गोड्डा जिले के मोतिया गांव में अडानी पावर प्लांट को दी जा रही 1700 एकड़ जमीन के खिलाफ ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने 6 दिसंबर 2016 को गोड्डा में जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई के खिलाफ हो रहे विरोध को ही अपना हथियार बना प्रशासन ने न सिर्फ जनसुनवाई को बीच में ही रोक दिया बल्कि ग्रामीणों पर बर्बर लाठी चार्ज भी किया। और इसी के साथ देखते ही देखते 15 मिनट के अंदर 1700 एकड़ जमीन अडानी के हवाले कर दी गई। हम यहां पर आपके साथ दीपक रंजीत की इस जनसुनवाई के नाटक की विस्तृत रिपोर्ट साझा कर रहे है;

पूंजीपतियों के बहुमत सरकार ने अदानी के कहने पर गोड्डा, झारखण्ड में ग्रामीणों के उपर किया लाठी चार्ज।

गोड्डा में प्रस्तावित अदानी पॉवर प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों में बड़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने आज दिनांक 6 दिसंबर 2016 गोड्डा में जनसुनवाई का आयोजन किया था।

जिसमे ग्रामीणों के विरोध को दबाने के लिए प्रशासन ने लाठी चला दिया। और रघुवर के पूंजीपति समर्थित पुलिस ने लोगों को घर में घुस-घुस कर मारा है। जिसमे दर्जनों ग्रामीण घायल हुआ।

प्रशासन ने अपना चतुराई दिखाते हुए एक ही दिन, एक ही समय में गोड्डा के मोतिया इलाके में 2 जनसुनवाई का आयोजन किया। ताकि पॉवर प्लांट का विरोध कर रहे समूह इकठ्ठा न हो सके। विरोध जोरदार न सके परन्तु इसके बावजूद अदानी पॉवर प्लांट का जोरदार विरोध हुआ। जिस कारण प्रशासन ने लाठीचार्ज के बहाने जनता के आवाज को दबाने के लिए जनसुनवाई को बिच में ही रोक दिया।

प्रशासन ने एक और चालाकी यह किया था कि जनसुनवाई में सिर्फ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को ही आने का इजाजत था। उसमे भी जो लोग अदानी के दलाल तत्व के लोगो को ही अन्दर आने का परमिशन मिला। बाकि जो अपना जमीन छोड़ना नहीं चाहता है, विस्थापित नहीं होना चाहता है वैसे लोगो को वोटर कार्ड दिखाने के बाद भी अन्दर नहीं जाने दिया गया।

सवाल तो यह भी उठ सकता है कि प्रशासन और अदानी के कर्मचारी वहां कैसे उपस्थित थे? क्या वे भी प्रस्तावित पॉवर प्लांट क्षेत्र के निवासी थे?

प्रशासन के रवैये से साफ़ प्रतीत होता है कि वे अब सीधे- सीधे पूंजीपतियों के दलाली पर उतर आया है और संकेत दे रहा है कि नोटबंदी के दौर में आपको अपना मुह भी बंद रखना पड़ेगा। क्यूंकि साहब को न सुनना पसंद नहीं है।

आप विस्थापन के खिलाफ आवाज उठाते है तो आप विकास विरोधी कहलायेंगे। बाद में आपके ऊपर नक्सलाईट होने का तमगा भी खुद ही लगा देंगे।

उससे भी नहीं माने तो जिसतरह बड़कागांव में गोलीकांड हुआ उसी तरह अगला गोलीकांड गोड्डा में भी करवा दिया जायेगा। आखिर विकास के लिए उन्हें हमारा खून भी तो चाहिए होगा। जबतक झारखंडी लोग मिट खप नहीं जाते इसके बिना कहा उनका विकास होगा।

हो सकता इसका रुपरेखा अदानी साहब रघुवर दास के ऑफिस में रच भी चूका होगा। स्थानीय नीति में दिकुओं को प्राथमिकता देना । इसके बाद सीएनटी/एसपीटी एक्ट में पूंजीपतियों के लिए छेड़छाड़ किया जाना और अब बड़कागांव गोलीकांड, खूंटी गोलीकांड के बाद गोड्डा में अदानी के प्रस्तवित पॉवर प्लांट में लाठी चार्ज करना उसी दिशा में रघुवर दास का बढता कदम साफ़ साफ़ दिख रहा है।

झारखंडी भाइयों अब तो जागिये अपने हक़अधिकार के लिए उठ खड़े होईये।

अभी नहीं तो कभी नहीं।

 

Courtesy: संघर्ष संवाद
झारखण्ड
अदानी
भाजपा

Related Stories

#श्रमिकहड़ताल : शौक नहीं मज़बूरी है..

आपकी चुप्पी बता रहा है कि आपके लिए राष्ट्र का मतलब जमीन का टुकड़ा है

कोयला आयात घोटाला : अदानी समूह ने राहत पाने के लिए बॉम्बे हाइ कोर्ट का रुख किया

शोभापुर लिंचिंग: बच्चे पिता के इंतज़ार में हैं जो अब नहीं लौट सकते

नागाड़ी लिंचिंगः एक परिवार के 3 सदस्य मार दिए गए, मुख्य संदिग्ध फरार

अबकी बार, मॉबलिंचिग की सरकार; कितनी जाँच की दरकार!

आरक्षण खात्मे का षड्यंत्र: दलित-ओबीसी पर बड़ा प्रहार

झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त विरोध

फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट: खूँटी बलात्कार में पत्थलगड़ी के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है

पत्थलगड़ी सरकार के सर पर चढ़ी!


बाकी खबरें

  • brooklyn
    एपी
    ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी से जुड़ी वैन मिली : सूत्र
    13 Apr 2022
    गौरतलब है कि गैस मास्क पहने एक बंदूकधारी ने मंगलवार को ब्रुकलिन में एक सबवे ट्रेन में धुआं छोड़ने के बाद कम से कम 10 लोगों को गोली मार दी थी। पुलिस हमलावर और किराये की एक वैन की तलाश में शहर का चप्पा…
  • non veg
    अजय कुमार
    क्या सच में हिंदू धर्म के ख़िलाफ़ है मांसाहार?
    13 Apr 2022
    इतिहास कहता है कि इंसानों के भोजन की शुरुआत मांसाहार से हुई। किसी भी दौर का कोई भी ऐसा होमो सेपियंस नही है, जिसने बिना मांस के खुद को जीवित रखा हो। जब इंसानों ने अनाज, सब्जी और फलों को अपने खाने में…
  • चमन लाल
    'द इम्मोर्टल': भगत सिंह के जीवन और रूढ़ियों से परे उनके विचारों को सामने लाती कला
    13 Apr 2022
    कई कलाकृतियों में भगत सिंह को एक घिसे-पिटे रूप में पेश किया जाता रहा है। लेकिन, एक नयी पेंटिंग इस मशहूर क्रांतिकारी के कई दुर्लभ पहलुओं पर अनूठी रोशनी डालती है।
  • एम.के. भद्रकुमार
    रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं
    13 Apr 2022
    यह दोष रेखाएं, कज़ाकिस्तान से म्यांमार तक, सोलोमन द्वीप से कुरील द्वीप समूह तक, उत्तर कोरिया से कंबोडिया तक, चीन से भारत, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तक नज़र आ रही हैं।
  • ज़ाहिद खान
    बलराज साहनी: 'एक अपरिभाषित किस्म के कम्युनिस्ट'
    13 Apr 2022
    ‘‘अगर भारत में कोई ऐसा कलाकार हुआ है, जो ‘जन कलाकार’ का ख़िताब का हक़दार है, तो वह बलराज साहनी ही हैं। उन्होंने अपनी ज़िंदगी के बेहतरीन साल, भारतीय रंगमंच तथा सिनेमा को घनघोर व्यापारिकता के दमघोंटू…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License