NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
भारत
राजनीति
झारखंड: मॉब लिंचिंग के आरोपियों को हिरासत से छुड़ाने के लिए भीड़ ने किया थाने का घेराव
झारखंड के खूंटी जिले में भीड़ ने गोकशी के संदेह में शारीरिक रूप से अक्षम एक व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी जबकि दो अन्य को बुरी तरह से घायल कर दिया।
सोनिया यादव
23 Sep 2019
mob lynching
Image courtesy:Caravan Daily

झारखंड में एक बार फिर हिंसक भीड़ द्वारा एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने की खबर सुर्खियों में है। ताजा मामला गत रविवार को खूंटी जिले से सामने आया है। यहां हिंसक भीड़ ने गोकशी के संदेह में एक शारीरिक रूप से अक्षम आदिवासी व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी जबकि दो अन्य को बुरी तरह से घायल कर दिया है।

पुलिस द्वारा आरोपियों को हिरासत में लिए जाने के बाद एक हैरान कर देने वाली बात देखने को मिली। ग्रामीणों ने हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग को लेकर कार्रा पुलिस थाने का घेराव किया। जिसके बाद उप संभागीय पुलिस अधिकारी रुषभ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि निर्दोष पाए जाने पर उन लोगों को छोड़ दिया जाएगा, तब जाकर कहीं थाने का घेराव खत्म हुआ।

जलतांगा गांव की इस घटना में मारे गए शख्स की पहचान कालांतस बारला के रूप में की गई है। इस वारदात की पुष्टि करते हुए डीआईजी अमोल वेनुकट होमकर ने पीटीआई भाषा को बताया कि इस संबंध में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है और शुरुआती जांच में घटना में उनकी लिप्तता सामने आई है। पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है।

वेनुकट के अनुसार घटनास्थल की जांच में पुलिस को वहां से मृत गाय नहीं मिली लेकिन भीड़ द्वारा लोगों को पीटने के सबूत जरूर मिले हैं। उन्होंने आगे बताया कि अब तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

एक स्थानीय निवासी ने न्यूज़क्लिक को बताया, 'गांव के सुवारी नाला के पास रविवार सुबह ज़िले के कुछ लोगों ने इन तीन लोगों को कथित तौर पर प्रतिबंधित मांस बेचते देखा। जिसके बाद कई गांवों के लोग इकट्ठे होकर इन्हें मारने लगे। बाद में शायद किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दी। फिर मौक़े पर पहुंची पुलिस ने उन्हें भीड़ से छुड़ाया और अस्पताल ले गए।'

न्यूज़क्लिक को एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि पुलिस द्वारा तीनों घायलों को पहले कर्रा अस्पताल लाया गया था। जिसके बाद डॉक्टरों ने तीनों को रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज़ (रिम्स) रेफ़र कर दिया। रिम्स ले जाने के कुछ ही देर बाद इन में से एक की मौत हो गई।

कुछ स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक बालरा गोपालपुर गांव के निवासी थे। वे अपनी बहन के गांव सुवारी आए थे। बाकी के दोनों घायल कर्रा थाना इलाके के ही रहने वाले हैं।

जलातंगा के निवासी जगदीश सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया है, 'अभी गांव में शांति का माहौल है, हालांकि रविवार को स्थिति तनावपूर्ण थी।' उन्होनें बताया कि पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही है।

खबरों के अनुसार ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि भीड़ द्वारा पीटे गए तीनों लोग प्रतिबंधित मांस बेच रहे थे और इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है।

इस घटना में घायल फागु कच्छप ने मीडिया को बताया कि उन लोगों पर लगे गोहत्या के आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने जानवर को बांधने जा रहे थे, तभी लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और पीटने लगे।

फागु ने आगे कहा कि इस घटना के मृतक और दूसरे साथी भी सुवारी नाले में नहाने गए थे, मांस बेचने या ख़रीदने नहीं।

गौरतलब है कि सितंबर महीने में ही झारखंड के अलग-अलग इलाकों में भीड़ द्वारा पीटे जाने से संबंधित तीन घटनाओं की पुलिस रिपोर्ट दर्ज करायी गई है।

वहीं, बीते तीन सालों के आंकड़ें देखें तो प्रदेश में गौहत्या और बच्चा चोरी के शक में 21 लोगों की मौत हिंसक भीड़ के हाथों हुई है। वहीं, कालाजादू और डायन बयासी के संदेह में 90 लोग भीड़ का शिकार बने हैं।

ये बिडंबना ही है कि एक ओर जहां झारखंड पुलिस इन दिनों मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ लोगों को जागरूक करने के कार्यक्रम चला रही है वहीं, तरह की घटना निश्चित ही प्रदेश की भाजपा सरकार के प्रशासन को सवालों के कठघरे में खड़ा करती है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

mob lynching
Jharkhand Lynching
Rumour cow theft
rumors of cow molestation
JHARKHAND POLICE
Jharkhand government

Related Stories

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

शामली: मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ़्तार

बिहार: समस्तीपुर माॅब लिंचिंग पीड़ितों ने बिहार के गृह सचिव से न्याय की लगाई गुहार

त्रिपुरा: भीड़ ने की तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या, आख़िर कौन है बढ़ती लिंचिंग का ज़िम्मेदार?

राजस्थान : फिर एक मॉब लिंचिंग और इंसाफ़ का लंबा इंतज़ार

झारखंड: 50 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार, गुप्तांग में चोट के बाद महिला अस्पताल में भर्ती

झारखंड: मुख्यमंत्री के काफिले पर हिंसक हमला, भाजपा ने कहा लोकतान्त्रिक विरोध!


बाकी खबरें

  • AUKUS May put NATO’s Future into Question
    जेम्स डब्ल्यू कार्डेन
    नाटो के भविष्य को संकट में डाल सकता है एयूकेयूएस 
    25 Sep 2021
    इस डील के परिणामस्वरूप दो ऐतिहासिक साझीदारों, अमेरिका एवं फ्रांस के संबंधों में गंभीर दरार आ गई है। इससे नाटो को भी आनुषांगिक रूप से घाटा हो सकता है।
  • Tamil Nadu
    नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु के मछुआरे समुद्री मत्स्य उद्योग विधेयक के ख़िलाफ़ अपना विरोध तेज़ करेंगे
    25 Sep 2021
    मछुआरे समुदाय का आरोप है कि विधेयक और ब्ल्यू इकॉनमी मसौदा नीति कॉर्पोरेट संस्थाओं के हितों का पक्षपोषण करती है।
  • Afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या शांति की ओर बढ़ रहा है अफ़ग़ानिस्तान?
    25 Sep 2021
    अफ़गान अर्थव्यवस्था को उबारने में चीन की तत्परता एक बिल्कुल नया कारक है। अब बाइडेन प्रशासन अफ़गानिस्तान और मध्य एशिया में और अधिक उलझावों में शामिल नहीं होना चाहता है, इन हालत में अफ़गानिस्तान के पड़ोसी…
  • Kannur University
    सुचिंतन दास
    नहीं पढ़ने का अधिकार
    25 Sep 2021
    नफ़रत और कट्टरता से भरी बातों को पढ़ने से इनकार कर के कन्नूर विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस सिलेबस की समीक्षा करने और इसके ज़रिये शासन की विस्तारात्मक नीति का  विरोध कर अहम राजनीतिक कार्य को अंजाम…
  • Harshil farmers
    वर्षा सिंह
    हर्षिल के सेब किसानों की समस्याओं का हल क्यों नहीं ढूंढ पायी उत्तराखंड सरकार
    25 Sep 2021
    हर्षिल के काश्तकारों ने इस महोत्सव का सीधे तौर पर बायकॉट कर दिया। महोत्सव शुरू होने के चार रोज़ पहले से ही हर्षिल में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया था। महोत्सव के दिन हर्षिल में किसानों ने ढोल-दमाऊं जैसे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License