NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
कैंसर है विकसित देशों में मौत का सबसे बड़ा कारण: सर्वेक्षण
आकड़ों के अनुसार वैश्विक स्तर पर मध्यम उम्र के वयस्कों में मौत का सबसे बड़ा कारण अब भी हृदय संबंधी बीमारियां हैं। इनके कारण विश्वभर में 40 प्रतिशत से अधिक मौत होती हैं। ऐसा माना जाता है कि वर्ष 2017 में इन बीमारियों से करीब एक करोड़ 77 लाख लोगों की मौत हुई।
04 Sep 2019
कैंसर है विकसित देशों में मौत का सबसे बड़ा कारण: सर्वेक्षण
Image Credit : The Cheat Sheet

वैश्विक स्तर पर किए गए दो सर्वेक्षणों में यह तथ्य सामने आया है कि विकसित देशों में मौत का सबसे बड़ा कारण कैंसर बन गया है। वैश्विक स्तर पर हुए स्वास्थ्य संबंधी सर्वेक्षणों के अनुसार इन देशों में मौत का सबसे बड़ा कारण पहले हृदय संबंधी बीमारियां थीं लेकिन अब कैंसर सबसे बड़ा कारण बन गया है। आकड़ों के अनुसार वैश्विक स्तर पर मध्यम उम्र के वयस्कों में मौत का सबसे बड़ा कारण अब भी हृदय संबंधी बीमारियां हैं। इनके कारण विश्वभर में 40 प्रतिशत से अधिक मौत होती हैं। ऐसा माना जाता है कि वर्ष 2017 में इन बीमारियों से करीब एक करोड़ 77 लाख लोगों की मौत हुई। चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़ी ‘द लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित इन दोनों अध्ययनों के अनुसार विकसित देशों में सबसे ज़्यादा मौत हृदय संबंधी बीमारियों से नहीं बल्कि कैंसर से हो रही है। क्यूबेक स्थित लावाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गिल्स डेगानिस ने बताया कि अधिक आय वाले देशों में हृदय संबंधी बीमारियां मौत का सबसे बड़ा कारण नहीं हैं। डेगानिस कहते हैं, हृदय संबंधी बीमारियों की दर वैश्विक स्तर पर कम हो रही है यानी ‘‘कुछ ही दशकों में’’ कैंसर दुनिया भर में मौत का सबसे बड़ा कारण बन जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में कैंसर तेजी से फैल रहा है और ख़तरनाक रूप लेता जा रहा है। कैंसर की स्थिति को लेकर भारत में किए गए एक ताज़ा अध्ययन में बताया गया है कि यहां प्रत्येक 20 वर्ष में इस जानलेवा बीमारी से पीड़ित मरीज़ों की संख्या दोगुनी हो रही है। इस अध्ययन में बताया गया है कि कैंसर का सबसे ज़्यादा ख़तरा सबसे ज़्यादा आबादी वाले आठ राज्यों में है।

कैंसर का सबसे ज़्यादा ख़तरा बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा और उत्तराखंड राज्यों में है। रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2018 में कैंसर के साढ़े ग्यारह लाख मामले सामने आए थे और वर्ष 2040 में इन मामलों की संख्या दोगुनी हो जाएगी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

cancer
Cancer Deaths
India
Bihar
Madhya Pradesh
UTTARAKHAND
The Lancet

Related Stories

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

बिहारः पिछले साल क़हर मचा चुके रोटावायरस के वैक्सीनेशन की रफ़्तार काफ़ी धीमी

बिहारः मुज़फ़्फ़रपुर में अब डायरिया से 300 से अधिक बच्चे बीमार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती

बिहार की राजधानी पटना देश में सबसे ज़्यादा प्रदूषित शहर

इको-एन्ज़ाइटी: व्यासी बांध की झील में डूबे लोहारी गांव के लोगों की निराशा और तनाव कौन दूर करेगा

लोगों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है फ्लोराइड युक्त पानी

बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    भाषा सिंह
    बात बोलेगी: सावित्री बाई फुले को याद करना, मतलब बुल्ली बाई की विकृत सोच पर हमला बोलना
    03 Jan 2022
    सवाल यह है कि जिन लोगों ने, सावित्री बाई फुले के ऊपर कीचड़ डाला था, उनके ख़िलाफ गंदी-अश्लील टिप्पणी की थी, वे 2022 में कहां हैं। वे पहले से अधिक खूंखार हो गये हैं, पहले से ज्यादा बड़े अपराधी—जिन्हें…
  • stop
    सोनिया यादव
    ‘बुल्ली बाई’: महिलाओं ने ‘ट्रोल’ करने के ख़िलाफ़ खोला मोर्चा
    03 Jan 2022
    मुस्लिम महिलाओं को ‘ट्रोल’ करने की कोशिश के बीच विपक्ष के साथ-साथ महिला संगठनों और आम लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मामले में सरकार और पुलिस की सक्रियता और कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः एनएमसीएच के 84 डॉक्टर कोरोना पॉज़िटिव, मरीज़ों में कोरोना चेन बनने का ख़तरा
    03 Jan 2022
    एनएमसीएच में डॉक्टरों समेत 194 लोगों का सैंपल लिया गया था। 84 डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आशंका बढ़ गई है कि अस्पताल के कई मेडिकल स्टॉफ भी चपेट में आ सकते हैं।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : जारी है एचईसी मज़दूरों की हड़ताल, साथ आए सभी विपक्षी दल
    03 Jan 2022
    एचईसी के मज़दूरों के टूल डाउन और हड़ताल को एक महीना हो गया है और अभी भी वो जारी है, ऐसा एचईसी के इतिहास में पहली बार हुआ है।
  • covid
    ऋचा चिंतन
    नहीं पूरा हुआ वयस्कों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य, केवल 63% को लगा कोरोना टीका
    03 Jan 2022
    पहले केंद्र ने दिसंबर 2021 के अंत तक भारत में सभी वयस्क आबादी के पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल कर लेने का लक्ष्य घोषित किया था। जबकि हकीकत यह है कि करीब 9.73 करोड़ वयस्कों को अभी भी दोनों खुराक दी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License