NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोर्ट के आश्वासन के बाद हरियाणा रोडवेज की हड़ताल स्थगित
हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि हड़ताल के दौरान हुई उत्पीडऩ की सभी कार्रवाई को निष्क्रय करे। अगली सुनवाई तक परिवहन विभाग के किसी भी कर्मी की गिरफ्तारी नहीं होगी। एस्मा की कार्रवाई को भी रद्द कर दिया जाए और निलंबित, बर्खास्त कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लिया जाए।
मुकुंद झा
02 Nov 2018
HARYANA RODWAYS
Image Courtesy : yuvaharyana

हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों की ऐतिहासिक हड़ताल हाईकोर्ट के आश्वासन के बाद स्थगित हो गई है। यह  हड़ताल 18 दिन तक चली जिसे आज हरियाणा व पंजाब हाईकोर्ट ने मध्यस्ता कर खत्म कराया। शनिवार से हरियाणा रोडवेज की बसें सड़को पर फिर से चलेंगी।  

ये हरियाणा के इतिहास में सबसे बड़ी हड़ताल रही, इससे पूर्व भजनलाल के मुख्यमंत्रित्व काल में 16 दिनों की रोडवेज हड़ताल हुई थी जिसके बाद सरकार को कर्मचारियों की मांगो को मानना पड़ा था।

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अरविन्द सेठ की जनहित याचिका जिसमें उन्होंने रोडवेज की हड़ताल से आम लोगो को हो रही समस्या का जिक्र करते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप कर हड़ताल को खत्म कराने की अपील की गई थी, पर सुनवाई करते हुए रोडवेज यूनियनों को हड़ताल खत्म करने के लिए कहा। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार व पुलिस भी इसमें अब कोई गिरफ्तारी न करे। मुख्य न्यायधीश कृष्णा मुरारी ने यूनियन के नेताओ से यह भी कहा कि हड़ताल से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, समाधान केवल बातचीत से होगा, लेकिन पहले आप लोगो को हड़ताल वापस लेनी होगी।

इसके साथ ही हरियाणा की भाजपा सरकार को यह निर्देश दिया कि हड़ताल के दौरान हुए उत्पीडऩ की सभी कार्रवाई को निष्क्रय करे। अब पुलिस व सरकार अगली सुनवाई तक परिवहन विभाग के किसी भी कर्मी की गिरफ्तारी नहीं करेगी। हाईकोर्ट ने कहा कि निलंबित, बर्खास्त व अन्य कार्रवाई से प्रभावित कर्मियों को वापस ड्यूटी देना सरकार का दायित्व होगा। हड़ताल के दौरान एस्मा के तहत हुई कार्रवाईयां भी रद्द होंगी। रोडवेज हड़ताल के समर्थक अन्य विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई न की जाए।

परन्तु यह निर्णय तभी लागू होंगे जब कर्मचारी शनिवार सुबह 10 बजे वापस अपने काम पर लौटें अगर शनिवार को रोडवेज कर्मचारी काम पर नही लौंटे तो यह निर्णय मान्य नहीं होंगे।

इसपर यूनियन नेताओं ने कोर्ट को आश्वास्त कराया की उन्हें कोर्ट का हर निर्णय मंजूर होगा। परन्तु उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि जिस पॉलिसी के कारण हड़ताल शुरू की गई उस पॉलिसी पर स्टे लगा कर रोके, जिसपर कोर्ट ने कहा कि इस पर हम अगली सुनवाई में चर्चा करेंगे जो 14 नवंबर को है, इसके बाद ही इस पर कोई निर्णय लेंगे।

इस दौरान कोर्ट ने सरकार से कर्मचारी यूनियनों से बातचीत कर हल करने के लिए कहा है।  इसको लेकर कर्मचारी यूनियन के नेता जय कँवर ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा की हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है । उन्होंने कहा  इस निर्णय के बाद सरकार कम से कम बात करने को तैयार हुई है जो इससे पहले कर्मचारी संघ से बात करने से भागती थी। अब हमें उम्मीद है की सरकार हमारी रोडवेज बचाने की मांग को मानेगी।

इस बीच 12 नवम्बर को सरकार ने कर्मचारी यूनियनों के नेताओं को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया है।

हरियाणा सरकार का पत्र.jpeg

जय कँवर ने कहा कि “हम सरकार से पहले भी कह रहे थे कि अगर सरकार के पास नयी बसों को लाने के लिए संसाधनों की कमी है तो वो रोडवेज का हर कर्मचारी अपना लहू बेचकर सरकार को देगा लेकिन देश और एशिया के सबसे बेहतर सार्वजनिक परिवहन को निजी हाथो में बिकने नहीं देगा, ये हम आज अपने हरियाणा वासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं।

आपको बता दें हरियाणा में रोडवेज कर्मचारी हरियाणा सरकार के 720 निजी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत रोडवेज में शामिल करने के निर्णय के खिलाफ 16 अक्टूबर से हड़ताल पर थे। इन 720 बसों में से लगभग 500 बसों का टेंडर भी हो गया था।

इसके बाद सरकार ने शुरुआत में कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या को हल करने के बजाय उनपर एस्मा के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल में भरना और बर्खास्त करना शुरू कर दिया जिससे कर्मचारियों का गुस्सा और भड़क गया और उनका आन्दोलन और तेज हुआ। इसमें उन्हें हरियाणा की आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिला। साथ ही अन्य विभाग के कर्मचारी भी इस हड़ताल का हिस्सा बन गए, जिसके बाद सरकार ने कर्मचारियों से बातचीत की शुरुआत कि परन्तु बातचीत विफल रही। जिसके बाद से स्थिति बद से बदतर होने लगी।

हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के सदस्य धर्मवीर हुड्डा ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा की हमनें कोर्ट के अंतिरम आदेश का सम्मान करते हुए कल, शनिवार से बस चलाने का निर्णय लिया है ,कोर्ट ने त्योहारों पर लोगो को हो रही परेशानी को देखते हुए यह सलाह दी और हमने भी इसको देखते हुए अपनी इस हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय किया है। लेकिन इसी के साथ आगे वो कहते हैं कि परन्तु हरियाणा की खट्टर सरकार का रोडवेज के निजीकरण की नीति का हम आज भी विरोध करते हैं|

उन्होंने सरकार को भी आगाह करते हुए कहा कि जैसे हमने कोर्ट के निर्णय का सम्मान किया, खट्टर सरकार को भी करना चाहिए ,इसी उम्मीद से हम 12 नवम्बर की बातचीत के लिए सरकार के बुलावे पर जाएँगे अगर सरकार वहाँ भी नहीं मानी तो हम 14 नवम्बर को कोर्ट को बताएंगे। अगर सरकार फिर भी नहीं मानी तो हम अपना संघर्ष का रास्ता एकबार फिर अपनाने को मजबूर होंगे।

धर्मवीर हुड्डा ने इस पूरे संघर्ष में हरियाणा की जनता ने जिस तरह सड़क पर उतरकर उनका संघर्ष में साथ दिया उसके लिए धन्यवाद दिया और कहा कि “हम पूंजीपति की इस दलाल सरकार को हरियाणा की शान रोडवेज को बर्बाद  नहीं करने  देंगे। हम हरियाणा में नौजवानों को रोजगार मिले, लोगों को सस्ता व सुरक्षित यातायात साधन मिले, इसका संघर्ष उनके सहयोग से हमेशा जारी रखंगे।”

haryana roadways strike
rodways strike ends
Haryana High Court
haryana bus
manohar laal khattar

Related Stories

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

हरियाणा का नया भूमि अधिग्रहण कानून : किसानों पर एक और प्रहार

किसान आंदोलन: करनाल हिंसा के विरोध में देश भर में आंदोलन, 5 सितंबर की महापंचायत की तैयारी ज़ोरों पर

'खट्टर को भरना पड़ेगा मुआवजा': करनाल हिंसा में घायल किसान

हरियाणा: आए दिन सामने आ रहे पेपर लीक घोटाले सरकार पर सवाल क्यों खड़े करते हैं?

खोरी गांव : पुलिसिया दमन के बीच आज भी जारी रहा तोड़-फोड़, हरियाणा सरकार की पुनर्वास योजना हवा हवाई

खोरी गांव: विरोध प्रदर्शन के बीच बारिश में तोड़े जा रहे मकान, कई स्थानीय और सामाजिक कार्यकर्ता हुए गिरफ़्तार

फैक्ट चेक: हरियाणा सरकार का विदेशी तस्वीरों से देसी प्रोपगेंडा


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License