NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कर्नाटक का कूर्ग ज़िला बुरी तरह बाढ़ की चपेट में, बांधों के भरने से तमिलनाडु को ख़तरा
भारी बारिश के चलते पश्चिमी घाट पर स्थिति भयावह हो गई है। इस बीच बाढ़ प्रभावित राज्य केरल के बाद कर्नाटक का दक्षिणी ज़िला कूर्ग भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। वहीं तमिलनाडु को भी हाई अलर्ट कर दिया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Aug 2018
floods threat in Karnataka and Tamil Nadu

भारी बारिश के चलते केरल का ज़्यादातर हिस्सा डूब गया है। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए है वहीं सैंकड़ों लोगों की जानें चली गई। इस बीच राहत व बचाव कार्य सरकारी व ग़ैर सरकारी संगठनों द्वारा तेज़ी से किया जा रहा है। राज्य में साल 1924 के बाद इस तरह की भयावह स्थिति पैदा हुई है। दक्षिणी कर्नाटक का कोडागु ज़िला जिसे कूर्ग के नाम से जाना जाता है पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन जैसे संकट का सामना कर रहा है। उधर पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के 13 जिलों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी कर गई है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ कोडागु ज़िले में बाढ़ के चलते 14 अगस्त से लेकर अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस ने बताया कि 20 अगस्त तक 4,320 लोगों को बचाया गया है।

उधर कॉफी की उपज के लिए मशहूर पश्चिमी घाट पर स्थित पहाड़ी क्षेत्र के ज़िलों के कई हिस्सों में अभी सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। मानसूनी बारिश से निचले इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। ज्ञात हो कि बारिश जून के पहले सप्ताह में शुरू हुआ था। इसके चलते कोडागु की ओर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कें ब्लॉक हो गई है। 18 अगस्त तक की स्थिति के मुताबिक़ कोडागु में 123 किलोमीटर सड़क नष्ट हो गई है साथ ही 58 पुलिया, 278 सरकारी भवन और 3,899 बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

पहाड़ी पर बारिश और धुंध के चलते स्पष्ट दिखाई न देने के कारण हेलीकॉप्टर से पीड़ितों को एयरलिफ्ट कराना संभव नहीं है। उधर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 18 और 1 9 अगस्त को ज़िले के कई प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया है।

राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है। 18 अगस्त तक विभिन्न संगठनों के कम से कम 948 बचावकर्मी लगे हुए थे। आर्मी इंजीनियरिंग टास्क फोर्स की तरफ से कम से कम 75 नौकाएं और राफ्ट राहत व बचाव के लिए लगाए गए थे।

कोडागु ज़िले में बचावकर्मियों में डोगरा रेजिमेंट के 60 सैनिक; भारतीय नौसेना के 12 एक्सपर्ट गोताखोर (सतह बचावकर्मी); एनडीआरएफ के 31 सदस्य; अग्नि शमन सेवा, होम गार्ड और सिविल डिफेंस के 525 सदस्य; राफ्ट और रेस्क्यू इक्वीपमेंट के साथ सिविल डिफेंस (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) के 45 बचावकर्मी; और एनसीसी के लगभग 200 सदस्य शामिल हैं। ये सभी दिन रात राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

दक्षिणी कन्नड़ ज़िला भी जलमग्न हो गया है। यहां एनडीआरएफ के कम से कम 31 सदस्य और अग्नि सेवा, होम गार्ड और सिविल डिफेंस के 300 सदस्य सक्रिय हैं। मलनाद क्षेत्र के अन्य ज़िलों में भी बाढ़ आ गई है, हालांकि इनमें से कई घनी आबादी वाले नहीं हैं।

द हिंदू अख़बार के मुताबिक़ 18 अगस्त तक कोडागु ज़िले में 123 किमी सड़क, 58 पुलिया, 278 सरकारी भवन, और 3,8 99 बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचा है। कोडागु के लिए पांच मेडिकल टीम भी भेजी गई है। इस अख़बार के अनुसार, "बृहत बेंगलुरु महानगर पालिके ने 300 पूराकर्मिक, सात स्वास्थ्य निरीक्षकों और इंजीनियरों को तैनात किया है।" द हिंदू ने यह भी रिपोर्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 275 भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के हवाले से आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक़ 19 और 20 अगस्त के बीच 24 घंटों में कोडागु ज़िले में औसतन 6.1 सेमी बारिश हुई,जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में अधिकतम वर्षा 10.3 सेमी तक हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भविष्यवाणी की है कि उडुपी, उत्तर कन्नड़ और दक्षिणी कन्नड़ के तटीय जिलों में 22 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ तमिलनाडु के 13 ज़िलों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई थी। इन क्षेत्रों में मदुरई और थेनी के अलावा कावेरी डेल्टा क्षेत्र शामिल थे। राज्य में क़रीब 14,000 लोगों को निकाल कर राहत शिविरों में भेज दिया गया है। राज्य की बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।

थेनी ज़िले में वेगई बांध का दरवाज़ा खोल दिया गया और पानी छोड़ा गया था क्योंकि 19 अगस्त को पानी का स्तर 69 फीट तक पहुंच गया था। ज्ञात हो कि इस बांध की क्षमता 71 फीट तक है। थेनी और मदुरई ज़िलों से होकर बहने वाली वेगई नदी के तट पर रहने वाले लोगों को उसी दिन बाढ़ की चेतावनी दे दी गई थी और उन्हें खाली करा दिया गया था। टीओआई रिपोर्ट के अनुसार वेगई नदी में लगभग 3,302 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।

कावेरी नदी पूरी तरह भर गई है। 18 अगस्त की शाम को मेट्टूर बांध के स्टेनली रिजर्वोइयर से 2.05 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। ज़िले में कावेरी के किनारे वाली कृषि भूमि नष्ट हो गई है। लोगों को कावेरी डेल्टा के ज़िलों से निकाला गया है जिसमें सलेम, इरोड, नमक्कल, करूर और त्रिची शामिल है।

Cauvery river
Kodagu district Floods
Karnataka Floods
kerala floods

Related Stories

हमारा लक्ष्य केंद्र में एक वैकल्पिक धर्मनिरपेक्ष सरकार सुनिश्चित करना है : पिनारयी विजयन

केरल के बहाने कुछ ज़रूरी सवाल

केरल बाढ़: कैसे राज्य सरकार और लोगों ने इस तबाही का मुक़ाबला किया

हमारे असली नायक

केरल बाढ़: एक सप्ताह में 255 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश


बाकी खबरें

  • nationwide strike of scheme workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    स्कीम वर्करों की देशव्यापी हड़ताल 24 सितंबर को
    23 Sep 2021
    आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स यूनियन सम्बन्धित सीटू ने अपने बयान में बताया कि अखिल भारतीय आह्वान के तहत 24 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में भी पूर्ण हड़ताल की जाएगी। 
  • Himachal
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: जलशक्ति विभाग के मज़दूरों ने किया प्रदर्शन, कहा अगर मांगे नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन तेज़
    23 Sep 2021
    यूनियन ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आउटसोर्स कर्मियों को नियमित नहीं किया गया, उनके लिए नीति नहीं बनाई, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित न किया तथा उनसे आठ घण्टे से ज़्यादा कार्य लेना बंद न किया गया तो…
  • CPI(M)
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सोयाबीन, बाजरा और तिल की फसलें बर्बाद, किसानों को उच्चित मुआवज़ा दे सरकार: माकपा
    23 Sep 2021
    माकपा ने कहा है कि सोयाबीन, बाजरा और तिल उत्पादक किसानों को मुआवजे के लिए सिर्फ बीमा कंनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए क्योंकि एक तो सभी किसान सभी फसलों का बीमा करवाते नहीं हैं, दूसरा फसल बीमा…
  •  Kisan Morcha and trade unions
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    “27 सितम्बर के भारत बंद को बिहार के किसान-मज़दूर बनाएंगे ऐतिहासिक”
    23 Sep 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा व ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आहूत 27 सितम्बर के भारत बंद को सफल करने को लेकर भाकपा माले ने एक संयुक्त बैठक की।  माले ने कहा बाढ़, रोजगार और वायरल फीवर के कोहराम के मुद्दे को भी…
  • fact check
    प्रियंका झा
    जोधपुर में 2 परिवारों के बीच मारपीट का वीडियो हिंदू-मुस्लिम ऐंगल के साथ हुआ वायरल
    23 Sep 2021
    राजस्थान का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो में काफी हिंसा है. कई लोग डंडों से एक व्यक्ति को पीटते हुए दिख रहे है. जिस व्यक्ति को पीटा जा रहा है, उसके बदन से खून बह रहा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License